स्वतंत्र भारद्वाज पर शिकंजा: निशु आजाद केस में POCSO FIR, SC-ST एक्ट भी जुड़ा
जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता संजय कुमार से कथित मारपीट मामले में स्वतंत्र भारद्वाज पर शिकंजा कस गया है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें बुलंदशहर से हिरासत में लिया। मामले में POCSO की नई FIR और SC/ST एक्ट की धाराएं भी जुड़ी हैं।
Highlights:
- जंतर-मंतर मारपीट केस में स्वतंत्र भारद्वाज दिल्ली पुलिस ने किया अरेस्ट
- नाबालिग से जुड़ी शिकायत पर POCSO एक्ट में नई FIR दर्ज
- पहले से दर्ज FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं
- वायरल पॉडकास्ट क्लिप से विवाद ने पकड़ा तूल
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया। इसी बीच मामले में एक नाबालिग से जुड़ी शिकायत के आधार पर POCSO एक्ट के तहत नई FIR दर्ज की गई है, जबकि पहले से दर्ज मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
यह कार्रवाई उस समय हुई, जब स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP से जुड़े लोगों ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद आरोपी की तलाश तेज की गई।
जंतर-मंतर की घटना से शुरू हुआ विवाद
मामला जून 2026 में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज के बीच विवाद और मारपीट की घटना सामने आई थी। इसके बाद स्वतंत्र भारद्वाज पर हमला करने के आरोप लगे। घटना से संबंधित एक कथित पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें भारद्वाज द्वारा संजय कुमार पर हमला करने की बात स्वीकार करने का दावा किया गया। क्लिप में वह यह दावा करते हुए सुना गया कि उसने संजय कुमार का 'सिर फोड़ दिया' था, जिससे उन्हें ऐसी चोट आई कि 60 टांके लगाने पड़े, और फिर भी वे जेल जाने से बच गए।
भारद्वाज की सोशल मीडिया मौजूदगी पर नजर डालने से पता चलता है कि ऐसे बयान उसकी उस ऑनलाइन छवि से कोई अलग बात नहीं थी, जिसे उसने बनाया था। इस क्लिप के सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तूल पकड़ लिया। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया था कि दिल्ली में 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हुए कथित हमले के मामले में उसे 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस ने बुलंदशहर में चलाया ऑपरेशन
स्वतंत्र भारद्वाज की तलाश में दिल्ली पुलिस की टीम बुलंदशहर पहुंची। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस को उसके वहां मौजूद होने की सूचना मिली थी। टीम ने सादे कपड़ों में संभावित ठिकानों पर निगरानी की और इसके बाद उसे पकड़ लिया। कुछ रिपोर्टों में पुलिस के पहुंचने से पहले उसके बाइक से निकल जाने की भी बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने संभावित रास्तों और ठिकानों पर निगरानी बढ़ाई। आखिरकार पुलिस टीम उसे अपने कब्जे में लेने में सफल रही।
अब POCSO की नई FIR से बढ़ी मुश्किल
मामले में सबसे बड़ा नया घटनाक्रम POCSO एक्ट के तहत नई FIR का दर्ज होना है। पुलिस के मुताबिक यह शिकायत एक नाबालिग से संबंधित है। इसके अलावा पहले से दर्ज FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। इस तरह अब मामले की जांच केवल जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट तक सीमित नहीं रह गई है। पुलिस अलग-अलग शिकायतों और सामने आए डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
स्वतंत्र भारद्वाज का दावा- आत्मरक्षा में हुई कार्रवाई
स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए घटना को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि उन्हें कई लोगों ने घेर लिया था और स्थिति गंभीर हो सकती थी। उनके मुताबिक, इसी दौरान उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की और संजय कुमार के सिर पर चोट लगी। भारद्वाज ने यह भी दावा किया है कि घटना को लेकर उनके पास वीडियो साक्ष्य हैं। उन्होंने वायरल पॉडकास्ट क्लिप को फर्जी बताते हुए कहा कि उनके बयान को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया।
वायरल पॉडकास्ट क्लिप ने बढ़ाया विवाद
मामले में वायरल पॉडकास्ट क्लिप ने विवाद को और बढ़ाया। विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया गया कि क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज संजय कुमार के साथ मारपीट करने की बात कहते दिखाई दिए। दूसरी ओर भारद्वाज ने इस क्लिप की प्रामाणिकता और उसके अर्थ पर सवाल उठाए हैं। पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो, सोशल मीडिया सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
पुलिस कार्रवाई पर उठे थे सवाल
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी/हिरासत को लेकर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए CJP से जुड़े लोगों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने मामले में कड़ी कार्रवाई और SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने भारद्वाज की तलाश तेज की और बुलंदशहर तक टीम भेजी।
कपिल मिश्रा और चिराग पासवान पर भी दी सफाई
स्वतंत्र भारद्वाज ने उन दावों पर भी सफाई दी, जिनमें राजनीतिक प्रभाव के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने कपिल मिश्रा और चिराग पासवान को अपने भाइयों जैसा बताते हुए इन दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि कुछ बातें व्यंग्य के तौर पर कही गई थीं और उन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
अब जांच पर टिकी नजर
POCSO के तहत नई FIR, पहले मामले में SC/ST एक्ट जुड़ने और स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से पुलिस कार्रवाई के बाद इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित रहेगी कि जंतर-मंतर पर वास्तव में क्या हुआ, किसने किस पर हमला किया, वायरल वीडियो/पॉडकास्ट की वास्तविकता क्या है और नई शिकायतों में लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या है। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है और सामने आए आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है।
राजनीतिक हस्तियों से नजदीकी रखता था स्वतंत्र भारद्वाज
भारद्वाज के फेसबुक पेज के करीब 3,27,000 फॉलोअर्स हैं। उसका सोशल मीडिया अकाउंट पोस्ट हिंदुत्व, गौ-रक्षा, मुसलमानों और सर नों कार के आलोचकों पर हम कों लों से जुड़ी पोस्ट और राजनीतिक हस्तियों व सर यों कारी कार्यक्रमों में उनकी नजदीकी दिखाने वाली तस्वीरें भरी पड़ी हैं। ए जाने से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को स्वतंत्र भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर ट्रेंड्स में अपना नाम दिखाते हुए एक स्क्रीनशॉट साझा किया और कैप्शन लिखा, ''लव यू ऑल विरोधी'। स्वतंत्र भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें वह कलाई में पहने 'कड़े' को दिखा रहा है और उसके साथ कैप्शन लिखा था, '' फील द पावर!' (ताकत महसूस करें!)। यह दिल्ली पुलिस के उस बयान की ओर इशारा था जिसमें कहा गया था कि कुमार को चोट किसी हथियार से नहीं बहीं ल्कि 'कड़े' से लगी थी।
पीएम के शपथ ग्रहण में भी गया था स्वतंत्र भारद्वाज?
स्वतंत्र भारद्वाजके फेसबुक पेज पर 15 अगस्त को लाल किले पर उनकी तस्वीरें भी हैं, जिनमें ''सनातन नायक'' और 'गौरक्षक' जैसे हैशटैग इस्तेमाल किए गए हैं। एक और पोस्ट में, उसने रक्षा मंत्रालय की ओर से इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए उनके नाम पर जारी किया गया निमंत्रण-पत्र भी दिखाया है। स्वतंत्र भारद्वाज ने इसी तरह नौ जून, 2024 को नरेन्द्र मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए उन्हें मिले निमंत्रण पत्रों की तस्वीरें भी पोस्ट की थीं। स्वतंत्र भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच पर नेताओं के साथ तस्वीरें भी साझा की हैं, जिनमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ खींची खीं गई तस्वीरें शामिल हैं। पासवान ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि भारद्वाज ने उनके और दूसरे नेताओं के नाम का गलत
इस्तेमाल किया।
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