PM आवास के बाहर राहुल गांधी हिरासत में, 3 घंटे बाद रिहाई; सोनिया पहुंचीं थाने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष

PM आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। करीब तीन घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया। NEET पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध तेज हो गया।

PM आवास के बाहर राहुल गांधी हिरासत में, 3 घंटे बाद रिहाई; सोनिया पहुंचीं थाने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष
राहुल-प्रियंका समेत विपक्षी नेता हिरासत से रिहा।

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     HighLights:

  • पीएम आवास के बाहर धरने से राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए
  • लगभग 3 घंटे बाद राहुल, प्रियंका, खरगे और अखिलेश यादव सहित सभी नेताओं को रिहा किया गया
  • कांग्रेस ने NEET और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई
  • राहुल गांधी को हटाने से पहले सरकार की ओर से दो दौर की बातचीत हुई, लेकिन सहमति नहीं बनी

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): NEET पेपर लीक और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। प्रधानमंत्री आवास (लोक कल्याण मार्ग) के पास धरने पर बैठे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। करीब तीन घंटे बाद सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।

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राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद दोपहर करीब 3:30 बजे प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करते हुए पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें निर्धारित सुरक्षा घेरा पार करने से रोक दिया, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर जुट गए।

राहुल को सड़क से उठाकर बस में बैठाया

धरना समाप्त कराने के लिए पहले सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन ने राहुल गांधी से बातचीत की। करीब 20 मिनट चली वार्ता के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद शाम करीब 6:30 बजे भारी संख्या में पुलिस और पैरामिलिट्री बल मौके पर पहुंचे। राहुल गांधी धरने के दौरान सड़क पर लेट गए। कांग्रेस नेताओं ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। लगभग आधे घंटे तक पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की होती रही। अंततः पुलिसकर्मियों ने राहुल गांधी को उठाकर बस में बैठाया और हिरासत में ले लिया। उनके साथ प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल, दीपेंद्र हुड्डा सहित कई सांसदों को भी हिरासत में लिया गया।

छत्रसाल स्टेडियम और मंदिर मार्ग थाने ले जाए गए नेता

हिरासत के बाद अधिकांश नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, जबकि प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया। कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी प्रियंका से मिलने मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं। रात करीब 9:45 बजे सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।

प्रियंका गांधी बोलीं- छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती

रिहाई के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के युवाओं की मांग सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग भी दोहराई।

अखिलेश यादव ने छात्रों की मांग मानने की अपील की

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को छात्रों की मांग स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के साथ अन्याय हुआ है और विपक्ष संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगा।

कांग्रेस का आरोप- लोकतंत्र का दमन

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने विपक्ष की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया। दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और शिक्षा मंत्री को पद छोड़ देना चाहिए। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी राहुल गांधी को हिरासत में लेने की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

राहुल गांधी का सोशल मीडिया संदेश

हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि छात्रों के इंसाफ की लड़ाई रुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितना दबाव बनाए, युवाओं की आवाज को नहीं दबाया जा सकता।

सरकार का पक्ष भी आया सामने

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि सरकार संसद में NEET मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार थी। उनके अनुसार राहुल गांधी ने बाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अतिरिक्त मांग रख दी, जिसके कारण सहमति नहीं बन सकी।

संसद से सड़क तक जारी रहा हंगामा

NEET पेपर लीक, छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद के दोनों सदनों में भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। जब चर्चा की मांग पूरी नहीं हुई तो विपक्ष ने सड़क पर प्रदर्शन का रास्ता अपनाया। इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया।