JPSC में इस साल भर्ती पर ब्रेक! 21 जुलाई से ठप प्रक्रिया, 847 पदों का इंतजार

Jharkhand JPSC Recruitment 2026: 21 जुलाई से नियुक्ति प्रक्रिया ठप, अध्यक्ष-सदस्यों के पद रिक्त। 798 पदों की भर्ती विवादों में और 847 पदों पर नए विज्ञापन का इंतजार। जानें पूरी खबर।

JPSC में इस साल भर्ती पर ब्रेक! 21 जुलाई से ठप प्रक्रिया, 847 पदों का इंतजार
JPSC में इस साल नई नियुक्तियों पर ब्रेक!

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   HighLights:

  • जेपीएससी में 21 जुलाई से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह ठप, इस साल नई भर्तियों की उम्मीद कम
  • अध्यक्ष और सभी सदस्यों के पद रिक्त, आयोग के कामकाज पर असर
  • परीक्षा सुधार के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित, अनुशंसाओं के बाद होगा आगे का फैसला
  • 21 परीक्षाओं को रद करने का मामला हाईकोर्ट में लंबित, कई याचिकाओं पर फैसले का इंतजार
  • 798 पदों की नियुक्ति प्रक्रिया विवादों में, जबकि 847 पदों पर नए विज्ञापन का इंतजार

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए निराशाजनक खबर है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से इस वर्ष नई नियुक्तियां होने की संभावना बेहद कम नजर आ रही है। आयोग में 21 जुलाई से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह ठप है। एक तरफ अध्यक्ष और सभी सदस्यों के पद रिक्त हैं, तो दूसरी तरफ परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को रोकने के लिए व्यापक सुधार की कवायद चल रही है। इसके अलावा, 21 परीक्षाओं को रद किए जाने का मामला भी हाईकोर्ट में लंबित है। इन तमाम कारणों से नई नियुक्तियों और पहले से चल रही भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के बिना आगे नहीं बढ़ेगी प्रक्रिया

जेपीएससी में नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सबसे पहले आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों को भरना जरूरी है। फिलहाल आयोग में अध्यक्ष और सभी सदस्यों के पद खाली हैं। ऐसे में आयोग के कामकाज और नई भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया पर असर पड़ रहा है। राज्य सरकार को पहले इन महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति करनी होगी। इसके बाद ही आयोग की विभिन्न परीक्षा प्रक्रियाओं को गति मिलने की उम्मीद है। जब तक आयोग का नेतृत्व और सदस्य पदों की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक नई नियुक्तियों को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता बनी रह सकती है।

परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए गठित हुई उच्चस्तरीय कमेटी

जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकने और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की पहल की है। इसके लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी परीक्षा आयोजन, प्रक्रिया की पारदर्शिता और संभावित खामियों को दूर करने से संबंधित पहलुओं पर विचार कर अपनी अनुशंसाएं देगी। इन अनुशंसाओं के आधार पर राज्य स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। जरूरत के मुताबिक प्रस्ताव को कैबिनेट की सहमति के लिए भी भेजा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में एक से दो महीने का समय लगने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में आयोग की परीक्षा प्रणाली में सुधार और उसके बाद भर्ती प्रक्रिया को दोबारा गति देने में समय लग सकता है। हालांकि, नई नियुक्तियों की प्रक्रिया कब शुरू होगी, इसकी निश्चित समयसीमा फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

21 परीक्षाओं को रद करने का मामला हाईकोर्ट में

जेपीएससी की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर कानूनी अड़चनें भी बनी हुई हैं। आयोग की 21 परीक्षाओं को रद किए जाने से संबंधित मामला हाईकोर्ट में लंबित है। इस मामले में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इन याचिकाओं पर अदालत का क्या रुख रहता है और क्या आदेश जारी होते हैं, इसका असर संबंधित भर्ती प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है। इसलिए आयोग की नियुक्तियों का भविष्य केवल प्रशासनिक फैसलों पर ही नहीं, बल्कि लंबित न्यायिक मामलों के परिणाम पर भी निर्भर करेगा। अदालती मामलों के निपटारे, परीक्षा प्रणाली में सुधार और आयोग में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के बाद ही भर्ती प्रक्रिया की आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

798 पदों की नियुक्ति प्रक्रिया विवादों में

जेपीएससी की ओर से पहले कुल 798 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका था। इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन अधिसंख्य पदों से संबंधित नियुक्ति प्रक्रिया विवादों में घिर गई। परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों और विभिन्न मामलों के कारण अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जिन अभ्यर्थियों ने इन पदों के लिए आवेदन किया था, उन्हें अब आगे की प्रक्रिया और नियुक्ति की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। भर्ती प्रक्रिया में देरी का असर उन उम्मीदवारों पर भी पड़ रहा है, जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं और आयोग की परीक्षाओं के जरिए नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

847 पदों पर नए विज्ञापन का इंतजार

पुरानी नियुक्ति प्रक्रियाओं के बीच नई भर्तियों को लेकर भी अभ्यर्थियों की उम्मीदें अटकी हुई हैं। जानकारी के अनुसार, जेपीएससी के माध्यम से कुल 847 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित होना था। बताया जाता है कि विभिन्न विभागों से इन पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचनाएं जुलाई 2026 तक ही आयोग को मिल चुकी थीं। इसके बावजूद इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी होने का इंतजार बना हुआ है। आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के पद रिक्त होने, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की कवायद और अदालत में लंबित मामलों के कारण नई भर्तियों की समयसीमा स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इन 847 पदों पर विज्ञापन जारी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को आवेदन, परीक्षा और चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल नई भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को आयोग और राज्य सरकार के अगले फैसलों पर नजर रखनी होगी।

अभ्यर्थियों की निगाहें सरकार और जेपीएससी पर

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए जेपीएससी की भर्ती प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। ऐसे में नियुक्तियों में लगातार हो रही देरी से अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। अब सबसे अहम सवाल यह है कि आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति कब होगी, परीक्षा सुधार कमेटी अपनी अनुशंसाएं कब देगी और हाईकोर्ट में लंबित मामलों पर कब फैसला आएगा। इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही भर्ती प्रक्रिया की आगे की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस वर्ष नई नियुक्तियों की संभावना कम नजर आ रही है। हालांकि, इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। नई भर्तियों को लेकर वास्तविक स्थिति राज्य सरकार के फैसलों, आयोग की कार्यप्रणाली और अदालत के आदेशों के बाद ही स्पष्ट होगी।