Highlights:
- ओडिशा के जेल डीजी सुशांत कुमार नाथ पर पूर्व महिला जेलर ने लगाए गंभीर आरोप
- शिकायत में दो होटलों में अकेले मिलने के लिए बुलाने का दावा
- तस्वीर के साथ अश्लील इशारों वाले मैसेज भेजने का आरोप,FIR दर्ज
- मुलाकात से इनकार करने पर मानसिक प्रताड़ना और विभागीय कार्रवाई का दावा
भुवनेश्वर (Threesocieties.com Desk): ओडिशा पुलिस के वरिष्ठ IPS अधिकारी और जेल महानिदेशक (DG) सुशांत कुमार नाथ की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ एक पूर्व महिला जेलर ने यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, धमकी देने और पद का दुरुपयोग कर परेशान करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत पर कटक जिले के चौद्वार थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता की पहचान चौद्वार सर्किल जेल की पूर्व महिला जेलर संतोषिनी दाश के रूप में हुई है। उनका आरोप है कि जेल डीजी के मित्र कुलदीप रथ ने उन्हें दो अलग-अलग मौकों पर कटक के होटलों में रात के समय अकेले मिलने के लिए बुलाया था। आरोप है कि इस दौरान उन्हें अश्लील इशारों वाले संदेश भी भेजे गए।
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महिला जेलर का दावा है कि उन्होंने इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया तो उन्हें कथित रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। इस पूरे विवाद के बीच सोमवार को सुशांत कुमार नाथ का तबादला कर दिया गया। उन्हें गृह विभाग में ओएसडी नियुक्त किया गया है। हालांकि, तबादले को प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों से सीधे जोड़ने के संबंध में अलग से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
जेल के निरीक्षण के दौरान हुई थी मुलाकात
प्राथमिकी के अनुसार, 16 जून 2025 को जेल डीजी सुशांत कुमार नाथ चौद्वार सर्किल जेल के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। उस समय संतोषिनी दाश अवकाश पर थीं। 18 जुलाई 2025 को ड्यूटी पर लौटने के बाद जेल अधीक्षक के निर्देश पर संतोषिनी ने जेल डीजी को फोन किया। बातचीत के दौरान सुशांत कुमार नाथ ने उन्हें बताया कि उनके मित्र कुलदीप रथ जेल का दौरा करने आने वाले हैं। उन्होंने कुलदीप के दौरे के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा।
इसके बाद कुलदीप रथ चौद्वार जेल पहुंचे। शिकायत में कहा गया है कि निरीक्षण के बाद उन्होंने संतोषिनी दाश के साथ तस्वीर भी खिंचवाई। बाद में उनका मोबाइल नंबर लेकर तस्वीर भेजी गई। संतोषिनी का आरोप है कि तस्वीर के साथ कुलदीप रथ ने अश्लील इशारों वाले संदेश भी भेजे। महिला ने इसे अनुचित व्यवहार बताते हुए अपनी शिकायत में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख किया है।
दो बार होटल में डिनर के लिए बुलाने का आरोप
शिकायत में सबसे गंभीर आरोप अगस्त और सितंबर 2025 की घटनाओं को लेकर लगाए गए हैं। संतोषिनी दाश के मुताबिक, 29 अगस्त 2025 को कुलदीप रथ ने उन्हें फोन किया और कटक के ब्लास्ट नामक रेस्टोरेंट में रात के भोजन के लिए अकेले आने को कहा। उन्हें रेस्टोरेंट की लोकेशन भी भेजी गई। महिला जेलर का कहना है कि उन्होंने वहां जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद कुलदीप ने कथित तौर पर बताया कि सुशांत भाई यानी जेल डीजी सुशांत कुमार नाथ उनसे अकेले मिलना चाहते हैं।
आरोप है कि 25 सितंबर 2025 को कुलदीप रथ ने दोबारा फोन किया। इस बार उन्हें होटल प्रमोद में रात्रिभोज के लिए बुलाया गया। महिला के अनुसार, इस मुलाकात के लिए भी अकेले आने की बात कही गई थी। संतोषिनी ने दूसरी बार भी इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उनका आरोप है कि इनकार करने के बाद से ही उनके प्रति अधिकारियों का रवैया बदलने लगा और उन्हें निशाना बनाया जाने लगा।
मामला वापस लेने का दबाव और कार्रवाई की धमकी
महिला जेलर ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि चौद्वार सर्किल जेल से बिहार के दो अपराधियों के फरार होने के मामले के बाद विवाद और बढ़ गया। इस मामले में जेल अधीक्षक सुजीत कुमार राउल की अग्रिम जमानत ओडिशा हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद जेल डीजी ने कथित तौर पर किसी अन्य व्यक्ति के फोन से संतोषिनी से संपर्क किया और उन्हें डीजी कार्यालय बुलाया। संतोषिनी के मुताबिक, वह 7 और 8 सितंबर 2026 को डीजी कार्यालय पहुंची थीं। वहां सुशांत कुमार नाथ ने कथित तौर पर उनके व्यवहार, कुलदीप रथ के माध्यम से व्यक्तिगत मुलाकात के प्रस्ताव को ठुकराने और जेल अधीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर नाराजगी जताई।
शिकायत में कहा गया है कि जेल डीजी ने उनसे कथित तौर पर कहा कि यदि वह उनसे मिलने के लिए तैयार हो जातीं तो उन्हें इस तरह की परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।महिला का आरोप है कि जेल अधीक्षक सुजीत कुमार राउल के खिलाफ चौद्वार थाने में दर्ज प्राथमिकी वापस लेने के लिए भी उन पर दबाव बनाया गया। इनकार करने पर उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई करने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
पांच अलग-अलग विभागीय कार्रवाइयों का दावा
संतोषिनी दाश ने आरोप लगाया है कि 8 सितंबर 2026 को डीजी कार्यालय से लौटने के बाद ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई। उनके मुताबिक, बाद में उनके विरुद्ध पांच अलग-अलग विभागीय कार्रवाइयां की गईं। उन्होंने इन कार्रवाइयों को अपने कथित उत्पीड़न और व्यक्तिगत मुलाकात के प्रस्ताव को ठुकराने से जोड़ते हुए प्राथमिकी में अपना पक्ष रखा है। महिला का आरोप है कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाइयों का उद्देश्य उन्हें दबाव में लाना और पहले से दर्ज शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर करना था।
BNS की तीन धाराओं में FIR, पुलिस ने शुरू की जांच
चौद्वार थाने की पुलिस ने संतोषिनी दाश की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75(2), 351(2) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में केस नंबर 713/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। धारा 75(2) यौन उत्पीड़न से संबंधित प्रावधानों के तहत आती है, जबकि धारा 351(2) आपराधिक धमकी और धारा 3(5) साझा आपराधिक आशय से संबंधित है। कमिश्नरेट पुलिस ने प्राथमिकी की प्रति के साथ गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भी लिखित रूप से पूरे मामले की जानकारी दी है। कटक डीसीपी कार्यालय की ओर से प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि की गई है।
जेल DG का गृह विभाग में तबादला
विवाद के बीच वरिष्ठ IPS अधिकारी सुशांत कुमार नाथ को जेल महानिदेशक के पद से हटाकर गृह विभाग में ओएसडी नियुक्त कर दिया गया है। उनका नाम ओडिशा पुलिस के डीजी पद की दौड़ में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों में भी लिया जा रहा था। अब उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।