धनबाद में दुर्गा पूजा पर सख्ती : DJ पर बैन, पंडालों को NOC जरूरी, ड्रोन से होगी निगरानी
धनबाद में दुर्गा पूजा 2026 को लेकर प्रशासन सख्त है। DJ पर पूर्ण प्रतिबंध, पंडालों के लिए NOC और अंडरटेकिंग अनिवार्य। उत्कृष्ट समितियों को ₹51 हजार तक पुरस्कार मिलेगा।
HighLights:
- दुर्गा पूजा में DJ पर पूर्ण प्रतिबंध, लाउडस्पीकर के लिए समय और ध्वनि सीमा तय
- हर पूजा पंडाल को फायर, भवन और बिजली विभाग से NOC लेना अनिवार्य
- सुरक्षा मानकों के पालन के लिए पूजा समितियों को देना होगा अंडरटेकिंग
- उत्कृष्ट पूजा समितियों को ₹51 हजार तक नकद पुरस्कार
CCTV, ड्रोन और पुलिस निगरानी से संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी नजर
धनबाद (Threesocieties.com Desk): शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए धनबाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। पूजा के दौरान सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, यातायात, स्वच्छता, अग्नि सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर प्रशासन ने पूजा समितियों के लिए कई अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि पूजा पंडालों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पूजा समितियों को देना होगा अंडरटेकिंग
प्रशासन ने सभी पूजा समितियों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को लेकर अंडरटेकिंग देना अनिवार्य कर दिया है। समितियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पंडाल में प्रशासन की ओर से निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन हो। पंडाल निर्माण से लेकर बिजली व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था तक हर पहलू पर समितियों को जिम्मेदारी निभानी होगी।
तीन विभागों से NOC लेना होगा अनिवार्य
प्रशासन ने पंडालों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट व्यवस्था लागू की है। प्रत्येक पूजा पंडाल के लिए संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र यानी NOC लेना अनिवार्य होगा। इसके तहत— अग्निशमन विभाग से फायर सेफ्टी NOC, भवन प्रमंडल/पीडब्ल्यूडी से पंडाल की मजबूती संबंधी NOC व विद्युत विभाग से वायरिंग और विद्युत लोड सुरक्षा संबंधी NOC लेना जरूरी होगा।
ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल पर रोक
पंडाल निर्माण में सिंथेटिक, नायलॉन या अन्य ज्वलनशील पदार्थों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रत्येक पंडाल में वैधता वाले चालू अग्निशामक यंत्र, बालू से भरी बाल्टियां और फर्स्ट एड बॉक्स रखना अनिवार्य होगा। बिजली बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए इन्वर्टर या जेनरेटर जैसी वैकल्पिक बिजली व्यवस्था भी रखनी होगी।
महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश-निकास
भीड़ नियंत्रण को लेकर भी प्रशासन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पंडालों में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार तथा प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था करनी होगी। पंडाल परिसर में पर्याप्त बैरिकेडिंग, वेंटिलेशन और खोया-पाया केंद्र भी स्थापित करना होगा।
आई-कार्ड वाले वॉलंटियर संभालेंगे व्यवस्था
पूजा समितियों को पर्याप्त संख्या में वॉलंटियर तैनात करने होंगे। वॉलंटियर निर्धारित ड्रेस कोड और आई-कार्ड के साथ ड्यूटी करेंगे। सभी वॉलंटियरों की सूची और उनके मोबाइल नंबर संबंधित थाने में जमा कराने होंगे, ताकि किसी आपात स्थिति में उनसे तत्काल संपर्क किया जा सके।
CCTV और LED स्क्रीन से होगी निगरानी
प्रमुख पूजा पंडालों में इंटरनेट से जुड़े CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था भी करने के निर्देश दिए गए हैं। पंडालों में डायल 112, स्थानीय थाना और नियंत्रण कक्ष के नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने होंगे। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए ड्रोन और अन्य निगरानी व्यवस्था का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
DJ पर पूरी तरह प्रतिबंध
दुर्गा पूजा के दौरान प्रशासन ने DJ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। पूजा पंडालों के साथ-साथ विसर्जन जुलूस में भी DJ बजाने की अनुमति नहीं होगी।लाउडस्पीकर का इस्तेमाल निर्धारित समय और अनुमत ध्वनि सीमा के भीतर ही किया जा सकेगा। प्रशासन ने पूजा समितियों को इस नियम का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।
सुरक्षा और स्वच्छता में अव्वल समितियों को मिलेगा पुरस्कार
प्रशासन ने पूजा समितियों को सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने की भी पहल की है। 100 प्रतिशत सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का पालन करने वाली उत्कृष्ट पूजा समितियों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार की श्रेणी इस प्रकार होगी—
प्रथम पुरस्कार — ₹51,000
द्वितीय पुरस्कार — ₹41,000
तृतीय पुरस्कार — ₹31,000
चतुर्थ से दसवें पुरस्कार तक — ₹11,000 प्रत्येक
इससे पूजा समितियों के बीच बेहतर सुरक्षा, स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।
विसर्जन स्थलों पर गोताखोर और नाव रहेंगे तैनात
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रमुख जलाशयों और विसर्जन स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।विसर्जन स्थलों पर— मजिस्ट्रेट की तैनाती, पर्याप्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग, नाव, प्रशिक्षित गोताखोर, वॉच टावर व पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था रहेगी। विसर्जन जुलूस में शामिल वाहनों के चालकों के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य होगा। रास्ते में किसी वाहन के खराब होने की स्थिति से निपटने के लिए क्रेन की व्यवस्था भी रहेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि विसर्जन जुलूस में छोटे बच्चों को शामिल करने से बचें।
सड़क और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश
पूजा से पहले शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क एवं बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने पथ निर्माण विभाग और नगर निकायों को पूजा पंडालों तक जाने वाले रास्तों, मुख्य मार्गों और संपर्क सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने को कहा है। वहीं विद्युत विभाग को विशेष अभियान चलाकर जर्जर, लटकते और खतरनाक बिजली तारों तथा पोलों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गोविंदपुर समेत प्रमुख चौक-चौराहों से हटेगा अतिक्रमण
पूजा के दौरान जाम की समस्या को कम करने के लिए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की भी तैयारी शुरू कर दी है। गोविंदपुर मुख्य बाजार समेत विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख चौक-चौराहों से सड़क और फुटपाथ पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया गया है। अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पूजा के दौरान सड़कों पर ठेले, दुकानें और अन्य अवरोध यातायात में बाधा न बनें।
अस्पताल, CHC और PHC हाई अलर्ट पर
पूजा के दौरान संभावित स्वास्थ्य आपात स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है। सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवाइयां, एंबुलेंस, आपातकालीन वार्ड और पर्याप्त बेड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही प्रमुख पूजा पंडालों में मेडिकल टीम तैनात करने को कहा गया है।
खाद्य स्टॉलों की होगी सघन जांच
पूजा के दौरान पंडालों और आसपास लगने वाले खाद्य स्टॉलों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा तेल, मसाले, दूध-पनीर से बने उत्पाद, चाट-पकौड़ी और पेय पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। साफ-सफाई के मानकों का उल्लंघन करने अथवा मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं की सुरक्षा पर पुलिस की विशेष नजर
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले पंडालों, मेलों और बाजारों में महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा गया है। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। असामाजिक तत्वों और मनचलों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर
पूजा के दौरान अफवाह फैलाने और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। इसके लिए विशेष साइबर मॉनिटरिंग सेल सक्रिय किया गया है।प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट सूचना को साझा नहीं करने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
संदिग्ध वस्तु दिखे तो तुरंत पुलिस को दें सूचना
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। यदि किसी पंडाल, बाजार या भीड़भाड़ वाले स्थान पर कोई लावारिस बैग, खिलौना या अन्य संदिग्ध वस्तु दिखाई देती है, तो उसे छूने या खोलने के बजाय तत्काल डायल 112 या नजदीकी पुलिसकर्मी को सूचना देने को कहा गया है।
बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
भीड़भाड़ वाले पंडालों में बच्चों के साथ आने वाले अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने सुझाव दिया है कि बच्चों की जेब में उनके नाम, पता और मोबाइल नंबर वाली पर्ची जरूर रखी जाए, ताकि बच्चा भीड़ में अलग हो जाने पर आसानी से परिजनों तक पहुंच सके। लोगों से कीमती आभूषणों से बचने और दोपहिया वाहनों में डबल लॉक का इस्तेमाल करने की भी अपील की गई है।
आम लोगों से प्रशासन ने मांगा सहयोग
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने में सहयोग की अपील की है। अनावश्यक निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने, यातायात नियमों का पालन करने और पुलिस-प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि पूजा आस्था और उत्सव के साथ-साथ सुरक्षा, स्वच्छता और अनुशासन के साथ मनाई जाए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, नगर आयुक्त आशीष गंगवार, ग्रामीण एसपी एस. मो. याकूब, प्रशिक्षु आईपीएस अंकित सिन्हा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर अरविंद कुमार ओझा, अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे, निदेशक डीआरडीए राजीव रंजन समेत सभी अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर, थाना प्रभारी तथा पथ निर्माण, स्वास्थ्य, विद्युत और अग्निशमन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।




