सुदामडीह दुष्कर्म केस: आरा स्टेशन से तीनों फरार आरोपी दबोचे गये, मोबाइल में मिले आपत्तिजनक फोटो-वीडियो
दामडीह नाबालिग दुष्कर्म केस में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरा स्टेशन के पास से तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया। चार मोबाइल बरामद हुए, जिनमें आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिलने का पुलिस ने दावा किया है।
HighLights:
- आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन बरामद
- मोबाइल में मामले से जुड़े आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिलने का पुलिस का दावा
- मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए पुलिस पहुंची आरोपियों तक
- पहचान छिपाने के लिए एक आरोपी ने सिर के बाल मुंडवाये
धनबाद (Threesocieties.com Desk): सुदामडीह थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग आदिवासी किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में धनबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे तीन आरोपियों को बिहार के आरा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी धनबाद से फरार होकर बिहार पहुंचे थे और आरा स्टेशन के आसपास छिपे हुए थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजान अंसारी (19), रंजन कुमार साव (35) और दयाशंकर यादव (20) के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद सोमवार को धनबाद जेल भेज दिया। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किये गये हैं। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन की जांच में मामले से संबंधित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिले हैं।
मोबाइल लोकेशन ने खोला फरार आरोपियों का रास्ता
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सुदामडीह थाना प्रभारी आकृष्ट अमन के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गयी थी। टीम ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। इस टीम में पाथरडीह थाना प्रभारी बिट्टू कुमार, तिसरा थाना प्रभारी प्रभात रंजन कुमार और अफरोज आलम शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तीनों आरोपी धनबाद के भूली स्टेशन से एक साथ ट्रेन पकड़कर बिहार के भोजपुर जिले के आरा के लिए रवाना हुए थे। आरा पहुंचने के बाद दयाशंकर यादव एक रिश्तेदार के यहां चला गया, जबकि तीनों आरोपियों ने स्टेशन के पास स्थित पवना लॉज में शरण ली थी।
पुलिस से बचने के लिए बदला हुलिया
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने और पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने अपना हुलिया बदलने की कोशिश की। रंजन कुमार साव ने अपने सिर के बाल मुंडवा लिये थे। वहीं दयाशंकर यादव भी बाल मुंडवाने के लिए सैलून पहुंचा था। पुलिस टीम को उसकी गतिविधियों की जानकारी मिल गयी और सैलून से ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरी ओर, अजान अंसारी और रंजन कुमार साव की तलाश जारी रही। जांच में यह भी सामने आया कि रंजन कुमार साव का एक दोस्त भूली में रहता है। पुलिस के अनुसार, रंजन का दोस्त मोटरसाइकिल लेकर भूली पहुंचा था और उसकी मदद से तीनों आरोपियों ने वहां से निकलने की कोशिश की थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी गतिविधियों को ट्रैक करना शुरू किया।
आरा स्टेशन के पास घेराबंदी, दो आरोपी भी गिरफ्तार
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी आरा से आगे फरार होने की तैयारी में हैं। इसके बाद विशेष टीम ने आरा स्टेशन के आसपास घेराबंदी कर दी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान अजान अंसारी सामने से आता दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही उसने भागने की कोशिश की और रंजन कुमार साव को भी भागने का इशारा किया। पुलिस टीम ने दोनों का पीछा किया और उन्हें पकड़ लिया। वहीं दयाशंकर यादव को पहले ही सैलून से गिरफ्तार किया जा चुका था। इस तरह पुलिस ने तीनों फरार आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया।
चार मोबाइल बरामद, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिलने का दावा
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन बरामद किये। पुलिस के अनुसार, मोबाइल की जांच में मामले से संबंधित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिले हैं। पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को मामले की जांच में महत्वपूर्ण मान रही है। बरामद डिजिटल साक्ष्यों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। जांच टीम मोबाइल फोन से जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि घटना की पूरी कड़ी को वैज्ञानिक तरीके से जोड़ा जा सके।
स्कूल रिकॉर्ड से सत्यापित की गयी किशोरी की उम्र
आरोपियों को जेल भेजने से पहले पुलिस टीम ने किशोरी की उम्र के संबंध में स्कूल रिकॉर्ड का सत्यापन किया। पुलिस के अनुसार, स्कूल के नामांकन पंजी में दर्ज जन्मतिथि और उम्र की जांच की गयी है। पुलिस ने बताया कि सोमवार को किशोरी का न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान भी दर्ज कराया गया। जांच में किशोरी के बयान के साथ अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी शामिल किया जा रहा है।
डीएनए जांच के लिए कोर्ट से अनुमति लेगी पुलिस
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार करने की बात कही है। हालांकि मामले में आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर होगी। पुलिस अब मामले को और मजबूत करने के लिए चारों आरोपियों का डीएनए परीक्षण कराने की अनुमति न्यायालय से लेने की तैयारी कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच में तकनीकी साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों को शामिल किया जा रहा है। सुदामडीह पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस बरामद मोबाइल फोन, आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री, मेडिकल साक्ष्य और डीएनए जांच पर है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच कर आवश्यक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किये जायेंगे।
नोट: नाबालिग पीड़िता की पहचान कानूनन संरक्षित है। इसलिए उसकी पहचान उजागर करने वाली कोई व्यक्तिगत जानकारी प्रकाशित नहीं की गयी है।
Threesocieties News Desk 



