बंगाल में TMC नेता आशीष बनर्जी की संदिग्ध मौत, पार्टी दफ्तर में फंदे से मिला शव; सुसाइड नोट से सियासी हड़कंप
पश्चिम बंगाल के बीरभूम में पूर्व मंत्री और पांच बार के विधायक आशीष बनर्जी का शव TMC कार्यालय में फंदे से मिला। पुलिस को कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
HighLights:
- बीरभूम के रामपुरहाट स्थित टीएमसी कार्यालय में मिला आशीष बनर्जी का शव
- 75 वर्षीय आशीष बनर्जी रामपुरहाट से पांच बार विधायक रह चुके थे
- पुलिस को मौके से एक पन्ने का कथित सुसाइड नोट मिला
- नोट में लिखा- “मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है”
कोलकाता (Threesocieties.com Desk): पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट से रविवार को एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और रामपुरहाट से पांच बार विधायक रह चुके आशीष बनर्जी का शव पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला। 75 वर्षीय आशीष बनर्जी लंबे समय तक बंगाल की राजनीति में सक्रिय रहे थे और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री तथा विधानसभा के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे।
पुलिस के अनुसार, उनका शव रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में मिला। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। घटनास्थल से एक पन्ने का कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस अब नोट की प्रामाणिकता और उसमें लिखी बातों की फोरेंसिक जांच कराने की तैयारी में है।
सुसाइड नोट में क्या लिखा?
पुलिस को मिले कथित सुसाइड नोट में आशीष बनर्जी ने लिखा है कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। नोट में उन्होंने राजनीति में आने को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल बताया है। कथित नोट में उन्होंने अपने पेशेवर जीवन और अपनी साफ-सुथरी छवि का भी उल्लेख किया है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने जीवन में कभी गलत तरीके से पैसे नहीं लिए और जरूरतमंद छात्रों को बिना फीस के पढ़ाया। नोट में तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) में खुद को दरकिनार किए जाने और अपनी छवि खराब करने की कथित कोशिशों का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने खुद को भ्रष्टाचार से दूर बताते हुए अपमान और मानसिक पीड़ा की बात कही है।बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने परिवार की आने वाली पीढ़ियों को राजनीति में नहीं आने की सलाह भी दी है। हालांकि, सुसाइड नोट में लिखी बातों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पांच बार रामपुरहाट से विधायक रहे आशीष बनर्जी
आशीष बनर्जी का बंगाल की राजनीति में लंबा राजनीतिक सफर रहा। वह रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2001 से 2026 तक उन्होंने इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में आशीष बनर्जी ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह मंत्री रहने के अलावा विधानसभा के उपाध्यक्ष भी रहे। शिक्षा और कृषि विभाग की जिम्मेदारी भी उनके पास रही। हालांकि, हाल में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें बड़ा राजनीतिक झटका लगा। भाजपा उम्मीदवार ध्रुव साहा ने उन्हें चुनाव में हरा दिया। चुनावी हार के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चाएं थीं।
राजनीतिक अलगाव के बीच मौत से उठे सवाल
आशीष बनर्जी की मौत ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं को लेकर राजनीतिक और कानूनी दबाव की चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में पार्टी कार्यालय में उनकी मौत और कथित सुसाइड नोट सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी मौत के पीछे वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, कथित सुसाइड नोट और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस कर रही जांच
रामपुरहाट थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस कथित सुसाइड नोट की जांच के साथ-साथ घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। फिलहाल पुलिस आत्महत्या की आशंका जता रही है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस यह भी जांच करेगी कि घटनास्थल की परिस्थितियां और कथित सुसाइड नोट एक-दूसरे से मेल खाते हैं या नहीं।
TMC समेत राजनीतिक हलकों में शोक
आशीष बनर्जी के निधन की खबर सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस के साथ-साथ बंगाल के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। लंबे समय तक विधायक और मंत्री रहे आशीष बनर्जी के अचानक निधन से उनके समर्थकों और परिचितों में भी मायूसी है।उनके राजनीतिक सफर और रामपुरहाट की राजनीति में उनकी भूमिका को देखते हुए उनके निधन को तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।




