ईरबा फेसबुक लाइव से कांग्रेस में भूचाल: मुस्लिम विरोधी टिप्पणी पर 2 नेता सस्पेंड, के. राजू के रांची दौरे से पहले कार्रवाई पर उठे सवाल

ईरबा सड़क जाम के दौरान फेसबुक लाइव में अल्पसंख्यक समुदाय पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में झारखंड कांग्रेस ने अभिलाष साहू और अमरेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया। जानिए पूरा मामला और के. राजू के रांची दौरे से पहले कार्रवाई पर उठे सवाल।

ईरबा फेसबुक लाइव से कांग्रेस में भूचाल: मुस्लिम विरोधी टिप्पणी पर 2 नेता सस्पेंड, के. राजू के रांची दौरे से पहले कार्रवाई पर उठे सवाल
मुस्लिम विरोधी टिप्पणी पर अभिलाष साहू और अमरेंद्र सिंह सस्पेंड।

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  • ईरबा सड़क जाम के दौरान फेसबुक लाइव में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला
  • अभिलाष साहू और अमरेंद्र सिंह को कांग्रेस ने प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया
  • दोनों नेताओं पर अल्पसंख्यक समुदाय का कथित उपहास उड़ाने का आरोप
  • शहजादा अनवर और अनवार अंसारी ने कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध जताया था

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड कांग्रेस में ईरबा सड़क जाम के दौरान हुए एक फेसबुक लाइव को लेकर सियासी और संगठनात्मक हलचल तेज हो गई है। लाइव वीडियो के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में प्रदेश कांग्रेस ने अपने दो नेताओं अभिलाष साहू और अमरेंद्र सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दोनों नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है।

कांग्रेस की ओर से जारी कार्रवाई संबंधी पत्र में कहा गया है कि झारखंड प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ने ईरबा सड़क जाम के दौरान वायरल हुए वीडियो मामले की सुनवाई की। इसके बाद दोनों नेताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करने का फैसला लिया गया। इस कार्रवाई के बाद झारखंड कांग्रेस के भीतर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। खासकर कार्रवाई के समय को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता संजय लाल पासवान के बेटे के कार्यक्रम से लौटने के दौरान अभिलाष साहू और अमरेंद्र सिंह ईरबा इलाके में पहुंचे। इसी दौरान सड़क जाम मिला। दोनों नेता कथित तौर पर फेसबुक पर लाइव थे। इसी लाइव के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगा। लाइव देख रहे लोगों के बीच बातचीत का हिस्सा तेजी से वायरल हो गया। आरोपों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने मुसलमानों को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी टिप्पणी की। वीडियो सामने आने के बाद मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा और कांग्रेस संगठन के भीतर विरोध शुरू हो गया।

शहजादा अनवर और अनवार अंसारी ने उठाया मामला

वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस नेता शहजादा अनवर और अनवार अंसारी ने दोनों नेताओं के खिलाफ विरोध जताया और पार्टी स्तर पर कार्रवाई की मांग उठाई। मामले ने धीरे-धीरे पार्टी की अनुशासन व्यवस्था और अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिबद्धता से जुड़े सवालों का रूप ले लिया। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के स्तर पर मामले को देखा गया। सुनवाई के बाद दोनों नेताओं पर कार्रवाई का फैसला लिया गया।

कौन हैं कार्रवाई की जद में आए दोनों नेता?

अभिलाष साहू झारखंड कांग्रेस में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जबकि अमरेंद्र सिंह पार्टी में को-ऑर्डिनेटर के पद पर थे। यानी कार्रवाई केवल सामान्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ नहीं, बल्कि संगठन में जिम्मेदारी संभाल रहे दो नेताओं के खिलाफ हुई है। यही वजह है कि इस फैसले को कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण अनुशासनात्मक कार्रवाई माना जा रहा है।

के. राजू के रांची आने से पहले कार्रवाई क्यों?

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू के रांची दौरे को लेकर है। के. राजू के रांची आने और आदिवासी महासभा से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम बताया जा रहा है। ऐसे में पार्टी के भीतर यह चर्चा है कि यदि दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तो उनके रांची दौरे के दौरान ही इस मुद्दे को लेकर विरोध या प्रदर्शन की स्थिति बन सकती थी। इसी वजह से पार्टी के भीतर कुछ लोग कार्रवाई को ‘रास्ता साफ करने’ की कोशिश के तौर पर भी देख रहे हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि के. राजू के रांची दौरे की वजह से दोनों नेताओं पर कार्रवाई की गई। पार्टी ने अपने आदेश में कार्रवाई का आधार अनुशासन समिति की सुनवाई और उसके फैसले को बताया है।

क्या कांग्रेस के लिए बढ़ सकती है मुश्किल?

झारखंड की राजनीति में अल्पसंख्यक मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में कांग्रेस के दो नेताओं पर मुस्लिम विरोधी टिप्पणी के आरोप और उसके बाद हुई कार्रवाई ने पार्टी के भीतर राजनीतिक संवेदनशीलता बढ़ा दी है। एक तरफ पार्टी ने कार्रवाई कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी तरफ, कार्रवाई के समय और उसके राजनीतिक प्रभाव को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। अब नजर इस बात पर होगी कि के. राजू के रांची दौरे के दौरान यह मुद्दा कितना तूल पकड़ता है और पार्टी नेतृत्व इस मामले को लेकर आगे क्या रुख अपनाता है।