Wasseypur Gang War: फहीम खान पर AK-47 से हमला, 22 साल बाद 3 दोषी; 3 अक्टूबर को सजा

वासेपुर गैंगस्टर फहीम खान पर 2004 में हुए AK-47 हमले के मामले में 22 साल बाद तीन आरोपी दोषी करार। जानें पूरे मामले की कहानी।

Wasseypur Gang War: फहीम खान पर AK-47 से हमला, 22 साल बाद 3 दोषी; 3 अक्टूबर को सजा
धनबाद कोर्ट 3 अक्टूबर को दोषियों की सजा पर फैसला सुनायेगा।

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  • 29 जनवरी 2004 को वासेपुर में फहीम खान पर AK-47 समेत अत्याधुनिक हथियारों से हुआ था हमला
  • धनबाद की अदालत ने 22 साल पुराने मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया 
  • साहिब आलम, मुहम्मद शहादत हुसैन और तनवीर आलम को दोषी ठहराया गया 
  • हमले के दौरान फहीम खान ने छत पर कूदकर बचाई थी अपनी जान, बॉडीगार्ड की हुई थी मौत 

धनबाद (Threesocieties.com Desk): वासेपुर के चर्चित गैंगवार से जुड़े 22 साल पुराने मामले में धनबाद की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 2004 में गैंगस्टर फहीम खान पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 3 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने मामले में साहिब आलम, मुहम्मद शहादत हुसैन और पटना निवासी कथित शूटर तनवीर आलम को दोषी ठहराया है। यह वही मामला है, जिसमें करीब 22 साल पहले वासेपुर में फहीम खान के घर और परिवार को निशाना बनाकर AK-47 समेत अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी।

29 जनवरी 2004 की रात दहला था वासेपुर

मामला 29 जनवरी 2004 की रात का है। वासेपुर के कमर मखदूमी रोड स्थित फहीम खान के घर पर हथियारबंद अपराधियों ने हमला कर दिया था। रिपोर्टों के मुताबिक हमलावरों ने कई AK-47 से फायरिंग की थी। उस समय फहीम खान ने पड़ोसी की छत पर कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई थी। हमले में फहीम खान के बॉडीगार्ड विनोद शर्मा की मौत हो गई थी। एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की भी बात सामने आई थी। घटना के बाद पुलिस ने हथियार और गोलियां बरामद किए जाने की जानकारी दी थी।

पुलिस और हमलावरों के बीच हुई थी मुठभेड़

हमले के बाद अपराधियों के भागने के दौरान पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने उनका पीछा किया था। इसके बाद पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ की भी बात सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार इस दौरान एक कथित शूटर सुल्तान मारा गया था, जबकि कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने मौके से AK-47 की मैगजीन और जिंदा कारतूस समेत अन्य हथियार बरामद किए थे।

फहीम खान के बयान पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी

हमले के बाद फहीम खान की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। समय के साथ ट्रायल की प्रक्रिया लंबी होती गई और कुछ आरोपियों की मुकदमे के दौरान मौत हो गई, जबकि कुछ आरोपी फरार रहे। मामले की सुनवाई के दौरान फहीम खान, उनके भाई शेर खान और अन्य गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने अब तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है।

22 साल बाद आया फैसला

यह मामला दो दशक से ज्यादा समय तक अदालत में चला। इससे पहले अदालत ने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुनाने के लिए तारीख निर्धारित की थी। 23 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन आरोपी तनवीर आलम के अदालत में उपस्थित नहीं होने के कारण फैसला टाल दिया गया था। अदालत ने तीनों आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 28 सितंबर की तारीख तय की थी। अब अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। अगला अहम चरण सजा के बिंदु पर सुनवाई का होगा, जिसके लिए 3 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है।

'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से भी जुड़ा रहा है यह घटनाक्रम

वासेपुर के गैंगवार और फहीम खान से जुड़े कई घटनाक्रमों ने देशभर में सुर्खियां बटोरी हैं। वासेपुर के अपराध जगत की पृष्ठभूमि पर बनी चर्चित फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के कारण भी इस इलाके और यहां के गैंगवार की घटनाओं को व्यापक पहचान मिली। मीडिया रिपोर्टों में 2004 के इस हमले को भी वासेपुर के चर्चित गैंगवार के घटनाक्रमों में शामिल किया गया है।

अब आगे क्या?

तीनों आरोपियों के दोषी करार दिए जाने के बाद अब अदालत में सजा के बिंदु पर बहस होगी। 3 अक्टूबर को अदालत यह तय करेगी कि दोषी ठहराए गए तीनों आरोपियों को किन धाराओं में और कितनी सजा दी जाए। इसके बाद इस 22 साल पुराने मामले का एक और महत्वपूर्ण न्यायिक चरण पूरा होगा।