Highlights:

  • झारखंड के पूर्व श्रम मंत्री केएन त्रिपाठी बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन के महामंत्री चुने गए
  • अध्यक्ष कमल दूबे की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से हुआ चयन
  • दिवंगत नेता ददई दूबे की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी
  • मजदूरों की समस्याओं का समाधान और उनके हितों की रक्षा होगी प्राथमिकता

बोकारो (Threesocieties.com Desk): झारखंड सरकार के पूर्व श्रम मंत्री केएन त्रिपाठी को बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन का नया महामंत्री चुना गया है। रविवार को यूनियन कार्यालय में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से यह जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही त्रिपाठी अब दिवंगत मजदूर नेता ददई दूबे की विरासत को आगे बढ़ाने की भूमिका निभाएंगे।

यूनियन के अध्यक्ष कमल दूबे की अध्यक्षता में हुई बैठक में महामंत्री का पद रिक्त होने के बाद नए महामंत्री के चयन पर चर्चा की गई। इस दौरान केएन त्रिपाठी के नाम का प्रस्ताव रखा गया, जिसे कार्यकारिणी के सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। उनके चयन के बाद यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया।

त्रिपाठी के महामंत्री बनने को यूनियन के संगठनात्मक नेतृत्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब उनके सामने मजदूरों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाने, कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और प्रबंधन के साथ बेहतर औद्योगिक संबंध बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।

मजदूरों के हितों की रक्षा होगी प्राथमिकता

महामंत्री चुने जाने के बाद केएन त्रिपाठी ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट के कर्मचारी उत्पादन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उनके प्रयासों से न केवल संयंत्र की प्रगति हो रही है, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना और उनके हितों की रक्षा करना यूनियन की प्राथमिकता है। मजदूरों की जायज मांगों को उठाने और उनके समाधान के लिए यूनियन हर जरूरी कदम उठाएगी। त्रिपाठी ने कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। मजदूरों की समस्याओं का समय पर समाधान होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और संयंत्र में कामकाज का बेहतर माहौल कायम रहेगा।

प्रबंधन से मजदूर हित में सकारात्मक निर्णय लेने की अपील

केएन त्रिपाठी ने बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन से मजदूरों के हित में उठाई गई मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर उचित पहल होने से औद्योगिक संबंध बेहतर होंगे। उन्होंने औद्योगिक शांति बनाए रखने पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय किसी भी औद्योगिक प्रतिष्ठान की प्रगति के लिए जरूरी है। मजदूरों की समस्याओं का समाधान और उनके हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना यूनियन की जिम्मेदारी है।

यूनियन के नाम पर गलत लोगों को प्रश्रय नहीं देने की चेतावनी

नवनिर्वाचित महामंत्री ने प्लांट के उच्च पदस्थ अधिकारियों को आगाह किया कि यूनियन के नाम पर गलत लोगों को प्रश्रय नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने औद्योगिक संबंध विभाग के अधिकारियों से भी कहा कि यूनियन की कार्यक्षमता और उसके सदस्यों को लेकर उच्च प्रबंधन को गुमराह नहीं किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूनियन के कामकाज और उसकी भूमिका के संबंध में सही जानकारी प्रबंधन तक पहुंचनी चाहिए। औद्योगिक संबंधों में पारदर्शिता और उचित संवाद से ही कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी पहल संभव है।

ददई दूबे की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी

दिवंगत नेता ददई दूबे की विरासत को आगे बढ़ाना केएन त्रिपाठी के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन के महामंत्री के रूप में उन्हें कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने और संगठन की भूमिका को प्रभावी बनाए रखने की चुनौती का सामना करना होगा। मजदूरों की मांगों को प्रबंधन के समक्ष रखना, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए पहल करना और संयंत्र में औद्योगिक शांति बनाए रखने में योगदान देना उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र होंगे।

बैठक में कई पदाधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यकारिणी की बैठक का संचालन संयुक्त महामंत्री गोपाल ठाकुर ने किया। बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. आईडी पासवान, उपाध्यक्ष अजय चौबे, मोहन दूबे, जगदीश पांडेय, संतोष कुमार राय, मंतोष कुमार पांडेय, रमेश राय, आरके मिश्रा, संजय कुमार ठाकुर, अजय कुमार, अनिल प्रसाद, यूके मंडल, वीरेंद्र कुमार, उमेश मेहरा, संजीव कुमार, शिव प्रसाद, प्रवीण पांडेय, एनके ठाकुर, मनीष मिश्रा, महेंद्र प्रसाद मेहता और सोमनाथ पाल समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे। इसके अलावा चिड़िया माइंस, किरीबुरु क्षेत्र और अन्य स्थानों से आए प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।