HighLights:

  • शोपियां पुलिस ने आतंकी फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया,10 आरोपी गिरफ्तार
  • लश्कर-ए-तैयबा और TRF के लिए फंड जुटाने का आरोप,ऑनलाइन पेमेंट के जरिए संदिग्ध लेनदेन 
  • आम लोगों से गुप्त रूप से पैसे इकट्ठा करने व आतंकियों को स्मार्टफोन और लॉजिस्टिक सपोर्ट की आशंका 

श्रीनगर (Threesocieties.com Desk): जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शोपियां पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने आतंकी संगठनों के लिए कथित तौर पर फंड जुटाने वाले एक बड़े टेरर फाइनेंसिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में आरोपियों के तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उससे जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की गतिविधियों से जुड़ते नजर आए हैं।

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पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क जम्मू-कश्मीर के भीतर सक्रिय था और कथित तौर पर आम लोगों से गुप्त तरीके से पैसे इकट्ठा कर आतंकी गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद पहुंचाने का काम कर रहा था। जांच में संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन और आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराने से जुड़े पहलू भी सामने आए हैं।

संदिग्ध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से खुला आतंकी फंडिंग नेटवर्क

शोपियां पुलिस ने संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की गहन जांच के बाद इस नेटवर्क का पता लगाया। जांच एजेंसियों ने अलग-अलग पेमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए हुए ऑनलाइन लेनदेन का विश्लेषण किया। इस दौरान पैसों के लेनदेन की कई कड़ियां सामने आईं। पुलिस को जांच में ऐसे लोगों के नेटवर्क का पता चला, जिन पर कथित तौर पर आतंकवादियों और उनके सहयोगियों तक आर्थिक मदद पहुंचाने का आरोप है। बताया गया है कि इस नेटवर्क के कुछ संपर्क अलग-अलग जेलों में बंद आतंकवादियों और उनके सहयोगियों से भी जुड़े हुए थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।

लश्कर और TRF के लिए जुटाया जा रहा था फंड

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर आम जनता से गुप्त तरीके से पैसे इकट्ठा कर रहे थे। इसके बाद स्थापित वित्तीय माध्यमों और पेमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए यह रकम आतंकी संगठनों की गतिविधियों के लिए भेजी जा रही थी। पुलिस के अनुसार, इस फंडिंग नेटवर्क का संबंध लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की गतिविधियों से होने का संदेह है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस पैसे का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और उनके नेटवर्क को मजबूत करने में किया जा रहा था।

स्मार्टफोन और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने का भी आरोप

इस मामले में केवल पैसों के लेनदेन की ही जांच नहीं हो रही है, बल्कि आतंकियों को उपलब्ध कराए जा रहे लॉजिस्टिक सपोर्ट की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपियों पर आतंकियों और उनके सहयोगियों को स्मार्टफोन जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आरोप सामने आया है। ऐसे संसाधनों का इस्तेमाल आतंकी नेटवर्क के संचालन और संपर्क बनाए रखने में किए जाने की आशंका जताई गई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के जरिए कितनी रकम जुटाई गई और इसका इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया गया।

FIR दर्ज, दूसरे आरोपियों की तलाश में पुलिस

इस मामले में शोपियां पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी संख्या 231/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस अब आरोपियों के वित्तीय लेनदेन, बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट से जुड़े रिकॉर्ड तथा उनके संपर्कों की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा फंडिंग की रकम किन-किन माध्यमों से आगे भेजी जाती थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान होने पर आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।