चतरा में 60 घंटे बाद खत्म हुआ आंदोलन: CRPF जवान की मौत पर मिला ₹10 लाख मुआवजा, कोयला वाहनों पर रोक

Chatra News: चतरा-सिमरिया मार्ग पर CRPF जवान लक्ष्मण कुमार यादव की मौत के विरोध में 60 घंटे से जारी आंदोलन प्रशासन से समझौते के बाद समाप्त हो गया। मृतक परिवार को ₹10 लाख मुआवजा, कोयला वाहनों पर रोक और सामान्य यातायात बहाल।Chatra News: चतरा-सिमरिया मार्ग पर CRPF जवान लक्ष्मण कुमार यादव की मौत के विरोध में 60 घंटे से जारी आंदोलन प्रशासन से समझौते के बाद समाप्त हो गया। मृतक परिवार को ₹10 लाख मुआवजा, कोयला वाहनों पर रोक और सामान्य यातायात बहाल।

चतरा में 60 घंटे बाद खत्म हुआ आंदोलन: CRPF जवान की मौत पर मिला ₹10 लाख मुआवजा, कोयला वाहनों पर रोक
CRPF जवान की मौत के बाद चतरा में बड़ा समझौता।

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   HighLights:

  • 60 घंटे बाद प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच समझौता।
  • मृतक CRPF जवान के परिजनों को ₹10 लाख मुआवजा मिलेगा।
  • उच्च स्तरीय निर्णय तक कोयला एवं भारी मालवाहक वाहनों के परिचालन पर रोक।
  • देल्हो घाटी सड़क हादसे के विरोध में तीन दिन से जारी था आंदोलन।
  • सामान्य वाहनों की आवाजाही शुरू, लेकिन भारी वाहनों की लंबी कतार बरकरार।

चतरा (Threesocieties.com Desk): चतरा–सिमरिया मुख्य मार्ग स्थित देल्हो घाटी में सड़क दुर्घटना में CRPF जवान लक्ष्मण कुमार यादव की मौत के बाद भड़का जनआक्रोश आखिरकार 60 घंटे बाद शांत हो गया। शनिवार देर रात प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच लंबी वार्ता के बाद महत्वपूर्ण सहमति बनी, जिसके बाद तीन दिनों से जारी धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। इसके साथ ही चतरा-सिमरिया मार्ग पर सामान्य वाहनों का परिचालन फिर से शुरू हो गया।

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आधी रात तक चली वार्ता, मुआवजे पर बनी सहमति

करीब रात 12 बजे हुई बैठक में प्रशासन ने मृतक जवान के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया। सिमरिया अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय ने भरोसा दिलाया कि सोमवार तक मुआवजे की राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। बैठक में सिमरिया थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे।

कोयला वाहनों पर फिलहाल पूरी तरह रोक

समझौते का सबसे अहम निर्णय यह रहा कि उच्च स्तरीय बैठक में अंतिम फैसला होने तक चतरा जिले के किसी भी मार्ग पर कोयला एवं अन्य भारी मालवाहक वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में उच्च स्तरीय निर्णय के बाद ही इन वाहनों के संचालन पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इस घोषणा के बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करने पर सहमति जताई।

राजनीतिक दलों और ग्रामीणों का मिला था व्यापक समर्थन

इस आंदोलन को क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह, सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल दास, झामुमो नेता मनोज चंद्रा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य चंद्रदेव गोप समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों का समर्थन प्राप्त था।ग्रामीण लगातार नागरिक सड़क से कोयला परिवहन बंद करने और सड़क दुर्घटनाओं पर स्थायी समाधान की मांग कर रहे थे।

क्या था पूरा मामला?

देल्हो घाटी में कोयला लदे हाईवा की चपेट में आने से CRPF जवान लक्ष्मण कुमार यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद उनके पैतृक गांव बिराजपुर समेत आसपास के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार रात से ही ग्रामीणों ने चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग जाम कर दिया था। सड़क पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, नागरिक सड़क से कोयला एवं फ्लाई ऐश की ढुलाई बंद करने तथा लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की गई।

तीन दिन तक लगा रहा लंबा जाम

लगातार तीन दिनों तक सड़क बंद रहने से दोनों ओर सैकड़ों भारी वाहन फंस गए। हालांकि समझौते के बाद सामान्य वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है, लेकिन भारी वाहनों की लंबी कतार अभी भी सड़क किनारे खड़ी है। प्रशासन नियंत्रित तरीके से इन वाहनों को हटाने की तैयारी कर रहा है।

अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी निगाहें

ग्रामीणों का कहना है कि यह आंदोलन केवल मुआवजे तक सीमित नहीं था, बल्कि नागरिक सड़क पर कोयला परिवहन और बाईपास निर्माण जैसे मुद्दों का स्थायी समाधान उनकी प्राथमिक मांग है। उनका कहना है कि उच्च स्तरीय बैठक में ठोस निर्णय होने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।

फिलहाल समझौते के बाद क्षेत्र में तनाव कम हो गया है, लेकिन लोगों की निगाहें अब प्रशासन द्वारा किए गए वादों को समय पर पूरा करने और कोयला परिवहन को लेकर होने वाले अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।