गोपालगंज। (Threesocieties.com Desk)। दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार पहुंच गया है। मोतिहारी जिले के कैथवलिया गांव में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाला यह विशाल शिवलिंग शनिवार को गोपालगंज जिले में पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने इसका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया।
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33 फीट ऊंचा यह शिवलिंग ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है, जिसका निर्माण तमिलनाडु के प्रसिद्ध पत्थर शिल्प केंद्र महाबलीपुरम में बीते 10 वर्षों से किया जा रहा था। शिवलिंग के गोपालगंज पहुंचते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने तिलक लगाकर, आरती उतारकर और फूल-अक्षत से पूजा-अर्चना की। पूरा माहौल हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
यह विराट शिवलिंग 21 नवंबर को महाबलीपुरम से विशेष 96 चक्कों वाले भारी ट्रक के जरिए रवाना किया गया था। करीब 38 दिनों की लंबी यात्रा तय करते हुए यह शिवलिंग तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से गुजरकर बिहार में प्रवेश कर चुका है।
दुनिया के इस सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत कैथवलिया गांव के जानकीनगर में बन रहे विराट रामायण मंदिर परिसर में की जाएगी। यात्रा के दौरान जहां-जहां शिवलिंग का वाहन रोका जा रहा है, वहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन और पूजा के लिए उमड़ रही है।
महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल के हवाले से पीआरओ राजीव कुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश के बाद शिवलिंग उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार में प्रवेश कर चुका है। बिहार में आरा, सकड्डी, छपरा, मसरख, मोहम्मदपुर, कजरिया, केसरिया समेत 10 से 15 प्रमुख स्थानों पर शिवलिंग का भव्य स्वागत किया जायेगा।
शिवलिंग के निर्माण पर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत आयी है। निर्माण कंपनी के अनुसार, यह शिवलिंग पूरी तरह से एक ही ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया गया है, जो इसे विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग बनाता है। उम्मीद है कि नए साल के जनवरी महीने में यह शिवलिंग मोतिहारी पहुंचकर विराट रामायण मंदिर में विधिवत रूप से स्थापित कर दिया जायेगा।