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HighLights:

  • अनंत सिंह ने फरवरी 2024 के बिहार फ्लोर टेस्ट का अंदरूनी किस्सा बताया 
  • दावा किया कि पत्नी नीलम देवी नीतीश सरकार का समर्थन नहीं करना चाहती थीं 
  • नीलम देवी ने कहा था- लालू यादव और राजद से गद्दारी नहीं करेंगे 
  • अनंत सिंह के मुताबिक, लालू की गाड़ी बताकर नीतीश खेमे की गाड़ी में बैठाया गया 

पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति में फरवरी 2024 का विधानसभा फ्लोर टेस्ट एक बार फिर चर्चा में है। मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने नीतीश कुमार की तत्कालीन सरकार के बहुमत परीक्षण से जुड़ा एक दिलचस्प और चौंकाने वाला खुलासा किया है। अनंत सिंह के मुताबिक, उस समय राजद की विधायक रहीं उनकी पत्नी नीलम देवी एनडीए सरकार का समर्थन करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थीं। उन्होंने साफ कह दिया था कि वह लालू प्रसाद यादव और राष्ट्रीय जनता दल के साथ गद्दारी नहीं करेंगी।

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लेकिन अनंत सिंह ने अपने घरेलू सहयोगियों के जरिए ऐसा इंतजाम करवाया कि नीलम देवी को पता ही नहीं चला कि वह नीतीश कुमार के खेमे की गाड़ी में बैठकर विधानसभा पहुंच रही हैं। उन्हें बताया गया कि जिस गाड़ी से वह जा रही हैं, वह लालू यादव की है। अनंत सिंह का दावा है कि नीलम देवी को असलियत का पता विधानसभा के अंदर पहुंचने के बाद चला। अनंत सिंह ने यू-ट्यूब चैनल लाइव सिटीज को दिए इंटरव्यू में 12 फरवरी 2024 के उस पूरे घटनाक्रम का जिक्र किया है। उनका यह बयान बिहार की उस राजनीतिक उठापटक के दौरान पर्दे के पीछे हुई गतिविधियों को लेकर नई चर्चा पैदा कर रहा है।

'गद्दारी नहीं करेंगे' कहकर नीलम देवी ने कर दिया था इनकार

अनंत सिंह ने बताया कि जब नीतीश कुमार की सरकार के बहुमत परीक्षण का समय आया, तब उनकी पत्नी नीलम देवी राजद की विधायक थीं। नीतीश कुमार महागठबंधन छोड़कर एनडीए में वापस आ चुके थे। ऐसे में विधानसभा में सरकार को बहुमत साबित करना था। अनंत सिंह के मुताबिक, नीलम देवी ने नीतीश सरकार के पक्ष में जाने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि वह लालू यादव और राजद के साथ विश्वासघात नहीं करेंगी। 

अनंत सिंह ने इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने अपने घरेलू कर्मचारियों को समझाया कि नीलम देवी से हस्ताक्षर करवाकर उन्हें विधानसभा पहुंचाना है। इसके लिए नीतीश खेमे की गाड़ी को लालू यादव की गाड़ी बताने की योजना बनाई गई। अनंत सिंह ने कहा कि उनके सहयोगियों ने नीलम देवी को बताया कि गाड़ी लालू यादव की है। इस तरह वह नीतीश कुमार के खेमे की गाड़ी में बैठकर विधानसभा पहुंच गईं। 

अनंत सिंह के अनुसार, विधानसभा के अंदर पहुंचने के बाद नीलम देवी को समझ आया कि उनके साथ क्या हुआ है और उन्हें किस राजनीतिक खेमे के साथ खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने इंटरव्यू में स्वीकार किया कि नीलम देवी को नीतीश सरकार का समर्थन करवाने के लिए झूठ-सच बोलकर तैयार किया गया था।

भाजपा के गायब विधायकों की जानकारी भी अनंत सिंह ने पहुंचाई थी!

अनंत सिंह ने फरवरी 2024 के फ्लोर टेस्ट से जुड़ा एक और बड़ा दावा किया है। उनके मुताबिक, उस समय भाजपा के कुछ विधायक गायब बताए जा रहे थे। उन्हें जेल में रहते हुए इन विधायकों के ठिकाने की जानकारी मिल गई थी। अनंत सिंह ने दावा किया कि जेल में तैनात पुलिसकर्मियों की बातचीत से उन्हें पता चला था कि भाजपा के गायब विधायक कहां हैं और आगे क्या राजनीतिक घटनाक्रम हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस जानकारी को उन्होंने तत्कालीन मंत्री अशोक चौधरी तक पहुंचाया था। अशोक चौधरी ने आगे यह सूचना सम्राट चौधरी को दी थी।

अनंत सिंह के मुताबिक, उस समय नीतीश कुमार की सरकार पर संकट था और अगर भाजपा के विधायक समर्थन में नहीं पहुंचते तो सरकार गिर सकती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें जेल के अंदर ही यह जानकारी मिल गई थी कि सरकार के बहुमत परीक्षण के दौरान क्या होने वाला है। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर से इसकी जानकारी सरकार के लोगों तक पहुंचाई। हालांकि, ये घटनाक्रम अनंत सिंह के इंटरव्यू में किए गए दावे हैं।

12 फरवरी 2024 को नीतीश सरकार ने साबित किया था बहुमत

बिहार की राजनीति में 28 जनवरी 2024 को बड़ा बदलाव हुआ था। नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और फिर भाजपा के समर्थन से एनडीए सरकार का गठन किया था। इसके बाद 12 फरवरी 2024 को बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार सरकार का बहुमत परीक्षण हुआ। 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में बहुमत के लिए 122 विधायकों का समर्थन जरूरी था।

फ्लोर टेस्ट के दौरान नीतीश सरकार ने 129 विधायकों का समर्थन हासिल कर बहुमत साबित किया था। उस समय राजद के तीन विधायकों ने पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया था। इनमें प्रह्लाद यादव, नीलम देवी और चेतन आनंद के नाम शामिल थे। इन विधायकों के रुख ने बिहार की राजनीति में काफी हलचल पैदा कर दी थी। नीलम देवी के एनडीए के पक्ष में जाने को उस समय राजद के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना गया था। अब अनंत सिंह ने इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी बताते हुए दावा किया है कि उनकी पत्नी को इसकी पूरी जानकारी नहीं थी।

AK-47 केस में जेल में बंद थे अनंत सिंह

फरवरी 2024 में जब नीतीश कुमार की सरकार का फ्लोर टेस्ट हुआ था, उस समय अनंत सिंह बेऊर जेल में बंद थे। 17 अगस्त 2019 को बाढ़ के तत्कालीन एसएसपी लिपि सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने मोकामा के लदमा गांव स्थित अनंत सिंह के पैतृक आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस ने AK-47 राइफल, कारतूस और अन्य सामान बरामद करने का दावा किया था। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 14 जून 2022 को अनंत सिंह को 10 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता भी चली गई थी। हालांकि, 14 अगस्त 2024 को पटना हाईकोर्ट ने AK-47 मामले में उन्हें बरी कर दिया था। इसके बाद उनकी जेल से रिहाई हुई थी।

लोकसभा चुनाव में नीलम देवी ने ललन सिंह के खिलाफ लड़ा था चुनाव

अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी भी बिहार की राजनीति में सक्रिय रही हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर मुंगेर सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उनका मुकाबला जदयू के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से हुआ था। बाद में नीलम देवी राजद में शामिल हुईं और मोकामा से विधायक बनीं। फरवरी 2024 के फ्लोर टेस्ट के दौरान उनका नीतीश सरकार के पक्ष में जाना बिहार की राजनीति की चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया था।

जदयू से छह साल के लिए निष्कासन और विधायिकी पर भी विवाद

अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी की राजनीतिक मुश्किलें भी हाल के दिनों में बढ़ी हैं। एमएलसी चुनाव के दौरान जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार का विरोध करने के मामले में पार्टी ने अनंत सिंह और नीलम देवी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इसके अलावा अनंत सिंह की विधायिकी समाप्त करने की मांग को लेकर भी राजनीतिक विवाद सामने आया है। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से उन्हें सात दिनों के भीतर जवाब देने का नोटिस भेजे जाने की बात सामने आई है।

बेटी की शादी के बाद 1 दिसंबर तक जेल लौटेंगे अनंत सिंह

मोकामा के दुलारचंद यादव हत्याकांड में भी अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ी हैं। इस मामले में उन्हें पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस राहत को निष्प्रभावी करते हुए उन्हें बेटी की शादी के बाद जेल लौटने का निर्देश दिया है। अनंत सिंह की बेटी की शादी 25 नवंबर को उनके पैतृक गांव लदमा में होनी है। अनंत सिंह ने कहा है कि वह अदालत के आदेश का पालन करेंगे और बेटी की शादी के बाद 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण कर जेल चले जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि जेल जाने के बाद वह फिर से जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाएंगे।

बिहार की राजनीति में फिर चर्चा में आया 2024 का फ्लोर टेस्ट

अनंत सिंह के इस खुलासे ने फरवरी 2024 के बिहार विधानसभा फ्लोर टेस्ट को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। उस समय नीतीश कुमार की सरकार के बहुमत परीक्षण में नीलम देवी समेत राजद के तीन विधायकों का पार्टी से अलग रुख निर्णायक राजनीतिक घटनाक्रम बना था। अब अनंत सिंह ने दावा किया है कि नीलम देवी को एनडीए के पक्ष में ले जाने के लिए उन्होंने खुद रणनीति बनाई थी। उनके इस बयान से बिहार की सियासत में एक बार फिर उस समय के राजनीतिक घटनाक्रम और पर्दे के पीछे की रणनीति पर बहस शुरू हो सकती है।