HighLights:
- पूर्व मंत्री रामानंद प्रसाद सिंह के दोनों बेटे राजीव कुमार और संजीव कुमार बने MLC
- पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजीव कुमार ने दर्ज की शानदार जीत
- बड़े भाई राजीव कुमार वर्ष 2022 में कांग्रेस के टिकट पर बने थे विधान पार्षद
- पिता रामानंद प्रसाद सिंह परबत्ता विधानसभा सीट से कई बार रहे विधायक
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति में पूर्व मंत्री रामानंद प्रसाद सिंह का परिवार एक बार फिर चर्चा में है। उनके दोनों बेटे राजीव कुमार और डॉ. संजीव कुमार अब बिहार विधान परिषद में एक साथ नजर आएंगे। बड़े बेटे राजीव कुमार पहले से ही विधान परिषद के सदस्य हैं, जबकि छोटे बेटे डॉ. संजीव कुमार ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज कर सदन में अपनी जगह बना ली है। इस जीत के साथ दोनों भाइयों की जोड़ी बिहार की सियासत में नया आकर्षण बन गई है।
डॉ. संजीव कुमार ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में बीजेपी के निवर्तमान विधान पार्षद नवल किशोर यादव को हराया। उन्हें कुल 4,487 वोट मिले, जबकि नवल किशोर यादव को 3,430 वोट प्राप्त हुए। इस तरह संजीव कुमार ने 1,057 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
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पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में संजीव कुमार की जीत
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में डॉ. संजीव कुमार ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। आरजेडी समर्थित उम्मीदवार के रूप में उन्होंने बीजेपी के निवर्तमान एमएलसी नवल किशोर यादव को शिकस्त दी। मतगणना के बाद संजीव कुमार को 4,487 वोट मिले। वहीं, नवल किशोर यादव को 3,430 वोट प्राप्त हुए। दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर 1,057 वोट रहा। इस जीत के साथ संजीव कुमार ने बिहार विधान परिषद में अपनी जगह पक्की कर ली। उनके एमएलसी बनने से अब उनके बड़े भाई राजीव कुमार के साथ सदन में उनकी मौजूदगी भी देखने को मिलेगी।
पहले विधायक और एमएलसी का चुनाव भी लड़ चुके हैं संजीव कुमार
डॉ. संजीव कुमार का राजनीतिक सफर पहले भी विधानसभा और विधान परिषद के चुनावों से जुड़ा रहा है। वह खगड़िया जिले की परबत्ता विधानसभा सीट से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार उन्हें सफलता नहीं मिली। इससे पहले वर्ष 2015 में उन्होंने बेगूसराय-खगड़िया स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद का चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, उस चुनाव में वह जीत हासिल नहीं कर सके थे। अब पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज कर उन्होंने विधान परिषद में वापसी का रास्ता बनाया है।
कांग्रेस के टिकट पर MLC बने थे बड़े भाई राजीव कुमार
डॉ. संजीव कुमार के बड़े भाई राजीव कुमार भी बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं। वह वर्ष 2022 में कांग्रेस के टिकट पर बेगूसराय-खगड़िया स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य चुने गए थे। उस चुनाव में राजीव कुमार ने बीजेपी उम्मीदवार रजनीश कुमार को हराकर जीत दर्ज की थी। अब छोटे भाई संजीव कुमार के भी एमएलसी बनने के बाद दोनों भाई बिहार विधान परिषद में साथ नजर आएंगे। राजनीतिक रूप से यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों भाइयों का सदन में पहुंचना उनके परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है।
पिता रामानंद प्रसाद सिंह भी रहे थे विधायक और मंत्री
राजीव कुमार और संजीव कुमार के परिवार की बिहार की राजनीति में पुरानी पहचान रही है। उनके पिता रामानंद प्रसाद सिंह परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुने गए थे। उन्होंने बिहार सरकार में मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली थी। रामानंद प्रसाद सिंह का निधन पिछले साल 10 मई को हुआ था। उनके राजनीतिक जीवन और क्षेत्र में सक्रियता के कारण परिवार की पहचान पहले से ही राजनीति से जुड़ी रही है। अब उनके दोनों बेटे विधान परिषद के सदस्य बन गए हैं। ऐसे में पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिहाज से यह घटनाक्रम परिवार के लिए अहम माना जा रहा है।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के नतीजों में भी रही चर्चा
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बीजेपी ने तीन सीटों पर जीत हासिल की, जबकि जेडीयू, आरजेडी और जन सुराज पार्टी के खाते में एक-एक सीट गई। वहीं, दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। इन चुनाव नतीजों के बीच डॉ. संजीव कुमार की जीत और उनके बड़े भाई राजीव कुमार के साथ विधान परिषद में उनकी मौजूदगी खास चर्चा में है।
बिहार की राजनीति में साथ दिखेंगे दोनों भाई
डॉ. संजीव कुमार की जीत के बाद अब बिहार विधान परिषद में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौजूदगी देखने को मिलेगी। बड़े भाई राजीव कुमार पहले से एमएलसी हैं, जबकि छोटे भाई संजीव कुमार ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है।पिता रामानंद प्रसाद सिंह के विधायक और मंत्री रहने की पृष्ठभूमि के बीच दोनों भाइयों का विधान परिषद में पहुंचना बिहार की राजनीति में एक उल्लेखनीय घटनाक्रम है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों भाई सदन में अपने राजनीतिक अनुभव और प्राथमिकताओं के जरिए किस तरह अपनी भूमिका निभाते हैं।