धनबाद: PM के सलाहकार तरुण कपूर का धनबाद दौरा, 500 मीटर नीचे उतरकर देखा मुनीडीह CBM प्रोजेक्ट

PM के सलाहकार तरुण कपूर ने धनबाद में BCCL की समीक्षा के साथ मुनीडीह CBM परियोजना और 500 मीटर भूमिगत लॉन्गवॉल खदान का निरीक्षण किया। CBM गैस का व्यावसायिक उपयोग अक्टूबर 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।

धनबाद: PM के सलाहकार तरुण कपूर का धनबाद दौरा, 500 मीटर नीचे उतरकर देखा मुनीडीह CBM प्रोजेक्ट
CBM गैस के व्यावसायिक उपयोग की अक्टूबर 2027 तक उम्मीद।

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  HighLights: 

  • प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने 31 अगस्त को धनबाद में BCCL की उच्चस्तरीय समीक्षा की
  • मुनीडीह CBM ब्लॉक-I का निरीक्षण कर मीथेन गैस के निष्कर्षण और व्यावसायिक उपयोग की जानकारी ली
  • अक्टूबर 2027 तक CBM गैस के व्यावसायिक उपयोग शुरू होने की उम्मीद जताई गई
  • तरुण कपूर करीब 500 मीटर भूमिगत जाकर मुनीडीह XVI सीम लॉन्गवॉल परियोजना का जायजा लिया

धनबाद (Threesocieties.com Desk): प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान धनबाद में BCCL की प्रमुख परियोजनाओं और खनन गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। कोयला भवन मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक के बाद उन्होंने मुनीडीह CBM ब्लॉक-I, मुनीडीह XVI सीम लॉन्गवॉल परियोजना और कुस्तौर क्षेत्र की एना फायर परियोजना का निरीक्षण किया।

दौरे के दौरान सुरक्षा, कोयला उत्पादन, आधुनिक खनन तकनीक, कोल बेड मीथेन (CBM), पर्यावरणीय स्थिरता, अग्नि प्रबंधन और झरिया के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई।

कोयला भवन में BCCL की हाईलेवल समीक्षा

तरुण कपूर दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को धनबाद पहुंचे। दुर्गापुर हवाईअड्डे पर BCCL के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। धनबाद पहुंचने पर BCCL गेस्ट हाउस में CISF की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।इसके बाद कोयला भवन मुख्यालय में BCCL की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में कोल इंडिया के अध्यक्ष बी. साईराम, कोयला मंत्रालय के परियोजना सलाहकार आलोक कुमार सिंह, वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त सचिव अलकनंदा दयाल, BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन) संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी-पीएंडपी) राजीव कुमार सिन्हा, निदेशक (वित्त) राजेश कुमार सहित रेलवे, NHAI, क्षेत्रीय महाप्रबंधक और मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में BCCL के कोयला उत्पादन और डिस्पैच, कोयला भंडार, परियोजनाओं की प्रगति, आधुनिक खनन तकनीक, कोयले की गुणवत्ता, वाशरी क्षमता विस्तार, CBM परियोजनाओं, डिजिटलीकरण, विविधीकरण और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई। तरुण कपूर ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सभी प्रमुख परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

2030-31 के उत्पादन लक्ष्य पर भी चर्चा

समीक्षा बैठक में BCCL की वर्तमान परिचालन क्षमता और भविष्य की उत्पादन योजनाओं का भी जायजा लिया गया। कंपनी की ओर से पिछले पांच वर्षों में भूमिगत और खुली खदानों के उत्पादन प्रदर्शन तथा आगामी वर्षों की उत्पादन संभावनाओं की जानकारी दी गई।वर्ष 2030-31 तक के उत्पादन लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए खनन क्षमता बढ़ाने, उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक इस्तेमाल करने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया गया।

बैठक में लंबी दीवार खनन (Longwall Mining), हाईवॉल माइनर, कंटीन्यूअस माइनर, सरफेस माइनर और अन्य आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल की स्थिति पर भी चर्चा हुई। तरुण कपूर ने कहा कि BCCL देश के इस्पात उद्योग के लिए आवश्यक कोकिंग कोल की आपूर्ति में रणनीतिक भूमिका निभाती है। इसलिए कंपनी को सुरक्षित, तकनीक-सक्षम, दक्ष और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार तरीके से आगे बढ़ना होगा।

मुनीडीह CBM प्रोजेक्ट का किया निरीक्षण

कोयला भवन में समीक्षा के बाद तरुण कपूर मुनीडीह पहुंचे। यहां उन्होंने Coal Bed Methane (CBM) Block-I परियोजना का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें CBM संसाधनों के दोहन के लिए अपनायी जा रही तकनीक, गैस निष्कर्षण की प्रक्रिया और परियोजना की प्रगति की जानकारी दी। परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि कोयले की परतों में मौजूद मीथेन गैस को सुरक्षित तरीके से निकालकर उपयोग में लाया जा सकता है। तरुण कपूर ने CBM गैस के सुरक्षित निष्कर्षण और उसके व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

अक्टूबर 2027 तक व्यावसायिक उपयोग की उम्मीद

तरुण कपूर ने बताया कि जहां कोल बेड मीथेन उपलब्ध है, वहां इसे सुरक्षित तरीके से निकालकर ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत के रूप में इस्तेमाल करने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। CBM परियोजना से एक तरफ खदानों में मीथेन गैस के कारण संभावित सुरक्षा जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ इससे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत भी विकसित किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि निकाली गई गैस को पाइपलाइन के माध्यम से उपयोग में लाया जा सकता है। इसका इस्तेमाल घरेलू ईंधन के साथ-साथ CNG की तरह वाहनों में भी किया जा सकता है। मुनीडीह CBM परियोजना से मीथेन गैस का व्यावसायिक उपयोग अक्टूबर 2027 तक शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।

500 मीटर नीचे उतरकर देखा मुनीडीह का लॉन्गवॉल प्रोजेक्ट

तरुण कपूर ने केवल परियोजना की सतह से समीक्षा नहीं की, बल्कि मुनीडीह भूमिगत खदान के अंदर जाकर खनन गतिविधियों का जायजा लिया। वह करीब 500 मीटर जमीन के नीचे पहुंचे और लोकोमोटिव के माध्यम से लॉन्गवॉल फेस तक गए। उन्होंने वहां मशीनीकृत भूमिगत खनन व्यवस्था, कोयला कटिंग और उत्पादन प्रक्रिया को करीब से देखा। खदान कर्मियों से बातचीत कर उनके कार्य और अनुभव की जानकारी भी ली। मुनीडीह XVI सीम लॉन्गवॉल परियोजना में अपनायी जा रही आधुनिक तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था और टिकाऊ कोकिंग कोल उत्पादन की प्रक्रिया की जानकारी अधिकारियों ने दी। तरुण कपूर ने आधुनिक खनन तकनीक के इस्तेमाल और सुरक्षा मानकों के पालन की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्पादन बढ़ाने के साथ खनिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

CBM से सुरक्षा भी, ऊर्जा भी

मुनीडीह CBM परियोजना को केवल ऊर्जा उत्पादन की परियोजना के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। कोयला खदानों में मौजूद मीथेन गैस सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण विषय है। गैस का सुरक्षित निष्कर्षण संभावित जोखिम को कम करने के साथ-साथ उसका उपयोग ऊर्जा उत्पादन में करने का अवसर देता है। इस लिहाज से CBM परियोजना खनन सुरक्षा और वैकल्पिक ऊर्जा—दोनों मोर्चों पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तरुण कपूर के दौरे में भी इसी पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों के साथ चर्चा में गैस निष्कर्षण की तकनीक, सुरक्षित संचालन और भविष्य में इसके व्यावसायिक इस्तेमाल की संभावनाओं पर जोर रहा।

दौरे में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

तरुण कपूर के धनबाद दौरे में कोल इंडिया अध्यक्ष बी. साईराम, कोयला मंत्रालय के परियोजना सलाहकार आलोक कुमार सिंह, वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त सचिव अलकनंदा दयाल, BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (तकनीकी/संचालन) संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी-पीएंडपी) राजीव कुमार सिन्हा, निदेशक (वित्त) राजेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुनीडीह परियोजना में महाप्रबंधक सुनील कुमार पांजा, एरिया सेफ्टी ऑफिसर विद्या शंकर वर्णवाल, एरिया इंजीनियर प्रभात रंजन झा, VTC मैनेजर सीताराम रावत समेत परियोजना के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। CBM परियोजना से जुड़ी कंपनी प्रभा एनर्जी लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड राजीव लोचन, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुनील सिंह, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट सिद्धार्थ भुइयां और महाप्रबंधक (ऑपरेशंस) अंबिका प्रसाद ने भी परियोजना से संबंधित जानकारी दी।

दूसरे दिन पुनर्वास स्थलों का दौरा

तरुण कपूर के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को बेलगढ़िया और करमाटांड़ पुनर्वास स्थलों का दौरा निर्धारित था। यह दौरा झरिया के अग्नि प्रभावित और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से जुड़े परिवारों के पुनर्वास की स्थिति को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर का धनबाद दौरा BCCL के लिए सुरक्षा, उत्पादन, आधुनिक तकनीक, CBM, अग्नि प्रबंधन और पुनर्वास को लेकर भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दौरा माना जा रहा है। खासकर मुनीडीह CBM परियोजना से अक्टूबर 2027 तक व्यावसायिक उपयोग शुरू होने की उम्मीद ने इसे ऊर्जा और कोयला क्षेत्र की दृष्टि से खास बना दिया है।