Highlights:
- JSSC CGL पेपर लीक मामले में CID की SIT की बड़ी कार्रवाई
- 13 सफल अभ्यर्थियों समेत 25 आरोपित गिरफ्तार, कई थे सरकारी पदों पर कार्यरत
- अब तक 700 से अधिक सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ
- परीक्षा संचालन एजेंसी ICN के कर्मी, दलाल और एजेंट भी गिरफ्तार
- पुराने मामलों को मिलाकर अब तक कुल 41 गिरफ्तारियां
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। झारखंड CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले में अब तक 700 से अधिक सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की है। जांच के दौरान 13 सफल अभ्यर्थियों समेत कुल 25 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कई ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जो परीक्षा में सफल होने के बाद सरकारी विभागों में नौकरी कर रहे थे।
CID की SIT हर दिन औसतन 25 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ पेपर लीक में संलिप्तता के साक्ष्य मिल रहे हैं, उनके विरुद्ध गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार सफल अभ्यर्थियों को रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया है। इस मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई ने उन अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिनकी सफलता पर पेपर लीक के जरिए परीक्षा में अनुचित लाभ लेने का संदेह है।
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सरकारी नौकरी कर रहे 13 सफल अभ्यर्थी गिरफ्तार
CID की जांच में गिरफ्तार 13 सफल अभ्यर्थियों में अधिकतर पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत थे। ये अलग-अलग विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रहे थे। गिरफ्तार अभ्यर्थियों में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, कनीय सचिवालय सहायक और फूड इंस्पेक्टर जैसे पदों पर कार्यरत लोग शामिल हैं।
SIT ने पूछताछ के दौरान इन अभ्यर्थियों से परीक्षा की तैयारी, प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध कराने के कथित नेटवर्क तथा परीक्षा से पहले हुई गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई है। जांच एजेंसी को पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। CID का फोकस यह पता लगाने पर है कि कथित पेपर लीक का लाभ किन-किन अभ्यर्थियों ने लिया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
परीक्षा संचालन एजेंसी के कर्मी, दलाल और एजेंट भी गिरफ्तार
CID की SIT ने केवल सफल अभ्यर्थियों पर ही कार्रवाई नहीं की है, बल्कि कथित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है। परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी ICN के कर्मियों, दलालों, एजेंटों और प्रश्नपत्र रटवाने के लिए अभ्यर्थियों को ठिकाना उपलब्ध कराने में शामिल लोगों पर कार्रवाई की गई है। इस श्रेणी में कुल 12 आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें परीक्षा संचालन एजेंसी से जुड़े कर्मी, प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करने वाले एजेंट, दलाल और अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर याद कराने की व्यवस्था करने वाले लोग शामिल हैं। SIT ने इन आरोपितों के खिलाफ भी पर्याप्त साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपितों के ठिकानों से जब्त डिजिटल उपकरणों का विश्लेषण किया गया है। कुछ उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भी भेजा गया है। डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से कथित पेपर लीक नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पटना से नेपाल तक अभ्यर्थियों को ले जाकर रटवाए गए थे प्रश्न-उत्तर
इस मामले की जांच में पहले भी कथित पेपर लीक नेटवर्क के चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। आरोप है कि अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र लीक होने का दावा करके प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे। इसके लिए अभ्यर्थियों को पटना से लेकर नेपाल तक ले जाया गया था। वहां एक होटल में उन्हें कथित तौर पर प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे। CID ने इससे पहले भी इस मामले में 16 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इन आरोपितों पर अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर याद कराने तथा कथित पेपर लीक नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है। अब नए सिरे से जांच के दौरान 25 अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है। इस तरह पुराने मामले में हुई गिरफ्तारियों को मिलाकर JSSC CGL पेपर लीक प्रकरण में अब तक कुल 41 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
एक जनवरी 2025 को CID थाने में दर्ज हुआ था केस
JSSC CGL पेपर लीक मामले में CID ने एक जनवरी 2025 को CID थाना में कांड संख्या 01/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद से मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान कथित पेपर लीक से जुड़े अभ्यर्थियों, बिचौलियों, एजेंटों और परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की गई।अब SIT सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर प्रश्नपत्र और उत्तर किस माध्यम से उपलब्ध कराए गए थे। इसके साथ ही अभ्यर्थियों और पेपर लीक नेटवर्क के बीच संपर्क स्थापित कराने वाले लोगों की पहचान भी की जा रही है।
CID ने अब तक इन 13 सफल अभ्यर्थियों को किया गिरफ्तार
CID की SIT ने JSSC CGL पेपर लीक मामले में जिन 13 सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं: अभय कुमार तिवारी (मास्टरमाइंड), सुषमा कुमारी (अभय कुमार तिवारी की पत्नी), अक्षय तिवारी (अभय कुमार तिवारी का भाई), दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह, समीर कुमार, कुंदन कुमार, संजय कुमार (जमशेदपुर में फूड इंस्पेक्टर), अजय कुमार (स्वास्थ्य विभाग में कनीय सचिवालय सहायक), रामकृष्णा कुमार सिंह, भानु प्रताप (उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी)। इनमें कई अभ्यर्थी परीक्षा में सफलता के बाद सरकारी सेवा में योगदान दे चुके थे।
दलाल, एजेंट और परीक्षा संचालन एजेंसी से जुड़े 12 आरोपित भी गिरफ्तार
CID की कार्रवाई में कथित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े जिन 12 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें शामिल हैं: सोमांश प्रकाश, राहुल कुमार, राजन कुमार, दिलीप कुमार पासवान, राजेश प्रसाद यादव, संदीप कुमार, सुधाकर यादव, मनु कुमार सिंह, रितेश कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार पांडेय, सुरेश राय (बोकारो के दुग्धा निवासी) व सुमित कुमार सिंह (किराना एवं फोटोकॉपी दुकानदार)। इनमें परीक्षा संचालन एजेंसी ICN के कर्मी, दलाल, एजेंट और कथित तौर पर अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर रटवाने के लिए व्यवस्था करने वाले लोग शामिल हैं।
700 से अधिक सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ, जांच जारी
JSSC CGL पेपर लीक मामले में CID की SIT की जांच अभी जारी है। अब तक 700 से अधिक सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है। औसतन प्रतिदिन 25 अभ्यर्थियों से पूछताछ हो रही है। जांच एजेंसी का उद्देश्य कथित पेपर लीक में शामिल पूरे नेटवर्क का खुलासा करना और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करना है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद इस मामले में और कितने लोगों की भूमिका सामने आती है तथा कितने सफल अभ्यर्थियों पर कार्रवाई होती है।