झरिया की भूमिगत आग पर AI का पहरा: कोल इंडिया-इसरो का बड़ा समझौता, सैटेलाइट से होगी 24x7 निगरानी

झरिया की दशकों पुरानी भूमिगत कोयला आग पर अब AI और सैटेलाइट तकनीक से निगरानी होगी। कोल इंडिया और इसरो के बीच हुए समझौते के तहत अत्याधुनिक डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे आग, अवैध खनन, पुनर्वास और पर्यावरण संरक्षण की निगरानी अधिक प्रभावी बनेगी।

झरिया की भूमिगत आग पर AI का पहरा: कोल इंडिया-इसरो का बड़ा समझौता, सैटेलाइट से होगी 24x7 निगरानी
अब AI बताएगा कहां बढ़ रही है झरिया की आग।

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  • कोल इंडिया और इसरो (NRSC) के बीच महत्वपूर्ण समझौता
  • AI आधारित सैटेलाइट डैशबोर्ड होगा विकसित
  • झरिया की भूमिगत आग पर होगी रियल टाइम निगरानी
  • अवैध खनन, बंद खदानों और हरित क्षेत्रों पर भी रहेगी नजर
  • AI और Machine Learning से आग फैलने की संभावना का होगा पूर्वानुमान
  • पुनर्वास और सुरक्षा योजनाओं को मिलेगी नई गति

धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड के धनबाद जिले का झरिया कोयलांचल वर्षों से भूमिगत कोयला आग की समस्या से जूझ रहा है। यह आग न केवल राष्ट्रीय संपदा को लगातार नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि हजारों परिवारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और जीवन पर भी गंभीर खतरा बनी हुई है। अब इस चुनौती से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।

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देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) आधारित सैटेलाइट मॉनिटरिंग डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा, जो देशभर की कोयला खदानों की निगरानी करेगा।

झरिया की आग पर होगी हाईटेक निगरानी

नई प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ झरिया को मिलने की उम्मीद है। यहां जमीन के नीचे दशकों से सुलग रही कोयला आग की स्थिति पर अब सैटेलाइट और AI तकनीक के जरिए लगातार नजर रखी जाएगी। डैशबोर्ड के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि आग किस क्षेत्र में सक्रिय है, किस दिशा में फैल रही है और किन इलाकों में भविष्य में खतरा बढ़ सकता है। इससे प्रशासन और कोयला कंपनियों को समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

AI और Machine Learning से होगा पूर्वानुमान

इस परियोजना में केवल सैटेलाइट तस्वीरों का ही उपयोग नहीं होगा, बल्कि Artificial Intelligence, Machine Learning और Predictive Analytics जैसी आधुनिक तकनीकों को भी शामिल किया जाएगा। इन तकनीकों की सहायता से आग के फैलाव का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। इससे राहत एवं बचाव कार्यों की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी और प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में आसानी होगी।

अवैध खनन पर भी लगेगी रोक

AI आधारित डैशबोर्ड केवल भूमिगत आग तक सीमित नहीं रहेगा। इसके माध्यम से कई अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की भी निगरानी की जाएगी। इनमें शामिल हैं—

पट्टा क्षेत्र के बाहर होने वाला अवैध खनन
बंद हो चुकी खदानों की स्थिति
पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन परियोजनाएं
वनरोपण और हरित क्षेत्र का विकास
पर्यावरणीय बदलावों की निगरानी
भूमि उपयोग में हो रहे परिवर्तन

इससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने में सहायता मिलेगी।

पुनर्वास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार

झरिया में भूमिगत आग के कारण कई क्षेत्रों में जमीन धंसने की घटनाएं होती रही हैं। हजारों परिवारों का पुनर्वास लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। नई तकनीक की मदद से प्रभावित इलाकों की सटीक पहचान संभव होगी। इससे पुनर्वास योजनाओं को अधिक वैज्ञानिक तरीके से लागू किया जा सकेगा और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

कोयला आग से निकलने वाली जहरीली गैसें और धुआं आसपास के पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालते हैं। AI आधारित निगरानी प्रणाली से प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों की पहचान आसान होगी। इसके आधार पर पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र विकसित करने और बंद खदानों के पुनर्विकास की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।

कोल इंडिया की बड़ी तकनीकी पहल

कोल इंडिया का मानना है कि यह परियोजना देश में खनन क्षेत्र के डिजिटलीकरण और स्मार्ट मॉनिटरिंग की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। AI आधारित डैशबोर्ड से निगरानी अधिक सटीक, तेज और पारदर्शी होगी, जिससे आग प्रभावित क्षेत्रों में समय पर कार्रवाई संभव हो सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीक सफल रही तो झरिया जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। इससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन, पर्यावरण और भविष्य को भी नई सुरक्षा मिलेगी।