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नई दिल्ली। कोरोना काल में लॉकडाउन में पांच महीने से अधिक समय से बंद स्कूजल अब फेजवाइज से खुलने जा रहे हैं। इसके लिए सेंट्रल हेल्थ मिनिस्टरी ने एसओपी जारी की है। हेल्थ मिनिस्टर हर्षवर्धन ने कहा कि स्कूलों को फेज वाइज खोला जायेगा। स्कूल आने वाले सभी लोगों को हेल्थ पर पर लगातार निगरानी रखनी होगी। जहां-तहां थूकने पर पाबंदी होगी। दिशा-निर्देशों में साफ कहा गया है कि स्कूल में स्टेट हेल्पलाइन नंबर के साथ ही लोकल हेल्थ अफसरों के फोन नंबर भी प्रदर्शित किए जायेंगे।

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लेबोरेटरी से लेकर क्लास तक के स्टूडेंट्स के बैठने की ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि उनके बीच कम से कम छह फीट की दूरी को बरकरार रखा जाए। स्टूडेंट्स के इकट्ठा होने यानी असेंबली और खेलकूद से जुड़ी गतिविधियों की मनाही होगी क्योंकि इससे संक्रमण के फैलने का जोखिम होगा।कंटेनमेंट जोन में रहने वाले टीचर या स्टाफ को स्कूल जाने की इजाजत नहीं है। वैसे स्कूल जिनका इस्तेमाल क्वारंटीन सेंटर के रूप में हुआ था, उन्हें आंशिक तौर पर खोले जाने से पहले अच्छी तरह से सैनिटाइज करने का निर्देश दिया गया है। सभी स्कूलों को हाइपोक्लोराइट सोलूशन से सैनिटाइज करने के निर्देश दिये गये हैं। 

ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी रहेगा 
हेल्थ मिनिस्टरी की ओर से जारी से एसओपी में कहा गया है कि ऑनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग की अनुमति जारी रहेगी। स्कूल अधिकतम अपने 50 परसेंट टीचर और नन टीचिंग स्टाफ को ऑनलाइन टीचिंग/ टेलीकाउंसलिंग और इससे जुड़े दूसरे कामों के लिए बुला सकते हैं। नौवीं से 12वीं तक के छात्र अगर अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्कूल जाना चाहेंगे तो उन्हें इसकी इजाजत होगी। हालांकि इसके लिए उन्हें अपने माता-पिता या अभिभावकों से लिखित सहमति लेनी होगी। छात्रों के पास ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी मौजूद रहेगा। 

क्या है निर्देश 

स्कू लों में एहतियाती उपायों में टीचर, स्टाफ व स्टूडेंट शामिल होंगे, इसके अंतर्गत कम से कम छह फीट की सोशल डिस्टैंसिंग सुनिश्चित करना, चेहरे को ढंकना, बार-बार हाथ धोना, श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन करना, स्वास्थ्य की निगरानी करना और जगह- जगह नहीं थूकना शामिल है। विशेष रूप से इस बारे में लोगों से पूछा गया है। ऑनलाइन या डिस्टेंस लर्निंग को अनुमति और प्रोत्साहन देना जारी रखना चाहिए और कक्षा नौ से 12 के स्टेूडेंट्सको अपने टीचर्स से मार्गदर्शन लेने के लिए स्वैच्छिक आधार पर स्कूल का दौरा करने की अनुमति देनी चाहिए।

स्टूडेंट्स पर नहीं बनाया जायेगा प्रेशर

स्टूडेंट्स को स्वेच्छा से स्कूल आने की आजादी होगी। किसी भी छात्र पर स्कूल आने के लिए प्रेसर नहीं बनाया जायेगा। बच्चे अपने माता-पिता की लिखित अनुमति लेकर ही स्कूल आयेंगे। मिनिस्टरी ने यह भी कहा है कि दूरस्थ शिक्षा और ऑनलाइन एजुकेशन को जारी रखना होगा। इसके लिए 50 परसेंट टीचर को स्कूल बुलाया जा सकता है। स्कूल में स्वीमिंग पूल को बंद ही रखा जायेगा। एयरकंडीशनर के टेपरेचर को 24-30 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रखना होगा। आद्रता 40-70 परसेंट के बीच रखनी होगी। क्रॉस वेंटिलेशन और स्वच्छ हवा के लिए व्यवस्था करनी होगी।