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 Highlights:

  • कतरास के आमटांड़ बस्ती में मुन्ना पांडेय की हत्या के मामले में FIR दर्ज
  • पुत्र चंदन कुमार पांडेय ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ दर्ज कराया केस
  • घर से मृतक का मोबाइल फोन और टीवी गायब होने का प्राथमिकी में उल्लेख
  • विधायक शत्रुघ्न महतो ने परिजनों से मुलाकात कर आर्थिक सहयोग दिया

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र के आमटांड़ बस्ती में मुन्ना पांडेय की हत्या के मामले में नया मोड़ आया है। मृतक के पुत्र चंदन कुमार पांडेय ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ कतरास थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है। उन्होंने अपने आवेदन में पिता की हत्या किये जाने की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आयी है कि घर से मृतक का मोबाइल फोन और टीवी भी गायब है। पुलिस इस बिंदु को भी जांच का हिस्सा बना रही है।

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पुलिस ने कांड संख्या 275/26 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिकी के बाद पुलिस घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हत्या के पीछे की वजह क्या थी, घर से मोबाइल और टीवी कैसे गायब हुए तथा घटना में कितने लोग शामिल थे, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।

दोस्त के फोन से मिली थी पिता के बेसुध पड़े होने की सूचना

मृतक के पुत्र चंदन कुमार पांडेय ने पुलिस को दिये आवेदन में बताया कि घटना के दूसरे दिन सुबह करीब 7:15 बजे उनके दोस्त शिवराम मिश्रा ने फोन कर सूचना दी कि उनके पिता घर में बेसुध पड़े हुए हैं। चंदन ने बताया कि वह उस समय अपने पूरे परिवार के साथ रांची में थे और करीब एक वर्ष से वहीं रह रहे थे। दोस्त से सूचना मिलने के बाद उन्होंने अपने पिता के मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। इसके बाद उन्होंने आपातकालीन सेवा 112 पर कॉल कर पुलिस को घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलने के बाद वह कतरास के लिए रवाना हुए। दोपहर करीब तीन बजे जब वह अपने घर पहुंचे, तो पिता को मृत अवस्था में पाया। घर की स्थिति और सामान की जांच के दौरान पिता का मोबाइल फोन और टीवी गायब होने की जानकारी मिली। चंदन के अनुसार, पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार और अन्य पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने के कारण वह तत्काल पुलिस को लिखित आवेदन नहीं दे सके। बाद में उन्होंने थाने पहुंचकर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी।

मोबाइल और टीवी गायब होने से बढ़ा संदेह

इस हत्याकांड में घर से मोबाइल फोन और टीवी गायब होने का मामला जांच का अहम बिंदु बन गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों सामान घटना के दौरान ले जाये गये या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। मृतक का मोबाइल फोन बंद मिलना भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पुलिस मोबाइल फोन की उपलब्ध तकनीकी जानकारी, घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।हालांकि, अभी तक हत्या के कारणों और घर से सामान गायब होने के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

विधायक शत्रुघ्न महतो ने परिजनों से की मुलाकात, आर्थिक मदद दी

शनिवार को विधायक शत्रुघ्न महतो समर्थकों के साथ मृतक मुन्ना पांडेय के आवास पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस दुख की घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। विधायक ने परिजनों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की। इस दौरान विधायक ने कतरास थाना प्रभारी से बातचीत कर हत्याकांड की जांच की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले का जल्द खुलासा करने और दोषियों को गिरफ्तार करने की बात कही। विधायक शत्रुघ्न महतो ने बताया कि पुलिस तकनीकी सेल की मदद से अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा होगा और इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जायेगा।

भाजपा नेता सीटू मिश्रा ने 24 घंटे में खुलासे का किया दावा

इस हत्याकांड को लेकर भाजपा नेता सीटू मिश्रा ने भी पुलिस से गंभीरता और तेजी के साथ जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाये, ताकि हत्या की वजह और इसमें शामिल लोगों की पहचान हो सके। सीटू मिश्रा ने दावा किया कि हत्या में कोई बाहरी अपराधी शामिल नहीं था। उनके अनुसार, पुलिस यदि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच करे तो 24 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी संभव है। हालांकि, भाजपा नेता के इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संभावित पहलुओं को खंगाल रही है।

मुन्ना पंडित लिलौरी मंदिर के पुजारी नहीं थे: सुकुमार बनर्जी

उधर, मुन्ना पंडित की पहचान को लेकर भी स्पष्टीकरण सामने आया है। राजबाड़ी, कतरास बाजार निवासी सुकुमार बनर्जी ने बयान जारी कर कहा है कि मुन्ना पंडित लिलौरी मंदिर के पुजारी नहीं थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर में बनर्जी परिवार के सदस्य ही पुजारी के रूप में कार्य करते हैं और परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। सुकुमार बनर्जी के अनुसार, मुन्ना पंडित मूल रूप से बिहार के गया जिले के रहने वाले थे। इस बयान के बाद मंदिर के पुजारी और मृतक की पहचान को लेकर सामने आ रही चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गयी है।

पुलिस जांच से खुलेंगे हत्या के राज

आमटांड़ बस्ती में हुई इस हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं। घर में हत्या, मृतक का मोबाइल फोन बंद मिलना और टीवी समेत सामान का गायब होना पुलिस जांच के महत्वपूर्ण बिंदु हैं। अब सबकी नजर पुलिस की जांच पर टिकी है। पुलिस के सामने हत्या की वजह का पता लगाने, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की पहचान करने की चुनौती है। परिजनों को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार करेगी।

Threesocieties.com की नजर इस हत्याकांड की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर बनी रहेगी