Dhanbad Cyber Crime: 64 फर्जी SIM से UCO Bank ग्राहकों को निशाना, 4 गिरफ्तार और नाबालिग निरुद्ध

Dhanbad Cyber Crime: चिरकुंडा में पुलिस ने साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार और एक नाबालिग को निरुद्ध किया। 64 संदिग्ध SIM और UCO Bank ग्राहकों के डाटा का खुलासा हुआ है।

Dhanbad Cyber Crime: 64 फर्जी SIM से UCO Bank ग्राहकों को निशाना, 4 गिरफ्तार और नाबालिग निरुद्ध
चिरकुंडा में साइबर ठग गिरोह का बड़ा खुलासा।

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  • चिरकुंडा में साइबर ठगी के संगठित गिरोह का पुलिस ने किया भंडाफोड़
  • चार आरोपियों को गिरफ्तार, एक नाबालिग को भी पुलिस ने निरुद्ध किया
  • मुकेश स्टोर से जारी हुए थे 64 संदिग्ध SIM, 27 के खिलाफ NCRP पर साइबर ठगी की शिकायत
  • UCO Bank ग्राहकों को KYC अपडेट और खाता बंद होने का झांसा देकर करते थे ठगी

धनबाद (Threesocieties.com Desk): जिला पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चिरकुंडा थाना क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित साइबर ठग गिरोह का खुलासा किया है। संदिग्ध SIM कार्ड जारी होने की जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेम रविदास, बिनोद रविदास, गुलाब रविदास और आयुष सिंह के रूप में हुई है। एक आरोपी नाबालिग है।

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इस पूरे मामले का खुलासा सोमवार को ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने प्रेसवार्ता में किया। पुलिस के मुताबिक गिरोह UCO Bank के ग्राहकों को फोन कर KYC अपडेट कराने या बैंक खाता बंद होने का डर दिखाकर OTP हासिल करता था और इसके बाद बैंक खाते से रकम निकालने का काम किया जाता था।

64 संदिग्ध SIM, 27 नंबरों पर साइबर ठगी की शिकायत

पुलिस जांच की शुरुआत दूरसंचार विभाग से मिली सूचना के बाद हुई। अधिकारियों के अनुसार 1 जनवरी से 29 मई 2026 के बीच चिरकुंडा थाना क्षेत्र स्थित मुकेश स्टोर से कुल 64 संदिग्ध SIM कार्ड जारी किए गए थे। जांच के दौरान इनमें से 27 SIM नंबरों के खिलाफ NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) पर साइबर ठगी से संबंधित शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने SIM जारी करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े लोगों की जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर निरसा SDPO लीलेश्वर महतो के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

मुकेश स्टोर पर छापेमारी, दुकान मिली बंद

जांच टीम ने चिरकुंडा बाजार स्थित ICICI बैंक के पास संचालित मुकेश स्टोर पर छापेमारी की, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले दुकान बंद मिली। जांच में दुकान का संचालन सोनारडंगाल निवासी मुकेश राय द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर लायकडीह दुर्गा मंदिर के समीप रहने वाले आयुष सिंह के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार आयुष अपने पहचान पत्र का इस्तेमाल कर कई SIM कार्ड खरीदता था और फिर उन्हें साइबर अपराधियों को ऊंची कीमत पर बेच देता था। पूछताछ में आयुष ने गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम पुलिस को बताए।

मुगमा में छापेमारी कर चार आरोपी और नाबालिग पकड़े गए

तकनीकी जांच और पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने निरसा थाना क्षेत्र के मुगमा और आसपास के इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान प्रेम रविदास, बिनोद रविदास, गुलाब रविदास और आयुष सिंह को गिरफ्तार किया गया। कुमारधुबी ओपी क्षेत्र से एक नाबालिग को भी पुलिस ने निरुद्ध किया। पुलिस के अनुसार प्रेम रविदास गिरोह का मुख्य सरगना है।

KYC अपडेट के नाम पर करते थे साइबर ठगी

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को साइबर ठगी का तरीका बताया। पुलिस के अनुसार आरोपी UCO mPassbook और UCO Secure ऐप का इस्तेमाल करते थे। गिरोह के सदस्य UCO Bank ग्राहकों को फोन कर खुद को बैंक से जुड़ा व्यक्ति बताते थे। ग्राहकों को KYC अपडेट कराने या KYC नहीं कराने पर बैंक खाता बंद होने का डर दिखाया जाता था। इसके बाद ग्राहक के मोबाइल पर आने वाला OTP हासिल कर बैंक खाते से रकम वॉलेट में ट्रांसफर करने का आरोप है। बाद में वॉलेट से रकम निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।

मोबाइल और बैंक ग्राहकों का डाटा बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, अलग-अलग कंपनियों के SIM कार्ड और UCO Bank ग्राहकों से संबंधित डाटा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार गूगल शीट में बैंक ग्राहकों के मोबाइल नंबर और खाता नंबर से संबंधित जानकारी भी मिली है। बरामद डाटा की जांच की जा रही है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने बैंक ग्राहकों को अपना निशाना बनाया है और कितनी रकम की साइबर ठगी की गई।

14 नामजद, नौ आरोपी अभी फरार

मामले में कुमारधुबी ओपी प्रभारी मैथ्यू एक्का के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में कुल 14 युवकों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपने नौ अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं। ये सभी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

साइबर नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध SIM कार्ड कहां-कहां इस्तेमाल किए गए और इनसे किन-किन बैंक ग्राहकों को निशाना बनाया गया। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों, SIM उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क और साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेनदेन की भी जांच की जा रही है।

ग्रामीण एसपी ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस की तकनीकी टीम फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

छापेमारी टीम में शामिल पुलिस अधिकारी

कार्रवाई में निरसा SDPO लीलेश्वर महतो, चिरकुंडा थाना प्रभारी आशुतोष कुमार, कुमारधुबी प्रभारी मैथ्यू एक्का, MPL प्रभारी सुमन कुमारी, पंचेत प्रभारी सुजीत कुमार सिंह, SI रॉबिन्सन मुंडरी, SI पवन कुमार राणा और SI सुमन कुमार कंठ समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।

पुलिस की इस कार्रवाई से चिरकुंडा और आसपास के इलाकों में सक्रिय साइबर अपराधियों के बीच हड़कंप है। अब फरार नौ आरोपियों की गिरफ्तारी और गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा पुलिस के लिए अगली बड़ी चुनौती है।