Bihar Cabinet: सम्राट चौधरी के 24 बड़े फैसले, दरभंगा कार्गो हब के लिए ₹226 करोड़ मंजूर
Bihar Cabinet Decisions: सम्राट चौधरी कैबिनेट ने दरभंगा कार्गो हब के लिए 225.91 करोड़ रुपये, ग्रामीण सड़क मरम्मत, बिजली, पेयजल और पर्यटन योजनाओं समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी। जानें बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले।
Highlights:
- दरभंगा में लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के लिए 49.9973 एकड़ जमीन के अधिग्रहण हेतु 225.91 करोड़ रुपये की स्वीकृति
- पांच साल की अनुरक्षण अवधि पूरी कर चुकी ग्रामीण सड़कों के रखरखाव के लिए नया कार्यक्रम लागू होगा
- तारापुर में अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत के लिए 51.07 करोड़ रुपये की योजना मंजूर
- वैशाली में 10 एकड़ जमीन पर पीपीपी मॉडल से पर्यटन रिसॉर्ट विकसित किया जाएगा
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार में विकास योजनाओं को गति देने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में दरभंगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के लिए जमीन अधिग्रहण की संशोधित राशि, ग्रामीण सड़कों के रखरखाव, बिजली आपूर्ति, पेयजल, पर्यटन, सहकारिता, साइबर सुरक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे।
कैबिनेट के फैसलों से दरभंगा में हवाई माल परिवहन की सुविधाओं के विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम आगे बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा वैशाली में पर्यटन रिसॉर्ट, मुंगेर और सुपौल में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं तथा सरकारी कार्यालयों में तकनीकी व्यवस्था के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
1. दरभंगा में कार्गो हब के लिए 225.91 करोड़ रुपये मंजूर
बिहार कैबिनेट की बैठक में दरभंगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के विकास के लिए जमीन अधिग्रहण से संबंधित संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत 49.9973 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए 225 करोड़ 91 लाख 30 हजार 742 रुपये की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इससे पहले 50.0004 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए 138 करोड़ 73 लाख 77 हजार 534 रुपये की मंजूरी दी गई थी। जमीन के मुआवजे की गणना में वृद्धि के कारण अब अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
मिथिला और उत्तर बिहार को क्या होगा फायदा?
दरभंगा में लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब का विकास होने से हवाई मार्ग से माल की ढुलाई के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने में मदद मिल सकती है। इससे कृषि उत्पादों, फल-सब्जियों और अन्य सामान को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। मिथिला और उत्तर बिहार के किसानों तथा कारोबारियों के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाएं विकसित होने से माल के भंडारण, परिवहन और वितरण की व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, परियोजना से मिलने वाले वास्तविक लाभ उसके निर्माण, संचालन और उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं पर निर्भर करेंगे।
2. पांच साल पूरे कर चुकी ग्रामीण सड़कों की होगी मरम्मत
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाए रखने के लिए कैबिनेट ने ग्रामीण सड़क अनुरक्षण एवं प्रबंधन कार्यक्रम (आरआरआरएमपी) लागू करने की मंजूरी दी है। इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण कार्य विभाग की उन सड़कों की नियमित मरम्मत, नवीनीकरण और देखरेख की जाएगी, जिनकी पांच साल की अनुरक्षण अवधि पूरी हो चुकी है या भविष्य में पूरी होगी।
गांवों में आवागमन होगा बेहतर
ग्रामीण सड़कों का उपयोग गांवों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और प्रखंड मुख्यालयों से जोड़ने के लिए किया जाता है। समय पर मरम्मत नहीं होने से सड़कों पर गड्ढे बनने, सतह खराब होने और आवागमन में परेशानी की स्थिति पैदा होती है। नई व्यवस्था का उद्देश्य सड़कों की नियमित देखरेख सुनिश्चित करना और उन्हें लंबे समय तक उपयोग योग्य बनाए रखना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
3. तारापुर में बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 51.07 करोड़ की योजना
बिहार में बिजली आपूर्ति और संचरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तारापुर में अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी गई है। बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत इस परियोजना में अतिरिक्त 132 केवी डबल सर्किट संचरण लाइन और चार अतिरिक्त लाइन बे का निर्माण किया जाएगा। इस योजना पर 51.07 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना का उद्देश्य ग्रिड उपकेंद्र को दूसरा स्वतंत्र ऊर्जा स्रोत उपलब्ध कराना है। इससे बिजली संचरण व्यवस्था की विश्वसनीयता बढ़ाने और आपूर्ति से जुड़े तकनीकी जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।
4. सुपौल के पिपरा में बनेगा नया ग्रिड उपकेंद्र
बिजली के बुनियादी ढांचे के विस्तार के तहत सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड में नए ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।इस परियोजना में 220 केवी और 132 केवी की संचरण लाइनें भी बनाई जाएंगी। पूरी योजना की अनुमानित लागत 575.36 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। परियोजना के लिए सरकार 115.07 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश करेगी। शेष 460.29 करोड़ रुपये राज्य सरकार की गारंटी पर वित्तीय संस्थानों से ऋण के रूप में जुटाने की मंजूरी दी गई है।
बिजली आपूर्ति को मिलेगा आधार
नए ग्रिड उपकेंद्र और संचरण लाइनों के निर्माण से बिजली के बुनियादी ढांचे का विस्तार करने में मदद मिलेगी। इससे संबंधित क्षेत्र में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने और संचरण नेटवर्क को मजबूत बनाने की संभावनाएं हैं।
5. मुंगेर के दो प्रखंडों में 279.51 करोड़ की पेयजल योजना
मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर और टेटियाबंबर प्रखंडों में पेयजल की सुविधा बेहतर करने के लिए 279.51 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में खड़गपुर झील के सतही जल का उपयोग किया जाएगा। योजना के तहत 14 पंचायतों के 177 वार्डों में जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए 22 एमएलडी क्षमता की ग्रामीण जलापूर्ति योजना बनाई जाएगी। इस योजना में निर्माण के साथ पांच साल तक संचालन और रखरखाव का प्रावधान भी शामिल है।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगा लाभ
ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता लोगों के जीवन स्तर और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। जलापूर्ति व्यवस्था के विस्तार से संबंधित पंचायतों में पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि परियोजना का निर्माण कब पूरा होता है और घरों तथा बस्तियों तक नियमित जलापूर्ति किस तरह सुनिश्चित की जाती है।
6. वैशाली के 493 वार्डों में पेयजल व्यवस्था होगी मजबूत
वैशाली जिले के महुआ और चेहराकलां प्रखंडों के लिए भी बड़ी जलापूर्ति परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत 36 पंचायतों के 493 वार्डों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए गंगा नदी के सतही जल का उपयोग करते हुए 72 एमएलडी क्षमता की बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना विकसित की जाएगी। परियोजना के निर्माण, संचालन और पांच साल तक रखरखाव पर 506.71 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य कई पंचायतों में जलापूर्ति की सुविधा को बेहतर बनाना है। परियोजना पूरी होने पर संबंधित क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
7. वैशाली में 10 एकड़ जमीन पर बनेगा पर्यटन रिसॉर्ट
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वैशाली में 10 एकड़ जमीन पर पर्यटन रिसॉर्ट विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना का निर्माण और संचालन जन-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्यटकों के लिए आधुनिक आवास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। वैशाली ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाला क्षेत्र है। यहां पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होने से पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं। कैबिनेट ने इस परियोजना से संबंधित पहले जारी संकल्प में संशोधन को भी मंजूरी दी है।
8. खगड़िया जिला केंद्रीय सहकारी बैंक को 75 करोड़ रुपये का अनुदान
सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से खगड़िया जिला केंद्रीय सहकारी बैंक को वित्तीय वर्ष 2026-27 में 75 करोड़ रुपये का अनुदान देने की मंजूरी दी गई है। इस राशि का उद्देश्य बैंक को न्यूनतम 9 प्रतिशत पूंजी जोखिम भारित परिसंपत्ति अनुपात यानी सीआरएआर हासिल करने में सहायता देना है। पूंजी पर्याप्तता अनुपात बैंक की वित्तीय मजबूती और संभावित जोखिमों का सामना करने की क्षमता से जुड़ा महत्वपूर्ण मानक है। इस सहायता से बैंक की पूंजी स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
9. सहकारी बैंकों में साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र बनेगा
बिहार राज्य सहकारी बैंक और उससे जुड़े जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इस काम के लिए 66.11 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा का महत्व बढ़ गया है। संचालन केंद्र के माध्यम से साइबर खतरों की निगरानी, संभावित सुरक्षा घटनाओं की पहचान और तकनीकी प्रतिक्रिया की व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
10. गर्दनीबाग टैंक पार्क के विकास को मंजूरी
पटना में गर्दनीबाग टैंक पार्क के निर्माण और विकास से संबंधित प्रस्ताव को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली है। इसके लिए एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी दी गई है। परियोजना के विकास से संबंधित आगे की प्रक्रिया के तहत निर्माण और विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
11. सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का जिला और क्षेत्रीय स्तर पर विस्तार
सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण और तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बिहार सूचना प्रौद्योगिकी अवर सेवा नियमावली, 2026 के गठन को मंजूरी दी गई है। इस व्यवस्था के तहत सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की तकनीकी क्षमताओं को जिला और क्षेत्रीय स्तर तक विस्तारित करने की दिशा में काम किया जाएगा। सरकारी आईटी परियोजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी और विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।
जिला और स्थानीय स्तर पर तकनीकी व्यवस्था मजबूत होने से सरकारी डिजिटल सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद मिल सकती है। हालांकि, नई व्यवस्था के तहत पदों, नियुक्तियों और कार्य आवंटन का वास्तविक स्वरूप संबंधित नियमों तथा उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
12. आयुर्वेद महाविद्यालय में तीन अतिरिक्त पद सृजित होंगे
स्वास्थ्य विभाग के तहत बक्सर स्थित राजकीय श्री धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय-सह-चिकित्सालय में तीन अतिरिक्त पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से संबंधित संस्थान में स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाने का रास्ता साफ होगा। अतिरिक्त पदों की जिम्मेदारियों और नियुक्ति प्रक्रिया का विवरण संबंधित विभागीय आदेशों के अनुसार निर्धारित होगा।
13. कैलाशपति मिश्र की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनेगी
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र की जयंती प्रत्येक वर्ष 5 अक्टूबर को राजकीय समारोह के रूप में मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के तहत उनकी जयंती के आयोजन को सरकारी स्तर पर मान्यता दी जाएगी।
14. वर्ष 2027 की छुट्टियों की सूची को मंजूरी
सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, बिहार सरकार के कार्यालयों के लिए वर्ष 2027 में सामान्य अवकाश और प्रतिबंधित अवकाश की सूची घोषित करने को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से अगले वर्ष सरकारी कार्यालयों में लागू होने वाले अवकाश संबंधी कार्यक्रम को औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। छुट्टियों की विस्तृत सूची संबंधित सरकारी अधिसूचना के अनुसार लागू होगी।
15. भीम बांध क्षेत्र में इको टूरिज्म को बढ़ावा
बिहार में पर्यटन के नए अवसर विकसित करने के लिए भीम बांध क्षेत्र में इको टूरिज्म से जुड़े तीन क्लस्टरों के प्रस्तावों को पीपीपी मॉडल के माध्यम से आगे बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। इको टूरिज्म के विकास का उद्देश्य प्राकृतिक क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। परियोजनाओं के विकास और संचालन की विस्तृत शर्तें संबंधित प्रस्तावों तथा आगे की प्रक्रिया के अनुसार तय होंगी।
16. सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया में बदलाव
पथ निर्माण विभाग से संबंधित एक प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इसमें निविदा प्रक्रिया में न्यूनतम दर की सीमा से जुड़े पुराने प्रावधानों को निरस्त कर नई व्यवस्था के तहत बदलाव करने का प्रस्ताव शामिल है। इस फैसले का उद्देश्य सड़क निर्माण से जुड़ी निविदा प्रक्रिया के प्रावधानों में संशोधन करना है। नई व्यवस्था किस प्रकार लागू होगी, इसका विवरण संबंधित विभागीय आदेशों से स्पष्ट होगा।
विकास योजनाओं पर कैबिनेट का जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक के फैसलों में बुनियादी ढांचे, ग्रामीण सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई क्षेत्र शामिल हैं। दरभंगा में लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के लिए जमीन अधिग्रहण की संशोधित राशि की मंजूरी, बिजली परियोजनाओं, पेयजल योजनाओं और ग्रामीण सड़क रखरखाव के निर्णय राज्य में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं का वास्तविक असर उनके समयबद्ध क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन और लोगों तक सुविधाएं पहुंचने पर निर्भर करेगा।
Anjala Kumar 



