Duleep Trophy 2026: 13 साल बाद ईस्ट जोन चैंपियन, बिहार के 4 क्रिकेटरों ने लिखी जीत की कहानी

Duleep Trophy 2026 में ईस्ट जोन ने 13 साल बाद खिताब जीता। ईशान किशन, वैभव सूर्यवंशी, मुकेश कुमार और अनुकूल राय ने जीत में अहम भूमिका निभाई।

Duleep Trophy 2026: 13 साल बाद ईस्ट जोन चैंपियन, बिहार के 4 क्रिकेटरों ने लिखी जीत की कहानी
फाइनल ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी की बढ़त से ईस्ट जोन विजेता बना।

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    HighLights:

  • ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन तीसरी बार चैंपियन बना
  • फाइनल में ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाए
  • साउथ जोन की टीम 336 रन पर ऑलआउट हुई
  • कप्तान ईशान किशन ने पहली पारी में 270 रन ठोके
  • ईशान ने दोनों पारियों में कुल 350 रन बनाए

चेन्नई (Threesocieties.com Desk): दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन ने 13 साल के लंबे इंतजार के बाद खिताब अपने नाम कर लिया। एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए फाइनल में ईस्ट जोन और साउथ जोन का मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया। ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जबकि साउथ जोन की टीम 336 रन पर सिमट गई। इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की बढ़त मिली।

ईस्ट जोन की इस शानदार खिताबी जीत में बिहार से जुड़े चार क्रिकेटरों—ईशान किशन, वैभव सूर्यवंशी, मुकेश कुमार और अनुकूल राय—का अहम योगदान रहा। कप्तान ईशान किशन ने बल्ले से रिकॉर्डतोड़ 270 रन की पारी खेली, वैभव ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से प्रभावित किया, मुकेश कुमार ने गेंद से लगातार विकेट चटकाए और अनुकूल राय ने बल्ले के साथ गेंद से भी उपयोगी योगदान दिया।

ईशान किशन का बल्ला गरजा, 270 रन की तूफानी पारी

ईस्ट जोन के कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन इस फाइनल के सबसे बड़े सितारे रहे। उन्होंने साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी में 334 गेंदों का सामना करते हुए 270 रन बनाए। उनकी पारी में 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनकी मैराथन पारी करीब 522 मिनट तक चली। ईशान के शानदार दोहरे शतक की बदौलत ईस्ट जोन ने 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके बाद उन्होंने दूसरी पारी में भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 80 रन बनाए। दोनों पारियों में उनके बल्ले से कुल 350 रन निकले और उन्हें फाइनल का प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। ईशान की कप्तानी में ईस्ट जोन ने 2012-13 के बाद पहली बार दलीप ट्रॉफी जीती। यह ईस्ट जोन का कुल तीसरा दलीप ट्रॉफी खिताब है। इससे पहले टीम 2011-12 और 2012-13 में चैंपियन बनी थी।

वैभव सूर्यवंशी ने फिर दिखाया अपना दम

समस्तीपुर से जुड़े युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरीं। महज 15 साल की उम्र में खेल रहे वैभव ने फाइनल में 37 गेंदों पर 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी पारी में पांच चौके और एक छक्का शामिल रहा। टूर्नामेंट में वैभव ने कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया। सेंट्रल जोन के खिलाफ उनकी 92 रन की पारी बेहद प्रभावशाली रही। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि वैभव लंबे फॉर्मेट में भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से प्रभाव छोड़ने की क्षमता रखते हैं। फाइनल में हालांकि वह अर्धशतक से चूक गए, लेकिन उनकी 44 रन की तेज पारी ने ईस्ट जोन को मजबूत शुरुआत दिलाने में मदद की।

मुकेश कुमार की गेंदों ने मचाया कहर

गोपालगंज के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ईस्ट जोन के गेंदबाजी आक्रमण के अहम हथियार रहे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट चटकाए। फाइनल में साउथ जोन की पहली पारी में मुकेश ने 3 विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी की बदौलत साउथ जोन की पारी 336 रन पर सिमट गई। रिकी भुई और देवदत्त पडिक्कल जैसे बल्लेबाजों के विकेट भी मुकेश के खाते में आए। सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में भी मुकेश का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में चार विकेट लेकर मैच का रुख ईस्ट जोन के पक्ष में मोड़ दिया था।

अनुकूल राय का ऑलराउंड योगदान

समस्तीपुर से जुड़े ऑलराउंडर अनुकूल राय ने भी टीम की जीत में उपयोगी भूमिका निभाई। उन्होंने फाइनल की पहली पारी में 45 रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी ने ईस्ट जोन के विशाल स्कोर को और मजबूती दी। टूर्नामेंट के पिछले मुकाबलों में भी अनुकूल ने बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ उन्होंने पांच विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया था। इस तरह वह ईस्ट जोन के लिए एक उपयोगी ऑलराउंड विकल्प साबित हुए।

पहली पारी की बढ़त से ईस्ट जोन बना चैंपियन

फाइनल में ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 708 रन बनाए। जवाब में साउथ जोन की टीम 336 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह ईस्ट जोन को 372 रन की पहली पारी की बढ़त हासिल हुई। इसके बाद ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में 388/7 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी में बढ़त के कारण ट्रॉफी ईस्ट जोन के नाम रही।

ईस्ट जोन का 13 साल का इंतजार खत्म

ईस्ट जोन ने इससे पहले 2011-12 और 2012-13 में लगातार दो बार दलीप ट्रॉफी जीती थी। इसके बाद टीम लंबे समय तक खिताब से दूर रही। 2026 में ईशान किशन की कप्तानी में टीम ने शानदार वापसी करते हुए तीसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की।इस जीत में ईशान किशन का नेतृत्व, वैभव सूर्यवंशी की युवा ऊर्जा, मुकेश कुमार की धारदार गेंदबाजी और अनुकूल राय के ऑलराउंड योगदान ने ईस्ट जोन को मजबूती दी। यही वजह है कि दलीप ट्रॉफी 2026 की यह जीत बिहार से जुड़े इन चार खिलाड़ियों के लिए भी खास बन गई।