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Highlights: 

  • गम्हरिया थाना परिसर में महिला से कथित दुष्कर्म का मामला
  • तत्कालीन थाना प्रभारी समेत कुल 15 पुलिसकर्मी निलंबित
  • वायरलेस ऑपरेटर, ओडी अधिकारी और मुंशी गिरफ्तार
  • घटना की रात थाने में आठ पुलिसकर्मी थे तैनात, महिला सिपाही नहीं थी मौजूद

जमशेदपुर (Threesocieties.com Desk): झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाने में एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले ने पूरे पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। शिकायत लेकर थाने पहुंची 20 वर्षीय महिला के साथ थाना परिसर में ही दुष्कर्म किए जाने के आरोप के बाद पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।

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पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के सख्त निर्देश पर अब तक तत्कालीन थाना प्रभारी समेत कुल 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। वहीं, मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा के अलावा ओडी (ऑफिसर ऑन ड्यूटी) अधिकारी पुअनि मनोज कुमार साहू और मुंशी सह आरक्षी संतोष कुमार राय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इस घटना के बाद गम्हरिया थाना के पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। एसपी ने थाने की व्यवस्था में बदलाव करते हुए इंस्पेक्टर राजेश टुडू को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया है।

15 पुलिसकर्मियों पर गिरी निलंबन की गाज

गम्हरिया थाना कांड में पुलिस अधीक्षक ने अनुशासनहीनता, कर्तव्य में लापरवाही और गंभीर घटना की जानकारी वरीय अधिकारियों से छिपाने के आरोप में कड़ी कार्रवाई की है। रविवार को नौ और पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। इनमें दो सब-इंस्पेक्टर, चार सहायक अवर निरीक्षक, दो हवलदार और एक आरक्षी शामिल हैं। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में पुअनि अजय पासवान, पुअनि ललन रविदास, सअनि विशु उरांव, सअनि मुकेश कुजूर, सअनि मुकेश रविदास, सअनि सीताराम सिंह पाहन, हवलदार पिताम्बर महतो, हवलदार बहादुर हांसदा और आरक्षी मनोज गोराई शामिल हैं। इससे पहले शनिवार को तत्कालीन थाना प्रभारी संजय प्रसाद समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। इनमें पुअनि अनिरुद्ध सिंह, पुअनि मनोज साहू, आरक्षी संतोष राय, हवलदार मुनेश्वर कुमार और मुख्य आरोपी नीरज लकड़ा शामिल थे। इस तरह अब तक कुल 15 पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है। इस कार्रवाई ने जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

OD अधिकारी और मुंशी भी गिरफ्तार, तीन पुलिसकर्मी जेल में

इस मामले में पुलिस प्रशासन ने केवल निलंबन तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। घटना से जुड़े पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी भी की गई है। रविवार को ओडी अधिकारी पुअनि मनोज कुमार साहू और मुंशी सह आरक्षी संतोष कुमार राय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले मुख्य आरोपी सिपाही सह वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इस प्रकार मामले में अब तक तीन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों की क्या भूमिका थी और शिकायत के बावजूद महिला को तत्काल मदद क्यों नहीं मिली।

थाने में आठ पुलिसकर्मी थे तैनात, महिला सिपाही एक भी नहीं

विभागीय जांच में एक गंभीर तथ्य सामने आया है। जिस रात महिला के साथ कथित दुष्कर्म की घटना हुई, उस समय गम्हरिया थाने में कुल आठ पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मौजूद थे। इनमें तीन अवर एवं सहायक अवर निरीक्षक, दो सिपाही और तीन हवलदार शामिल थे। इतने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद थाने में एक भी महिला सिपाही तैनात नहीं थी। महिला सुरक्षा और थाने की कार्यप्रणाली को लेकर यह तथ्य गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना के दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पीड़िता की शिकायत पर क्या कार्रवाई की और कथित घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों तक समय पर क्यों नहीं पहुंचाई गई।

राजेश टुडू बने नए थाना प्रभारी

घटना के बाद गम्हरिया थाने की कमान इंस्पेक्टर राजेश टुडू को सौंपी गई है। उन्होंने रविवार को नए थाना प्रभारी के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून का राज स्थापित करना, पुलिस के प्रति जनता का विश्वास बहाल करना और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी। थाने की छवि पर पड़े नकारात्मक असर को देखते हुए नए थाना प्रभारी के सामने पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने और आम लोगों का भरोसा जीतने की बड़ी चुनौती होगी।

एसपी मनोज स्वर्गियारी ने थाने पहुंचकर की जांच

पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने खुद गम्हरिया थाना पहुंचकर मामले की पड़ताल की। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। एसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को 24 घंटे निगरानी रखने और थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को हमेशा चालू रखने का निर्देश दिया है।उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि महिला फरियादियों को रात में अनावश्यक रूप से थाने में नहीं बैठाया जाए। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने अनुशासन और जवाबदेही को लेकर पुलिसकर्मियों को सख्त संदेश दिया है।

क्या है गम्हरिया थाना दुष्कर्म कांड?

मामला बीते गुरुवार की देर रात का बताया जा रहा है। करीब 20 वर्षीय महिला अपने पति के साथ हुए विवाद की शिकायत दर्ज कराने गम्हरिया थाने पहुंची थी।आरोप है कि थाने में तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा ने महिला को मदद करने का भरोसा दिलाया और उसे थाना परिसर स्थित एक कमरे में ले गया। वहां उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, घटना के दौरान उसने मदद की गुहार लगाई, लेकिन थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे बचाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। बाद में पीड़िता ने वरीय अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद मामला सामने आया और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

मेडिकल जांच और SIT कर रही है मामले की पड़ताल

घटना के बाद पीड़िता को सरायकेला सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) तकनीकी साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस की जांच में घटना के समय थाने में मौजूद कर्मियों की भूमिका, सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी की स्थिति और शिकायत के बाद की गई कार्रवाई जैसे पहलुओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गम्हरिया थाना परिसर में हुई इस कथित घटना ने पुलिस व्यवस्था, महिला सुरक्षा और थाने में फरियादियों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे जिले की नजर जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है।

Threesocieties.com की नजर इस मामले की जांच और पुलिस प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर बनी रहेगी।