चतरा में राहुल दुबे गैंग पर पुलिस का बड़ा एक्शन, लेवी वसूली से पहले 3 अपराधी हथियार समेत गिरफ्तार
Chatra News: चतरा पुलिस ने राहुल दुबे गैंग के तीन अपराधियों को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी कोयला कारोबारियों से लेवी वसूली के लिए फायरिंग कर दहशत फैलाने की तैयारी में थे। पढ़ें पूरी खबर।
HighLights:
- चतरा पुलिस ने राहुल दुबे गैंग के तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया
- कोयला कारोबारियों से लेवी वसूलने की साजिश का खुलासा
- फायरिंग कर दहशत फैलाने की थी तैयारी
- एक पिस्टल, एक देशी कट्टा, छह जिंदा कारतूस और बाइक बरामद
- कई कोल साइडिंग की रेकी कर रहे थे अपराधी
- गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी
चतरा (Threesocieties.com Desk): झारखंड के चतरा जिले में कोयलांचल क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राहुल दुबे गैंग के तीन सदस्यों को हथियार, जिंदा कारतूस और मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ये अपराधी कोयला कारोबारियों से लेवी वसूली के लिए बड़े पैमाने पर दहशत फैलाने की साजिश रच रहे थे। समय रहते मिली गुप्त सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण उनकी पूरी योजना विफल हो गई।
मंगलवार को एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पिपरवार थाना क्षेत्र के कारो गांव में कुछ संदिग्ध अपराधी हथियारों के साथ किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया और कारो गांव में घेराबंदी कर तीनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
बोकारो और हजारीबाग के रहने वाले हैं आरोपी
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान बोकारो जिले के संजय मुर्ती, आलोक कुमार सिंह तथा हजारीबाग जिले के अजय करमाली के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में तीनों के कुख्यात राहुल दुबे गैंग से जुड़े होने की पुष्टि हुई है।
कोयला कारोबारियों को निशाना बनाने की थी तैयारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी चतरा जिले के आम्रपाली, पिपरवार, अशोका और राजधर कोल साइडिंग के अलावा रांची के खेलारी, रामगढ़ के बरकाकाना और कुजू तथा हजारीबाग के केरेडारी क्षेत्र में कोयला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। योजना के तहत पहले फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलानी थी और उसके बाद कारोबारियों से रंगदारी (लेवी) की वसूली करनी थी। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो क्षेत्र में बड़ी आपराधिक घटना हो सकती थी।
हथियार और कारतूस समेत कई सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—एक पिस्टल, एक देशी कट्टा,छह जिंदा कारतूस , तीन मोबाइल फोनव घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद हथियारों की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इन्हें कहां से उपलब्ध कराया गया था।
गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। साथ ही राहुल दुबे गैंग के अन्य सक्रिय सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क किन-किन जिलों तक फैला हुआ है और हाल के दिनों में हुई रंगदारी या फायरिंग की घटनाओं में इनकी क्या भूमिका रही है।
इन अधिकारियों ने की कार्रवाई
इस सफल अभियान में टंडवा थाना प्रभारी पप्पू शर्मा, पिपरवार थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्रा, पुलिस अवर निरीक्षक अभिमन्यु कुमार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कोयलांचल क्षेत्र में अपराध और लेवी वसूली पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी विशेष अभियान जारी रहेगा।
Threesocieties.com Analysis
चतरा, रामगढ़, हजारीबाग और रांची का कोयलांचल क्षेत्र लंबे समय से कोयला परिवहन, साइडिंग संचालन और लेवी वसूली को लेकर अपराधियों के निशाने पर रहा है। ऐसे में राहुल दुबे गैंग के तीन सदस्यों की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे न केवल एक संभावित फायरिंग की घटना टली है, बल्कि कोयला कारोबारियों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत हुआ है। पुलिस अब इस गैंग के पूरे नेटवर्क और वित्तीय स्रोतों की पड़ताल कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।




