Wasseypur Firing: भूली मोड़ पर शानू-अफरोज थे निशाने पर! प्रिंस खान गिरोह पर शक

धनबाद के भूली मोड़ गोलीकांड में पुलिस की जांच तेज है। अफरोज और शानू खान के निशाने पर होने के एंगल की जांच, 8 खोखे बरामद।

Wasseypur Firing: भूली मोड़ पर  शानू-अफरोज थे निशाने पर! प्रिंस खान गिरोह पर शक
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य।

Advertisement

      HighLights:

  • पुलिस की प्रारंभिक जांच में अफरोज और शानू खान के निशाने पर होने का एंगल
  • भूली मोड़ से आरामोड़ तक CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
  • अफरोज को पहले कथित तौर पर मिली थी जान से मारने की धमकी
  • शानू खान पर करीब एक वर्ष पहले भी चली थी गोली 

धनबाद (Threesocieties.com Desk): वासेपुर के भूली मोड़ पर सोमवार सुबह हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस इस पहलू पर काम कर रही है कि हमलावरों के निशाने पर फहीम खान के भाई शानू खान और मौके पर मौजूद अफरोज थे। गोलीबारी में शानू खान समेत तीन लोगों के घायल होने की बात सामने आई है।

पुलिस घटना के पीछे पुरानी रंजिश, हाल में मिली कथित धमकियों और आपराधिक विवाद के संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है। जांच में प्रिंस खान गिरोह से जुड़े संभावित एंगल को भी देखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

अफरोज को पहले मिली थी कथित धमकी

जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली है कि अफरोज को कुछ दिन पहले कथित तौर पर प्रिंस खान गिरोह की ओर से जान से मारने की धमकी मिली थी। इसी वजह से भूली मोड़ की घटना में अफरोज को निशाना बनाए जाने की आशंका को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस फहीम खान के परिवार से जुड़े पुराने विवादों और हाल के घटनाक्रमों को भी खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हालिया धमकियों और सोमवार की गोलीबारी के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं।

शानू खान पर पहले भी हो चुका है हमला

फहीम खान के भाई शानू खान पर करीब एक वर्ष पहले अलीनगर के पास गोली चलने की घटना सामने आई थी। अब भूली मोड़ पर हुई गोलीबारी में शानू के घायल होने के बाद पुलिस पुराने हमले और ताजा घटना के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।घटनास्थल से पुलिस ने आठ खोखे और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इससे फायरिंग की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा रहा है। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।

भूली मोड़ से आरामोड़ तक CCTV खंगाल रही पुलिस

गोलीकांड के बाद पुलिस की कई टीमें इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही हैं। भूली मोड़ से आरामोड़ तक लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। पुलिस का फोकस हमलावरों की पहचान के साथ-साथ गोलीबारी के बाद उनके संभावित भागने के रास्ते का पता लगाने पर है। तकनीकी जांच के तहत सीसीटीवी फुटेज के अलावा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।

बंटी खान से पूछताछ में सामने आई कथित जानकारी

इधर, फहीम खान के पुत्र इकबाल खान के चालक बबली पर गोली चलाने के आरोप में जेल भेजे गए बंटी खान से पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में बंटी ने दावा किया कि प्रिंस खान के निशाने पर फहीम खान का परिवार और उसके करीबी लोग हो सकते हैं। उसने कथित तौर पर यह भी बताया कि परिवार के सदस्यों या करीबियों को निशाना बनाने के लिए संपर्क में रहने वाले लोगों का इस्तेमाल किया जा सकता है।हालांकि, पुलिस इन दावों को फिलहाल अंतिम तथ्य नहीं मान रही है। जांच टीम बंटी के बयानों का मिलान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के साथ कर रही है।

प्रिंस के कथित आत्मसमर्पण की शर्त की भी जांच

पूछताछ के दौरान बंटी ने प्रिंस खान के कथित आत्मसमर्पण को लेकर एक शर्त का भी जिक्र किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने में जुटी है।जांच एजेंसियां पूर्व में सामने आए धमकी के मामलों, आपराधिक घटनाओं और संदिग्ध गतिविधियों को आपस में जोड़कर देख रही हैं। पुलिस का प्रयास है कि केवल पूछताछ में सामने आए दावों के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय उन्हें उपलब्ध तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों से सत्यापित किया जाए।

गोलीकांड में तीन लोग हुए घायल 

भूली मोड़ की घटना में शानू खान समेत तीन लोगों के घायल हुए हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावर कितने थे, उन्होंने किस दिशा से फायरिंग की और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए। CCTV फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्य से इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।

पुराने विवाद और हालिया धमकियों पर पुलिस का फोकस

पुलिस जांच का एक प्रमुख पहलू फहीम खान और प्रिंस खान से जुड़े पुराने विवाद भी हैं। इसके साथ ही हाल के दिनों में सामने आई कथित धमकियों और आपराधिक घटनाओं को भी जांच में शामिल किया गया है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बंटी से मिली जानकारी को सीधे तौर पर घटना का कारण नहीं माना जा रहा है। जांच टीम उसके दावों की पुष्टि स्वतंत्र साक्ष्यों से कर रही है।

फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस भूली मोड़ गोलीकांड में शामिल शूटरों की पहचान, हमले के वास्तविक कारण और घटना में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने पर है। जांच पूरी होने के बाद ही गोलीबारी के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।