धनबाद क्रिकेट में 'सिंह मेंशन vs रघुकुल' की नई पारी, मेयर संजीव को DCA का जवाब; अभिषेक सिंह की एंट्री
धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) में विवाद गहरा गया है। मेयर संजीव सिंह समर्थित SGM की मांग 65% हस्ताक्षरों में गड़बड़ी के आधार पर खारिज कर दी गई। वहीं अभिषेक कुमार सिंह को कार्यकारिणी सदस्य बनाकर DCA ने नया राजनीतिक संदेश दिया।
HighLights:
- DCA ने विशेष आम सभा (SGM) बुलाने की मांग को किया खारिज
- जांच रिपोर्ट में 65% हस्ताक्षरों में गड़बड़ी का दावा
- महिला क्रिकेट समिति का गठन, डॉ. सरिता सिन्हा बनीं अध्यक्ष
- संतोष सिंह और दिवेन तिवारी को पदमुक्त कर नए सदस्यों की नियुक्ति
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) का विवाद अब केवल खेल संगठन तक सीमित नहीं रह गया है। यह संघर्ष अब धनबाद की चर्चित राजनीतिक और पारिवारिक प्रतिद्वंद्विता 'सिंह मेंशन बनाम रघुकुल' की नई पारी बनता दिखाई दे रहा है। शनिवार को हुई DCA प्रबंध समिति की बैठक में लिए गए फैसलों ने इस विवाद को और तेज कर दिया।
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बैठक में सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि पूर्व डीएसपी अवधेश कुमार सिंह द्वारा विशेष आम सभा (SGM) बुलाने की मांग को खारिज कर दिया गया। प्रबंध समिति ने दावा किया कि जांच में प्रस्तुत हस्ताक्षरों में लगभग 65 प्रतिशत हस्ताक्षर फर्जी या संदिग्ध पाए गए। समिति ने यह भी कहा कि कई हस्ताक्षर ऐसे लोगों के थे जो DCA के सदस्य ही नहीं थे, जबकि कुछ क्लब प्रतिनिधियों ने भी हस्ताक्षर को अधिकृत नहीं बताया।
मेयर संजीव सिंह के अभियान को झटका
DCA के बागी गुट को धनबाद के मेयर संजीव सिंह का समर्थन मिलने की चर्चा पहले से रही है। हाल ही में एक क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने मौजूदा प्रबंध समिति के खिलाफ अभियान तेज किया था। माना जा रहा है कि उनकी नजर DCA के शीर्ष नेतृत्व पर है। इसी बीच DCA ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए रघुकुल परिवार के अभिषेक कुमार सिंह को कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त कर दिया। अभिषेक कुमार सिंह और मेयर संजीव सिंह चचेरे भाई हैं तथा दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से राजनीतिक और पारिवारिक प्रतिद्वंद्विता रही है। ऐसे में यह नियुक्ति केवल संगठनात्मक फैसला नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत भी मानी जा रही है।
फर्जी हस्ताक्षरों की जांच में क्या निकला?
DCA अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 22 जून को विशेष आम सभा बुलाने के लिए 134 सदस्यों के कथित हस्ताक्षरों वाला आवेदन मिला था। बाद में आवेदन देने वाले अवधेश कुमार सिंह ने स्वयं ईमेल भेजकर स्वीकार किया कि कम से कम 10 हस्ताक्षर वैध नहीं थे।इसके बाद हस्ताक्षरों की जांच की जिम्मेदारी धनबाद प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजीव कुमार झा को सौंपी गई। 16 जुलाई को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले दावे किए गए—
कई सदस्यों ने अपने हस्ताक्षर फर्जी बताए।
कई क्लब प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने किसी को अधिकृत नहीं किया।
एक हस्ताक्षर ऐसे सदस्य का मिला जो लंबे समय से विदेश में हैं।
कुल मिलाकर लगभग 65 प्रतिशत हस्ताक्षरों में गड़बड़ी पाई गई।
इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रबंध समिति ने SGM बुलाने की मांग अस्वीकार कर दी।
महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने की पहल
बैठक में धनबाद में महिला क्रिकेट को मजबूत करने के लिए अलग महिला क्रिकेट समिति गठित की गई। समिति की अध्यक्ष: डॉ. सरिता सिन्हा होंगी। पूनम शर्मा, आशनी सिंह, डॉ. नीतू सहाय, सोनाली सिंह, सुप्रिया कुमारी, कल्याणी सिन्हा, डॉ. रीना बर्णवाल व बिंदु सिंह को सदस्य बनाया गया है। DCA का कहना है कि इस समिति का उद्देश्य महिला क्रिकेटरों को बेहतर अवसर और संरचित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है।
दो सदस्यों की छुट्टी, नए चेहरों की एंट्री
बैठक में कार्यकारिणी सदस्य संतोष कुमार सिंह और दिवेन तिवारी के आचरण तथा संगठन के प्रति असहयोगात्मक रवैये पर भी चर्चा हुई। प्रबंध समिति ने माना कि दोनों अब कार्यकारिणी में सक्रिय भूमिका नहीं निभाना चाहते। इसके बाद उन्हें पदमुक्त मानते हुए उनकी जगह अशोक सराफ, शिव शक्ति और अभिषेक कुमार सिंह को कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।
अब आगे क्या?
DCA के फैसलों के बाद यह साफ हो गया है कि धनबाद क्रिकेट की लड़ाई अब केवल संगठनात्मक नहीं रही। इसमें स्थानीय राजनीति, पारिवारिक प्रतिद्वंद्विता और खेल प्रशासन—तीनों का असर दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज होने की संभावना है, खासकर यदि बागी गुट इन फैसलों को चुनौती देता है।




