भरत तिवारी की मौत के बाद पहली बार घर पहुंचे DM-SP, परिवार ने रखीं 7 बड़ी मांगें

भरत तिवारी की मौत के बाद पहली बार भोजपुर DM-SP बिलौटी स्थित उनके घर पहुंचे। परिवार ने न्याय, स्मारक, नौकरी, आर्थिक सहायता और विस्थापितों की मदद समेत कई मांगें रखीं।

भरत तिवारी की मौत के बाद पहली बार घर पहुंचे DM-SP, परिवार ने रखीं 7 बड़ी मांगें
भरत तिवारी के घर पहुंचे भोजपुर DM-SP।

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  • भरत तिवारी की मौत के बाद पहली बार पैतृक घर पहुंचे भोजपुर DM और SP
  • डीएम और एसपी ने परिजनों से की मुलाकात, आधे घंटे तक परिवार की समस्याएं और मांगें सुनीं
  • परिजनों ने न्याय और भरत तिवारी की याद में स्मारक बनाने की मांग 
  • अनुकंपा नौकरी और सरकारी सहायता की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाने का भरोसा

भोजपुर (Threesocieties.com Desk): बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद शनिवार को पहली बार जिले के डीएम और एसपी उनके पैतृक घर पहुंचे। भोजपुर के डीएम मनीष कुमार मीना और एसपी अभिषेक दीक्षित ने भरत तिवारी के माता-पिता और अन्य परिजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। दोनों अधिकारियों और परिवार के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई।

मुलाकात के दौरान परिवार ने भरत तिवारी की मौत के मामले में न्याय की मांग दोहराई। इसके साथ ही उनकी स्मृति में स्मारक निर्माण, आवास परिसर और आसपास मिट्टी भराई तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग प्रशासन के सामने रखी गई।

न्याय और स्मारक निर्माण की मांग

भरत तिवारी के परिजनों ने अधिकारियों से कहा कि उनकी मौत के मामले में परिवार को न्याय मिलना चाहिए। परिवार ने भरत की याद में स्मारक निर्माण कराने की मांग भी रखी। इसके अलावा आवास परिसर और आसपास के इलाके में मिट्टी भराई कराने का मुद्दा उठाया गया, ताकि परिवार और स्थानीय लोगों को आवागमन समेत अन्य परेशानियों से राहत मिल सके।

गंगा कटान से विस्थापित परिवारों का मुद्दा भी उठा

डीएम-एसपी से बातचीत में भरत तिवारी के परिजनों ने केवल अपने परिवार की समस्याएं ही नहीं, बल्कि गंगा कटान से विस्थापित बिलौटी के परिवारों का मुद्दा भी उठाया। परिजनों के मुताबिक, गंगा कटान और बाढ़ से प्रभावित कई परिवार अब तक सरकारी सहायता की सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। विस्थापित क्षेत्र में घर, सड़क और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की कमी की ओर भी अधिकारियों का ध्यान दिलाया गया। परिवार ने कहा कि प्रभावित लोगों को सरकारी सहायता और जरूरी सुविधाओं से जोड़ा जाना चाहिए।

पानी कम होने के बाद सड़क और मिट्टी भराई का भरोसा

परिवार के अनुसार, डीएम मनीष कुमार मीना ने भरोसा दिया कि बाढ़ का पानी कम होने और क्षेत्र के सूखने के बाद जरूरी काम कराए जाएंगे। विस्थापित इलाके में मिट्टी भराई और पक्की सड़क बनाने की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। डीएम ने संबंधित एसडीएम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

भरत तिवारी के घर पर पुलिस गार्ड तैनात

परिजनों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए भरत तिवारी के घर पर पुलिस गार्ड तैनात किया गया है। अधिकारियों ने परिवार को सरकार की ओर से घोषित प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने का भरोसा दिया।परिवार की ओर से अनुकंपा पर नौकरी और आर्थिक सहायता का मुद्दा भी अधिकारियों के सामने रखा गया। प्रशासन ने संबंधित प्रक्रियाओं को जल्द आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।

सोशल मीडिया पर परेशान करने की शिकायत

मुलाकात के दौरान परिवार ने सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा उन्हें कथित तौर पर बदनाम करने और परेशान किए जाने की शिकायत भी की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम-एसपी ने शाहपुर थानाध्यक्ष को तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

कागजी प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश

मौके पर डीएम ने संबंधित सीओ को बुलाकर परिवार से जुड़ी कागजी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। स्मारक निर्माण, परिसर में मिट्टी भराई और सरकारी सहायता से वंचित बाढ़पीड़ित परिवारों को सूची में शामिल करने के मुद्दे पर भी प्रशासन की ओर से सकारात्मक पहल का भरोसा दिया गया।

भरत तिवारी की मौत के बाद गठित हुआ न्यायिक जांच आयोग

भरत तिवारी की 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद मामला काफी चर्चित हुआ था। घटना की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से भरत तिवारी के परिवार को एक नौकरी और आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई थी। अब डीएम-एसपी की मुलाकात के बाद इन घोषणाओं को जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।

विस्थापितों की आवाज उठाते थे भरत तिवारी

परिवार का कहना है कि भरत तिवारी गंगा कटान से विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर भी आवाज उठा रहे थे। इसलिए परिजनों ने प्रशासन से इन परिवारों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। परिवार के मुताबिक, विस्थापित लोगों को घर, सड़क, सरकारी सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं मिलना भरत तिवारी द्वारा उठाए गए मुद्दों को आगे बढ़ाने जैसा होगा।

DM-SP की मुलाकात के बाद बढ़ी कार्रवाई की उम्मीद

भरत तिवारी के घर डीएम और एसपी के पहुंचने के बाद अब परिजनों की मांगों और सरकार की ओर से की गई घोषणाओं पर प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी है। खास तौर पर अनुकंपा नौकरी, आर्थिक सहायता, स्मारक निर्माण, मिट्टी भराई, पक्की सड़क और गंगा कटान से विस्थापित परिवारों को सरकारी सहायता से जोड़ने के मुद्दे पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।डीएम-एसपी की इस मुलाकात को परिवार की समस्याओं को सीधे सुनने और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।