धनबाद में 1 महीने से रजिस्ट्री का काम प्रभावित, राज्यपाल के सचिव तक पहुंचा मामला
धनबाद और गोविंदपुर में करीब एक माह से प्रभावित संपत्ति निबंधन कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग उठी है। भाजपा नेता मुकेश पांडेय के नेतृत्व में डीड राइटर एसोसिएशन ने राज्यपाल के प्रधान सचिव को ज्ञापन सौंपा।
HighLights:
- धनबाद और गोविंदपुर में करीब एक माह से संपत्ति निबंधन कार्य प्रभावित
- भाजपा नेता मुकेश पांडेय के नेतृत्व में डीड राइटर एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन
- SIR ड्यूटी में निबंधन कर्मियों की तैनाती से काम प्रभावित होने का दावा
- बिक्री, खरीद, दान, बंटवारा और प्रमाणित प्रति जैसी सेवाएं प्रभावित
रांची/धनबाद(Threesocieties.com Desk): धनबाद जिले में करीब एक माह से संपत्ति निबंधन एवं उससे जुड़ी विभिन्न सेवाओं के प्रभावित रहने का मामला अब राज्यपाल सचिवालय तक पहुंच गया है। निबंधन कार्य को जल्द से जल्द सुचारू कराने की मांग को लेकर भाजपा नेता मुकेश पांडेय के नेतृत्व में धनबाद एवं गोविंदपुर डीड राइटर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने निबंधन कार्यालय से संबंधित समस्याओं की जानकारी देते हुए आम लोगों को हो रही परेशानियों और इससे जुड़े विभिन्न वर्गों की आजीविका पर पड़ रहे असर से अवगत कराया। प्रधान सचिव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धनबाद उपायुक्त से बात कर समस्या के समाधान और निबंधन कार्य जल्द सुचारू कराने का आश्वासन दिया।
SIR ड्यूटी से प्रभावित होने का दावा
एसोसिएशन की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि SIR (Special Intensive Revision) कार्य में निबंधन कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने के कारण धनबाद और गोविंदपुर में संपत्ति निबंधन का कार्य लगभग एक माह से गंभीर रूप से प्रभावित है। एसोसिएशन का कहना है कि निबंधन कार्य प्रभावित होने का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। लोग अपनी जमीन और मकान से संबंधित दस्तावेजों के निबंधन के लिए परेशान हैं। कई जरूरी सेवाओं के लंबित रहने से लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
खरीद-बिक्री से लेकर दान और बंटवारे तक के काम प्रभावित
निबंधन कार्य प्रभावित रहने से संपत्ति की खरीद-बिक्री, दान, बंटवारा समेत कई प्रकार के दस्तावेजों के निबंधन में परेशानी होने की बात कही गई है। इसके अलावा प्रमाणित प्रति (Certified Copy), NEC और निबंधन कार्यालय से जुड़ी अन्य सेवाओं के लिए भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने बताया कि निबंधन से संबंधित दस्तावेज कई लोगों के लिए बेहद जरूरी होते हैं। ऐसे में इन सेवाओं में देरी होने से संपत्ति से जुड़े दूसरे कानूनी और वित्तीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
बैंक और होम लोन की प्रक्रिया पर भी असर
ज्ञापन में कहा गया है कि संपत्ति खरीदने वाले लोगों के बैंक लोन और होम लोन की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। कुछ मामलों में ऋण की किस्त अथवा EMI शुरू हो जाने के बावजूद संपत्ति का निबंधन नहीं हो पाने से संबंधित लोगों की परेशानी बढ़ रही है। एसोसिएशन के अनुसार, निबंधन में देरी होने से संपत्ति खरीदने वालों के सामने वित्तीय और प्रशासनिक दोनों तरह की दिक्कतें पैदा हो रही हैं।
न्यायालयीन मामलों में प्रमाणित प्रति की समस्या
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि संपत्ति से जुड़े न्यायालयीन मामलों में कई बार निबंधित दस्तावेजों और उनकी प्रमाणित प्रतियों की आवश्यकता होती है। निबंधन कार्यालय में काम प्रभावित रहने के कारण ऐसी प्रमाणित प्रतियां समय पर नहीं मिलने से संबंधित पक्षों को परेशानी हो रही है। इसका असर संपत्ति विवादों से जुड़े मामलों में आवश्यक दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया पर भी पड़ने की बात कही गई है।
निबंधन से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित
निबंधन कार्य बाधित रहने का असर सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं है। एसोसिएशन ने कहा कि इससे निबंधन कार्य से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े अधिवक्ता, डीड राइटर, टाइपिस्ट, मुंशी और अन्य कर्मियों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। लंबे समय तक काम प्रभावित रहने से इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न होने की बात प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में रखी।
सरकार के राजस्व पर भी पड़ सकता है असर
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मुद्दा उठाया कि संपत्ति निबंधन लंबे समय तक प्रभावित रहने से सरकार को मिलने वाले स्टाम्प शुल्क और निबंधन शुल्क के राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एसोसिएशन ने मांग की कि आम जनता को होने वाली परेशानी के साथ-साथ राजस्व संग्रह की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए निबंधन व्यवस्था को जल्द सामान्य किया जाए।
अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के प्रधान सचिव से अनुरोध किया कि SIR जैसे महत्वपूर्ण कार्य के साथ आम जनता से जुड़े निबंधन कार्य को भी निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए पर्याप्त वैकल्पिक या अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए। साथ ही धनबाद और गोविंदपुर में संपत्ति निबंधन कार्य को तत्काल पूर्ण क्षमता के साथ शुरू कराने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने की मांग की गई।
प्रधान सचिव ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन
एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.पी. मुखर्जी और सचिव चंद्र शेखर चौधरी के अनुरोध पर भाजपा नेता मुकेश पांडेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने यह मामला उठाया। प्रतिनिधिमंडल में मनोज सिंह भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि निबंधन व्यवस्था सामान्य होने से आम नागरिकों को राहत मिलेगी और लंबे समय से लंबित संपत्ति संबंधी कार्य पूरे हो सकेंगे।
बताया गया कि राज्यपाल के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने धनबाद उपायुक्त से बात कर आम नागरिकों को असुविधा नहीं होने देने और समस्या का निराकरण करते हुए निबंधन कार्य जल्द से जल्द सुचारू रूप से शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
Threesocieties News Desk 



