LIC Fraud Case: अनिल अंबानी पर CBI की FIR, ₹2,684 करोड़ निवेश धोखाधड़ी का आरोप

LIC Fraud Case में CBI ने रिलायंस कैपिटल और अनिल अंबानी के खिलाफ FIR दर्ज की। LIC ने ₹2,684.57 करोड़ के नुकसान और फंड डायवर्जन का आरोप लगाया है।

LIC Fraud Case: अनिल अंबानी पर CBI की FIR, ₹2,684 करोड़ निवेश धोखाधड़ी का आरोप
अनिल अंबानी पर CBI FIR, LIC को ₹2,684 करोड़ के नुकसान का आरोप।

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HighLights:

  • LIC निवेश मामले में CBI ने रिलायंस कैपिटल और अनिल अंबानी के खिलाफ FIR दर्ज की
  • LIC का आरोप- 2012 से 2018 के बीच ₹3,900 करोड़ के NCD में किया गया था निवेश
  • फंड डायवर्जन और खातों में हेरफेर से LIC को ₹2,684.57 करोड़ के नुकसान का दावा
  • CBI ने पूर्व अधिकारियों, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों को भी FIR में नामजद किया

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के साथ कथित निवेश धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने LIC की लिखित शिकायत के आधार पर रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (RCAP), उसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी, रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश सेठ, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

मामला LIC की ओर से रिलायंस कैपिटल में किए गए निवेश से जुड़ा है। शिकायत में कथित तौर पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, फंड के डायवर्जन/गबन और खातों में हेरफेर जैसे आरोप लगाए गए हैं।

₹3,900 करोड़ के NCD में LIC ने किया था निवेश

LIC के अनुसार, 12 अप्रैल 2012 से 9 मार्च 2018 के बीच उसने रिलायंस कैपिटल की ओर से जारी किए गए पांच नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) खरीदे थे। इनकी कुल कीमत करीब ₹3,900 करोड़ बताई गई है। शिकायत के मुताबिक, इन NCD को सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों, फंडिंग आवश्यकताओं और मौजूदा कर्ज के पुनर्वित्तपोषण के लिए जारी किया गया था। हालांकि, LIC ने आरोप लगाया है कि निवेश के लिए उसे कथित तौर पर गलत या भ्रामक जानकारी दी गई और बाद में निवेश की रकम का कथित तौर पर दूसरे उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया।

LIC को ₹2,684.57 करोड़ के नुकसान का आरोप

LIC की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर आपराधिक साजिश के तहत कंपनी में निवेश के लिए उसे प्रेरित किया और बाद में फंड का डायवर्जन किया। शिकायत में ₹2,684.57 करोड़ के नुकसान का दावा किया गया है। LIC का आरोप है कि कथित फंड डायवर्जन और अन्य अनियमितताओं से उसे आर्थिक नुकसान हुआ और आरोपियों को समान राशि का अनुचित लाभ पहुंचा। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल जांच का विषय हैं। FIR दर्ज होना अपने आप में आरोपों के साबित होने का प्रमाण नहीं है। मामले में CBI की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

अनिल अंबानी समेत कई लोगों के खिलाफ मामला

CBI की FIR में रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के अलावा कंपनी के पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी और ADAG के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश सेठ का नाम शामिल है। इसके अलावा FIR में अज्ञात सरकारी अधिकारियों और अन्य अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर फंड के डायवर्जन में किन-किन लोगों की भूमिका थी और निवेश की रकम का वास्तविक इस्तेमाल कहां हुआ।

CBI पता लगाएगी फंड का अंतिम इस्तेमाल

CBI के मुताबिक, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान कथित आपराधिक साजिश में शामिल लोगों की भूमिका, निवेश की रकम के अंतिम उपयोग और फंड के संभावित डायवर्जन की जानकारी जुटाई जाएगी। जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि निवेश से संबंधित निर्णयों में किसी सरकारी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की कोई भूमिका थी या नहीं।

यह पहली FIR नहीं

CBI ने बताया कि रिलायंस समूह की विभिन्न कंपनियों से जुड़े मामलों में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। जांच एजेंसी के अनुसार, रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom), रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (RCAP), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (RTL) के खिलाफ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, EPFO और LIC की शिकायतों पर पहले आठ FIR दर्ज की जा चुकी हैं। CBI के मुताबिक, इन मामलों में अब तक छह चार्जशीट दाखिल की गई हैं और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच

CBI ने कहा है कि इन मामलों की जांच जारी है और सुप्रीम कोर्ट इन मामलों की निगरानी कर रहा है। जांच एजेंसी ने कहा कि वह मामलों की व्यापक और तेजी से जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है। LIC से जुड़े मौजूदा मामले में अब जांच का फोकस निवेश की रकम के इस्तेमाल, कथित फंड डायवर्जन, संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों की भूमिका तथा पूरे घटनाक्रम में संभावित आपराधिक साजिश का पता लगाने पर रहेगा।