CWG 2026: जूडो में भारत का ऐतिहासिक डबल गोल्ड,अस्मिता-हर्ष ने रचा इतिहास,यामिनी ने जीता सिल्वर
CWG 2026 में भारत ने जूडो में इतिहास रचते हुए 2 गोल्ड और 1 सिल्वर जीता। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने स्वर्ण पदक जीतकर नया कीर्तिमान बनाया, जबकि यामिनी मौर्य ने सिल्वर हासिल किया। वहीं नीरज चोपड़ा ने जेवलिन फाइनल में 80.97 मीटर के पहले थ्रो से दमदार शुरुआत की और अरशद नदीम का पहला प्रयास फाउल रहा।
Highlights:
- भारत ने जूडो में एक ही दिन जीते 2 गोल्ड और 1 सिल्वर
- अस्मिता डे ने भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स इतिहास का पहला जूडो गोल्ड दिलाया
- हर्ष सिंह पहले भारतीय पुरुष जूडो खिलाड़ी बने जिन्होंने जीता गोल्ड
- यामिनी मौर्य ने 57 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता
ग्लासगो (Threesocieties.com Desk): कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। भारतीय खिलाड़ियों ने जूडो में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने देश के खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। कुछ ही मिनटों के अंतराल में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत को दोहरी खुशी दी, जबकि यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वहीं दूसरी ओर स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने फाइनल में 80.97 मीटर के पहले थ्रो के साथ दमदार शुरुआत की, जबकि पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम का पहला प्रयास फाउल रहा।
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अस्मिता डे ने रचा इतिहास
त्रिपुरा की 23 वर्षीय अस्मिता डे ने महिला 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में कनाडा की हाइडी क्वाच को हराकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। फाइनल मुकाबले की शुरुआत उनके लिए कठिन रही। शुरुआती दौर में वह पीछे थीं और उन्हें पेनल्टी भी मिली, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर किया। मुकाबला गोल्डन स्कोर तक पहुंचा, जहां अस्मिता ने निर्णायक युको हासिल कर गोल्ड अपने नाम कर लिया।
15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दिलाया दूसरा गोल्ड
अस्मिता की जीत के महज 15 मिनट बाद दिल्ली के 23 वर्षीय हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज को 10-0 से हराकर भारत को दूसरा गोल्ड दिला दिया। चार मिनट तक चले मुकाबले में दोनों खिलाड़ी बराबरी पर थे, लेकिन अंतिम क्षणों में हर्ष ने शानदार तकनीक का प्रदर्शन करते हुए निर्णायक अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी भी बन गए।
यामिनी मौर्य ने जीता सिल्वर
महिला 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में यामिनी मौर्य ने शानदार संघर्ष किया, लेकिन इंग्लैंड की एसेल्या टोपराक के खिलाफ गोल्डन स्कोर में तीसरी शिडो मिलने के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने भारत के लिए रजत पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।
भारत की पदक तालिका मजबूत
जूडो में मिले दो गोल्ड और एक सिल्वर के बाद भारत के खाते में अब 5 स्वर्ण, 11 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 20 पदक हो गए हैं। इससे भारत ने पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
नीरज चोपड़ा की दमदार शुरुआत
स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने फाइनल में अपने पहले ही प्रयास में 80.97 मीटर का थ्रो किया। पहले राउंड के बाद इंग्लैंड के बेन ईस्ट उनसे थोड़ी बढ़त पर रहे, जबकि पाकिस्तान के अरशद नदीम का पहला प्रयास फाउल हो गया। नीरज के पास अभी पांच और प्रयास बाकी हैं और उनसे स्वर्ण पदक की बड़ी उम्मीदें हैं। उनका मुकाबला अरशद नदीम, एंडरसन पीटर्स और रुमेश पथिराजे जैसे मजबूत खिलाड़ियों से है।
बॉक्सिंग में भी भारत का दबदबा
जूडो के अलावा बॉक्सिंग में भी भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारतीय टीम के सात मुक्केबाज फाइनल में पहुंच चुके हैं। महिलाओं में प्रीति पवार, जैस्मीन लम्बोरिया, साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी और प्रिया घंघास स्वर्ण पदक के लिए उतरेंगी, जबकि पुरुष वर्ग में अंकुश पंघाल और जादुमणि सिंह गोल्ड मुकाबला खेलेंगे।
भारत के लिए गोल्डन डे
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का यह दिन भारतीय खेल इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। जूडो में पहली बार दो स्वर्ण पदक जीतकर भारत ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाई है। अब देश की निगाहें नीरज चोपड़ा और बॉक्सिंग फाइनल पर टिकी हैं, जहां भारत के पदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।




