नई दिल्ली: शीला दीक्षित द्वारा निधन से पहले सोनिया गांधी को लिखे गये लेटर से दिल्ली कांग्रेस में खलबली, माकन व चाको कटघरे में
दिल्ली की एक्स सीएम व स्टेट कांग्रेस की प्रसिडेंट शीला दीक्षित ने अपने निधन से तीन दिन पहले यूपीए (United Progressive Alliance) चेयरपर्सन सोनिया गांधी के नाम एक लेटर लिखा था. पार्टी सोर्सेज का कहना है कि शीला ने अपने लेटर में दिल्ली कांग्रेस के वर्तमान हालात और गुटबाजी के बारे में खुलकर जानकारी दी थी. कांग्रेस की ओर से इस लेटर के बारे में ऑफिसियल कोई पुष्टि नहीं हो रही है. कांग्रेस सोर्सेज का कहना है कि शीला ने सोनिया गांधी को लिखे लेटर में दिल्ली कांग्रेस के इंचार्ज पीसी चाको के साथ चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए इसके लिए अजय माकन को जिम्मेदार बताया था.शीला दीक्षित ने अपने आखिरी लेटर में लिखा था- 'मैं दिल्ली कांग्रेस को मजबूत करने के लिए फैसले ले रही हूं, लेकिन .... नेता के इशारे पर चलकर प्रभारी पीसी चाको बेवजह कदम उठा रहे हैं. 'जानबूझकर मेरे फैसलों में अड़ंगा लगाया जा रहा है.... आखिर में नतीजे बताते हैं कि कैसे तीसरे नंबर की कांग्रेस बिना गठजोड़ के दो नंबर पर आ गई.'शीला दीक्षित ने यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी को आठ जुलाई को यह लेटरलिखा था. शीला के लेटर के बाद मामले को सुलझाने के लिए सोनिया गांधी के करीब नेताओं ने शीला दीक्षित, अजय माकन और पीसी चाकों से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद मामले को हल करने का आश्वासन दिया था. उल्लेखनीय है कि यहां पर बता दें कि 81 वर्षीय शीला दीक्षित का 20 जुलाई की दोपहर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था.




