धनबाद में SFIC का शंखनाद, ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा नवाचार का मंच

धनबाद के ACIC IIT(ISM) Foundation में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज ईस्टर्न रीजन का शुभारंभ हुआ। बिहार, झारखंड और बंगाल के स्टार्टअप व ग्रेजुएट आवेदन कर सकेंगे।

धनबाद में SFIC का शंखनाद, ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा नवाचार का मंच
IIT ISM धनबाद में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज का भव्य आगाज।

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     HighLights:

  • एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन में SFIC ईस्टर्न रीजन का शुभारंभ
  • सांसद ढुलू महतो रहे मुख्य अतिथि, IIT(ISM)  के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा विशिष्ट अतिथि 
  • बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के स्टार्टअप व ग्रेजुएट कर सकते हैं आवेदन
  • ग्रामीण प्रतिभा, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय क्षमताओं को राष्ट्रीय मंच देने पर जोर

धनबाद (Threesocieties.com Desk): एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन, धनबाद में मंगलवार को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज (SFIC) – ईस्टर्न रीजन’ का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में नवाचार, उद्यमिता और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें बेहतर अवसर एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में सांसद ढुलू महतो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं प्रो. सुकुमार मिश्रा, निदेशक, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. धीरज कुमार, निदेशक, एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने अतिथियों, प्रतिभागियों और उपस्थितजनों का स्वागत करते हुए कहा कि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को उचित मंच और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

युवाओं को मिलेगा अपने आइडिया को आगे बढ़ाने का अवसर

इसके बाद डॉ. आकांक्षा सिन्हा, सीईओ, एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन ने सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के उद्देश्य, इसकी प्रमुख विशेषताओं तथा आवेदन और चयन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईस्टर्न रीजन की ओपन कैटेगरी में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के किसी भी क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा किसी भी विषय या स्ट्रीम से स्नातक (Graduate) युवा भी अपने अभिनव विचारों और समाधानों के साथ इस चुनौती में भाग ले सकते हैं। उन्होंने युवाओं, स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने और अपनी रचनात्मक सोच को समाधान के रूप में प्रस्तुत करने का आह्वान किया।

ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने पर जोर

मुख्य अतिथि श्री दुल्लू महतो ने अपने संबोधन में ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभा, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय क्षमताओं की पहचान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड के ग्रामीण इलाकों में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर मौजूद प्रतिभाओं और समस्याओं को नवाचार से जोड़कर ऐसे समाधान विकसित किए जा सकते हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमता और नए विचारों को सामने लाने की अपील की।

नवाचार और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके लिए व्यावहारिक और प्रभावी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। SFIC जैसे मंचों का उद्देश्य नए विचारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। आयोजकों ने बताया कि इस तरह की पहल से पूर्वी भारत के विभिन्न क्षेत्रों से सामने आने वाले नए आइडिया और स्टार्टअप्स को एक बेहतर इकोसिस्टम मिल सकेगा। इससे युवाओं में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और विकास की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रोफेसर धीरज कुमार, प्रोफेसर सौम्या सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष धनबाद महानगर श्रवण राय, सेवा फर्स्ट इनोवेशन कार्यक्रम के कार्यक्रम संयोजक मिल्टन पार्थ सारथी, सहसंयोजक रंजीत कुमार, बिल्लू मंडल अध्यक्ष हुलास दास सहित अन्य गणमान्य लोग एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा स्थानीय प्रतिभाओं को उचित अवसर प्रदान करने को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।