भाजपा विधायक की हत्या की कथित साजिश! गुमनाम चिट्ठी से मचा बवाल, जेल अधीक्षक समेत 4 पर FIR
भोजपुर के शाहपुर से भाजपा विधायक राकेश रंजन ओझा की हत्या की कथित साजिश का मामला सामने आया है। गुमनाम पत्र के आधार पर भागलपुर जेल अधीक्षक समेत चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
HighLights:
- भाजपा विधायक राकेश रंजन ओझा की हत्या की कथित साजिश का मामला सामने आया
- विधायक को मिले गुमनाम पत्र के आधार पर FIR दर्ज
- भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक समेत चार लोग नामजद
आरा (Threesocieties.com Desk): बिहार के भोजपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक राकेश रंजन उर्फ राकेश रंजन ओझा की हत्या की कथित साजिश का दावा करने वाले एक गुमनाम पत्र के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। विधायक की शिकायत पर करनामेपुर थाने में भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक समेत चार लोगों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह पूरा मामला विधायक को प्राप्त एक गुमनाम पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है और पुलिस इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है।
गुमनाम पत्र से सामने आया मामला
विधायक राकेश रंजन ओझा के अनुसार, 8 जुलाई को उनके पैतृक आवास ओझवलिया में डाक के माध्यम से एक गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ। पत्र पर प्रेषक के रूप में विकास कुमार, शाहपुर (भोजपुर) का नाम और पता दर्ज था। पत्र में दावा किया गया कि भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा में बंद कुछ आरोपी मिलकर विधायक की हत्या की कथित साजिश रच रहे हैं। पत्र में जेल प्रशासन के एक अधिकारी पर भी बंदियों को कथित रूप से विशेष सुविधा देने और उनसे अलग मुलाकात कराने का आरोप लगाया गया।
जेल अधीक्षक समेत चार लोग नामजद
विधायक के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में निम्नलिखित लोगों को नामजद किया गया है—
भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा के अधीक्षक राजीव कुमार झा
आरा कोर्ट बम ब्लास्ट मामले के आरोपी लंबू शर्मा
बक्सर जिले के जोगिया गांव निवासी कुबेर मिश्रा
करनामेपुर थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव निवासी हरीश मिश्रा
इन सभी पर विधायक की हत्या के लिए कथित आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया गया है।
हैंड ग्रेनेड और शूटर का भी दावा
गुमनाम पत्र में दावा किया गया कि विधायक की हत्या के लिए हैंड ग्रेनेड बम की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि लंबू शर्मा के कथित शूटर के जरिए इस घटना को अंजाम देने की योजना बनाई गई है। पत्र मिलने के बाद विधायक ने तत्काल पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी और पत्र जांच के लिए सौंप दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
करनामेपुर थाना पुलिस ने विधायक के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गुमनाम पत्र में लगाए गए आरोपों की हर पहलू से जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पत्र में किए गए दावे तथ्यात्मक हैं या नहीं। फिलहाल किसी भी आरोप की पुष्टि जांच से पहले नहीं की जा सकती।
पिता की हत्या के कारण मामला और संवेदनशील
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि विधायक राकेश रंजन ओझा के पिता और भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की वर्ष 2016 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 12 फरवरी 2016 को सोनबरसा बाजार के पास शादी समारोह से लौटते समय अपराधियों ने उन पर हमला किया था। उस मामले में भी कई आरोपित जेल भेजे गए थे।
2025 में भी हुआ था जानलेवा हमला
विधायक राकेश रंजन ओझा पर 16 अप्रैल 2025 को भी गोलीबारी की घटना हुई थी। उस मामले में शाहपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब नए गुमनाम पत्र के सामने आने के बाद पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संभावित संबंध है या नहीं।
जांच पूरी होने के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। गुमनाम पत्र में किए गए दावों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच एजेंसियां पत्र की सत्यता, उसमें दर्ज तथ्यों और नामजद आरोपितों की कथित भूमिका की विस्तार से पड़ताल कर रही हैं।




