पुनौराधाम में बनेगा भव्य जानकी मंदिर, सीतापुरम समेत नए धार्मिक केंद्र भी जुड़ेंगे

पुनौराधाम में भव्य माता जानकी मंदिर का निर्माण तेजी से जारी है। 2028 तक मंदिर पूरा होगा। सीतापुरम, सैटेलाइट टाउनशिप समेत कई धार्मिक व पर्यटन केंद्र विकसित होंगे।

पुनौराधाम में बनेगा भव्य जानकी मंदिर, सीतापुरम समेत नए धार्मिक केंद्र भी जुड़ेंगे
पुनौराधाम में भव्य जानकी मंदिर के साथ विकसित होंगे नए धार्मिक और पर्यटन केंद्र।

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     HighLights:

  • पुनौराधाम के भव्य माता जानकी मंदिर से सीता से जुड़े धार्मिक स्थल जुड़ेंगे
  • 31 दिसंबर 2028 तक मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
  • सीतापुरम और सैटेलाइट टाउनशिप भी समग्र विकास योजना में शामिल होंगे
  • मंदिर परिसर में म्यूजियम, ऑडिटोरियम, यज्ञ मंडप और महिला हाट बनेंगे

पटना (Threesocieties.com Desk): माता सीता की जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध पुनौराधाम के विकास की योजना अब केवल भव्य मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी। पुनौराधाम में बन रहे भव्य माता जानकी मंदिर के साथ सीतामढ़ी और आसपास के मां सीता से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी एक व्यापक धार्मिक एवं पर्यटन सर्किट से जोड़ने की योजना है।

इस पहल का उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को एक व्यापक आध्यात्मिक अनुभव उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही प्रस्तावित सीतापुरम और सैटेलाइट टाउनशिप जैसे विकास कार्यों को भी समग्र योजना में शामिल करने का प्रस्ताव है।

भव्य मंदिर का निर्माण तेजी से जारी

पर्यटन विभाग के अनुसार, पुनौराधाम में माता जानकी की जन्मभूमि पर प्रस्तावित भव्य मंदिर का निर्माण अब धरातल पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंदिर परिसर में विभिन्न भवनों की नींव और पिलर निर्माण का काम शुरू हो चुका है। परियोजना से जुड़े क्षेत्र में मिट्टी परीक्षण और सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। वहीं आवश्यक प्रक्रियाओं के साथ परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। मंदिर की चारदीवारी का निर्माण भी जारी है। निर्माण कार्य को सुगम बनाने के लिए पहुंच पथ के रूप में मिट्टी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।

31 दिसंबर 2028 तक पूरा होगा मंदिर निर्माण

सरकार ने भव्य माता जानकी मंदिर के निर्माण को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। 31 दिसंबर 2028 तक मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण कार्य के दौरान श्रद्धालुओं की नियमित पूजा-अर्चना और दर्शन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए अस्थायी काष्ठ मंडप में भगवान श्रीराम और माता सीता की प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। इस व्यवस्था के कारण निर्माण कार्य जारी रहने के बावजूद श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दर्शन कर सकेंगे।

मंदिर के साथ पूरा परिसर होगा विकसित

पुनौराधाम की प्रस्तावित विकास योजना में मंदिर के साथ-साथ पूरे परिसर को धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना है। इसमें परकोटा, यज्ञ मंडप, अनुष्ठान मंडप और पीठाधीश्वर निवास जैसी संरचनाएं शामिल हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए म्यूजियम, ऑडिटोरियम, महिला हाट, तीर्थयात्रा सुविधा केंद्र और प्रेक्षागृह विकसित किए जाने की योजना है। वीआईपी और संतों के ठहरने के लिए अलग से निवास की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इस तरह पुनौराधाम को एक ऐसे बड़े धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है, जहां श्रद्धालुओं को पूजा-दर्शन के साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकें।

सीता से जुड़े दूसरे धार्मिक स्थल भी जुड़ेंगे

पुनौराधाम की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में सीतामढ़ी और आसपास स्थित मां सीता से जुड़े अन्य धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ना भी शामिल है। इससे पुनौराधाम आने वाले श्रद्धालु दूसरे महत्वपूर्ण स्थलों तक भी आसानी से पहुंच सकेंगे। इसके जरिए सीतामढ़ी को एक व्यापक धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की दिशा में काम होगा। प्रस्तावित सीतापुरम और सैटेलाइट टाउनशिप को भी इसी व्यापक विकास दृष्टिकोण से जोड़ने की योजना है।

मिथिला की कला-संस्कृति और स्थानीय शिल्प को मिलेगा बढ़ावा

पुनौराधाम मंदिर परियोजना का असर केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। इससे मिथिला की कला, संस्कृति और स्थानीय शिल्प को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के अनुसार, पुनौराधाम में मां जानकी की जन्मभूमि पर बन रहा भव्य मंदिर सीतामढ़ी में धार्मिक पर्यटन को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण प्रकल्प है। इसके माध्यम से मिथिला की कला-संस्कृति और स्थानीय शिल्प को बढ़ावा देने के साथ रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ेंगे।

पुनौराधाम बनेगा बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र

कुल मिलाकर पुनौराधाम का विकास केवल एक भव्य मंदिर के निर्माण की परियोजना नहीं है। मंदिर के साथ धार्मिक स्थलों को जोड़ने, सीतापुरम और सैटेलाइट टाउनशिप जैसे विकास घटकों को शामिल करने तथा श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना से सीतामढ़ी को बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।31 दिसंबर 2028 तक मंदिर निर्माण पूरा होने के लक्ष्य के साथ आने वाले वर्षों में पुनौराधाम में धार्मिक पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों के और विस्तार की उम्मीद है।