बिहार: 1 अक्टूबर से विक्रमशिला सेतु पर ब्रेक, 3 महीने बंद रहेगा पुल; चलेंगे जहाज
भागलपुर का विक्रमशिला सेतु 1 अक्टूबर से तीन महीने के लिए बंद रहेगा। BRO मरम्मत करेगा। इस दौरान गंगा में यात्री व मालवाहक जहाज चलाने की तैयारी है।
HighLights:
- 1 अक्टूबर से तीन महीने के लिए विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद रहेगा
- BRO की टीम 29-30 सितंबर तक भागलपुर पहुंचकर मरम्मत कार्य संभालेगी
- स्लैब, एक्सपेंशन ज्वाइंट और बियरिंग बदलने के साथ सेतु का मजबूतीकरण होगा
- सेतु बंद रहने के दौरान यात्री और मालवाहक जहाजों के परिचालन की तैयारी
भागलपुर (Threesocieties.com Desk): बिहार के भागलपुर में गंगा पर बने महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु पर एक अक्टूबर से आवागमन बंद होने जा रहा है। क्षतिग्रस्त सेतु के पुनर्स्थापन और मजबूतीकरण के लिए करीब तीन महीने तक पुल को बंद रखने की तैयारी है। इस दौरान सेतु पर मरम्मत का व्यापक काम कराया जाएगा। लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए गंगा में यात्री और मालवाहक जहाज चलाने की तैयारी भी की जा रही है।
मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) को दी गई है। बेली ब्रिज खोलने और पुनर्स्थापन कार्य शुरू करने के संबंध में बीआरओ को पत्र भेजा जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, 29-30 सितंबर तक BRO की पूरी टीम भागलपुर पहुंच जाएगी।
1 अक्टूबर से बंद होगा विक्रमशिला सेतु
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, खगड़िया प्रमंडल के वरीय परियोजना अभियंता शशिभूषण सिंह के अनुसार, एक अक्टूबर से बेली ब्रिज खोलने संबंधी सरकार के निर्णय की विधिवत सूचना मिल चुकी है। इसके बाद मरम्मत और पुनर्स्थापन का काम शुरू किया जाएगा।सेतु को करीब तीन महीने तक बंद रखकर विभिन्न तकनीकी कार्य किए जाएंगे। इसमें क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के साथ-साथ स्लैब, एक्सपेंशन ज्वाइंट और बियरिंग बदलने तथा सेतु के मजबूतीकरण का काम शामिल है। मरम्मत कार्य से संबंधित कई सामान पंजाब और हरियाणा से भागलपुर पहुंच चुका है। बाकी आवश्यक सामग्री भी काम शुरू होने से पहले पहुंचने की तैयारी है।
त्योहारों के बीच बढ़ सकती है लोगों की परेशानी
विक्रमशिला सेतु बंद होने का समय भी महत्वपूर्ण है। एक अक्टूबर से दुर्गापूजा के आसपास शुरू होने वाली त्योहारों की आवाजाही के बीच लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दुर्गापूजा से लेकर छठ तक बड़ी संख्या में लोग दूसरे शहरों से भागलपुर और आसपास के इलाकों में अपने घर लौटते हैं। इसके बाद त्योहार खत्म होने पर प्रवासी वापस कामकाजी शहरों की ओर लौटते हैं। इस अवधि में ट्रेनों में पहले से ही लंबी वेटिंग चलने की स्थिति है। विक्रमशिला एक्सप्रेस, एलटीटी, अंग एक्सप्रेस और सूरत एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में कंफर्म टिकट हासिल करना यात्रियों के लिए चुनौती बन सकता है।
ट्रेन के साथ सड़क संपर्क की भी चुनौती
विक्रमशिला सेतु बंद होने से सिर्फ भागलपुर के यात्रियों की परेशानी नहीं बढ़ेगी, बल्कि नवगछिया और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों पर भी इसका असर पड़ेगा। नवगछिया, बिहपुर, कटिहार और पूर्णिया क्षेत्र के कई लोग भागलपुर आकर ट्रेन पकड़ते हैं। इसी तरह भागलपुर के यात्री भी नवगछिया रेलखंड से चलने वाली ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में एक तरफ ट्रेनों में भीड़ और लंबी वेटिंग और दूसरी तरफ विक्रमशिला सेतु बंद रहने के कारण सड़क संपर्क प्रभावित होने से यात्रियों के सामने वैकल्पिक रास्तों की चुनौती रहेगी।
गंगा में चलेंगे यात्री और मालवाहक जहाज
सेतु बंद रहने के दौरान लोगों की परेशानी कम करने के लिए प्रशासन ने गंगा में यात्री और मालवाहक जहाजों के परिचालन की तैयारी शुरू कर दी है। अब तक यात्री जहाजों के लिए सात आवेदन प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है। मालवाहक जहाजों के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी चल रही है। प्रशासन की तैयारी के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा के लिए जहाजों पर गोताखोर, लाइफ जैकेट और सुरक्षा बल की व्यवस्था रहेगी।
ओवरलोड वाहनों पर भी रहेगी नजर
गंगा के रास्ते मालवाहक वाहनों के आवागमन की स्थिति में ओवरलोडिंग रोकना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी। बाबूपुर और हाई लेवल घाट पर परिवहन टीम को ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। मालवाहक जहाज संचालकों को गंगा पार कराने वाले ट्रकों के लोडिंग बिल की जांच करने और ओवरलोड वाहनों को जहाज पर नहीं चढ़ाने की हिदायत दी जाएगी। डीएम अलंकृता पांडेय ने खनन विभाग के अधिकारियों को भी समय-समय पर जांच करने का निर्देश दिया है।
गंगा का जलस्तर भी चिंता का कारण
विक्रमशिला सेतु बंद किए जाने के बीच गंगा के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर है। फिलहाल गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बताया गया है। 20 सितंबर को होने वाली बैठक में जिला प्रशासन मौजूदा स्थिति और आगे की व्यवस्था को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगा। जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
तीन महीने तक वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहेंगे लोग
विक्रमशिला सेतु भागलपुर के लिए सड़क संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में तीन महीने तक इसके बंद रहने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे जिलों से आने-जाने वाले यात्रियों और माल परिवहन पर भी असर पड़ने की संभावना है। प्रशासन फिलहाल जहाज सेवा, ट्रैफिक नियंत्रण और ओवरलोडिंग पर निगरानी के जरिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने में जुटा है। अब देखना होगा कि सेतु की मरम्मत के दौरान तैयार की गई ये व्यवस्थाएं त्योहारों की भारी भीड़ और रोजमर्रा के यातायात का दबाव किस तरह संभाल पाती हैं।
Anjala Kumar 



