दिल्ली में कोयला मंत्री से मिले BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल, झरिया मास्टर प्लान व कोल प्रोडक्शन पर मंथन

नई दिल्ली में BCCL के CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी से मुलाकात कर झरिया मास्टर प्लान, कोयला उत्पादन, परिवहन और BCCL की परिचालन क्षमता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

दिल्ली में कोयला मंत्री से मिले BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल, झरिया मास्टर प्लान व कोल प्रोडक्शन पर मंथन
कोयला उत्पादन, परिवहन और मुनाफे पर फोकस।

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  • झरिया मास्टर प्लान (JMP) समेत कोयला क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई
  • कोयला उत्पादन, डिस्पैच और परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर 
  • BCCL की उत्पादकता, लाभप्रदता और परिचालन क्षमता बढ़ाने के उपायों पर विचार 
  • आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप देश की ऊर्जा सुरक्षा में BCCL की भूमिका को और मजबूत बनाने पर सहमति 

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और कोयला उत्पादन को नई गति देने की दिशा में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और केंद्र सरकार के बीच महत्वपूर्ण स्तर पर चर्चा हुई। शुक्रवार 3 जुलाई 2026 को BCCL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) मनोज कुमार अग्रवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से शिष्टाचार मुलाकात की।

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बैठक के दौरान BCCL और देश के कोयला क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इनमें झरिया मास्टर प्लान (JMP), कोयला उत्पादन, डिस्पैच, परिवहन व्यवस्था, परिचालन प्रदर्शन और BCCL के समक्ष मौजूद अन्य प्रमुख चुनौतियां शामिल रहीं। बैठक में विशेष रूप से BCCL की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक के उपयोग, बेहतर संसाधन प्रबंधन और परिचालन दक्षता में सुधार के जरिए कंपनी के प्रदर्शन को और मजबूत बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई।

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झरिया कोलफील्ड क्षेत्र देश के सबसे महत्वपूर्ण कोकिंग कोल भंडारों में से एक माना जाता है। ऐसे में झरिया मास्टर प्लान की प्रगति और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से विचार किया गया। यह योजना झरिया क्षेत्र में भूमि धंसान और भूमिगत आग जैसी समस्याओं के समाधान के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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बैठक में कोयला उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिस्पैच और परिवहन व्यवस्था में सुधार के उपायों पर भी चर्चा हुई। सरकार और BCCL दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि देश में बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए कोयला क्षेत्र की दक्षता और उत्पादन क्षमता बढ़ाना आवश्यक है।

इस दौरान दोनों पक्षों ने आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए BCCL की भूमिका को और सशक्त करने पर सहमति व्यक्त की। कुशल, सुरक्षित और सतत कोयला उत्पादन के माध्यम से देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संयुक्त प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार और BCCL के बीच इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकों से न केवल कंपनी के प्रदर्शन में सुधार होगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।