बिहार: सुरक्षा पर सम्राट सरकार का यू-टर्न! लालू-राबड़ी को फिर मिली Z सिक्योरिटी, बुलेटप्रूफ गाड़ी भी बहाल
बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की Z श्रेणी की सुरक्षा फिर से बहाल करने का फैसला लिया है। दोनों को बुलेटप्रूफ गाड़ी भी मिलेगी। एक महीने पहले सुरक्षा में कटौती को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई थी।
HighLights:
- लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को फिर से Z श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी।
- बिहार सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के बाद फैसला बदला।
- दोनों नेताओं को बुलेटप्रूफ गाड़ी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
- एक महीने पहले सुरक्षा में कटौती के फैसले पर जमकर राजनीति हुई थी।
- 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास खाली करने के बाद बदली रणनीति की चर्चा।
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति में पिछले एक महीने से चर्चा का विषय बनी पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सुरक्षा समीक्षा के बाद सरकार ने दोनों नेताओं को दोबारा Z श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उनके काफिले में बुलेटप्रूफ गाड़ी भी शामिल की जाएगी।
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सूत्रों के अनुसार, गृह विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया है। हालांकि शुक्रवार देर रात तक इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई थी। राजद नेताओं का कहना है कि उन्हें मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से इस फैसले की जानकारी मिली है और अभी तक कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
एक महीने पहले हटाई गई थी सुरक्षा
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने चार जून को लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती करते हुए उनकी Z प्लस सुरक्षा वापस ले ली थी। हालांकि उनके आवास पर हाउस गार्ड, निजी सुरक्षा कर्मी और बी-सैप जवानों की तैनाती जारी रखी गई थी। उस समय सरकार की ओर से बुलेटप्रूफ वाहन भी उपलब्ध कराया गया था।
लेकिन सुरक्षा श्रेणी में कटौती से नाराज लालू परिवार ने सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया था।
बंगला विवाद और सुरक्षा समीक्षा का कनेक्शन
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राबड़ी देवी द्वारा 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली कर कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में शिफ्ट होने के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया आकलन किया। इसी के बाद सुरक्षा बहाल करने का फैसला लिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि निजी आवास में स्थानांतरण के बाद सुरक्षा प्रबंधन की आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
क्या होती है Z श्रेणी की सुरक्षा?
Z श्रेणी की सुरक्षा देश की प्रमुख सुरक्षा श्रेणियों में शामिल है। इस सुरक्षा व्यवस्था में लगभग 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इनमें हथियारबंद सुरक्षा गार्ड, निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO), एस्कॉर्ट वाहन और सुरक्षा काफिले में शामिल अन्य कर्मी होते हैं।इस श्रेणी के तहत संबंधित व्यक्ति को बुलेटप्रूफ वाहन भी उपलब्ध कराया जाता है। आम तौर पर सुरक्षा काफिले में तीन से पांच वाहन शामिल होते हैं और दो पीएसओ चौबीसों घंटे सुरक्षा में तैनात रहते हैं।
सुरक्षा कटौती पर हुई थी जमकर सियासत
लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में कटौती के फैसले को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई थी। 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास से सुरक्षाकर्मियों के हटने के बाद राजद कार्यकर्ताओं ने खुद सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली थी।
कार्यकर्ता शिफ्ट के अनुसार आवास के बाहर पहरा देते दिखाई दिए थे। इस दौरान जब लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और अन्य परिवार के सदस्य बाहर निकलते थे तो उनके साथ सरकारी सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं होती थी। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया था।
चुनावी साल में बदले फैसले के राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सरकार का यह फैसला सियासी रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा बहाली को लेकर अब एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
फिलहाल, आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि सुरक्षा व्यवस्था में किन-किन प्रावधानों को शामिल किया गया है और दोनों नेताओं को किस स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।






