भागलपुर: विक्रमशिला पुल पर फिलहाल नहीं लगेगा ब्रेक, 29 अगस्त से बंदी टली; 15 दिन और जारी रहेगा आवागमन
Vikramshila Setu News: गंगा में बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की आशंका के चलते विक्रमशिला सेतु को 29 अगस्त से बंद करने का फैसला टल गया है। मरम्मत कार्य 15 दिन आगे बढ़ाया गया है।
HighLights:
- 29 अगस्त से विक्रमशिला सेतु बंद करने का फैसला फिलहाल टला
- गंगा के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ को देखते हुए मरम्मत कार्य 15 दिन आगे बढ़ाया गया
- नई तारीख गंगा का जलस्तर सामान्य होने के बाद तय होगी
- भागलपुर-नवगछिया समेत पूर्वी बिहार की बड़ी आबादी को मिली राहत
भागलपुर (Threesocieties.com Desk): बिहार के भागलपुर और आसपास के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। गंगा नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विक्रमशिला सेतु को 29 अगस्त से बंद करने का फैसला फिलहाल टाल दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मरम्मत कार्य को करीब 15 दिन और आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है।
इस फैसले के बाद अब नई तारीख तय होने तक विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन पहले की तरह जारी रहेगा। इससे भागलपुर, नवगछिया और कोसी क्षेत्र के साथ-साथ पूर्वी बिहार के उन जिलों के लोगों को बड़ी राहत मिली है, जिनके लिए विक्रमशिला सेतु गंगा पार आने-जाने का प्रमुख रास्ता है।
गंगा के उफान के बीच पुल बंद करना पड़ सकता था भारी
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए 29 अगस्त की आधी रात से पुल पर यातायात पूरी तरह रोकने की तैयारी थी। मरम्मत कार्य करीब तीन महीने चलने का अनुमान था। इस दौरान भागलपुर और नवगछिया के बीच सीधा सड़क संपर्क प्रभावित होता।प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गंगा में जहाज चलाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन फिलहाल गंगा के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए यह व्यवस्था भी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में पुल बंद होने पर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए विक्रमशिला सेतु को बंद करने की तारीख आगे बढ़ाने की मांग लगातार उठ रही थी।
जिला प्रशासन ने भी 15 दिन तारीख बढ़ाने का भेजा था प्रस्ताव
भागलपुर जिला प्रशासन की ओर से पथ निर्माण विभाग के सचिव को पत्र भेजकर पुल बंद करने की तारीख कम से कम 15 दिन आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। पत्र में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति का हवाला दिया गया था। प्रशासन का मानना था कि पुल बंद करने की तारीख आगे बढ़ने से वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा। अब राज्य सरकार ने भी इसी दिशा में कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारियों को विक्रमशिला सेतु की बंदी 15 दिन और टालने के निर्देश दिए हैं।
श्रावणी मेला और त्योहारों को देखते हुए भी राहत
विक्रमशिला सेतु के रास्ते बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। फिलहाल श्रावणी मेला भी चल रहा है और 28 अगस्त तक बड़ी संख्या में कांवरिया नवगछिया, कटिहार, सहरसा, बेगूसराय, पूर्णिया, मधेपुरा और सिलीगुड़ी समेत विभिन्न क्षेत्रों से बाबाधाम जा रहे हैं।ऐसे समय में पुल बंद होने से यात्रियों और कांवरियों को अतिरिक्त परेशानी होती। इसके अलावा आने वाले दिनों में दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहार भी हैं। कई स्थानीय संगठनों और नेताओं ने त्योहारों को देखते हुए पुल बंद करने का फैसला टालने की मांग की थी। अब सरकार के फैसले से लोगों को फिलहाल राहत मिल गई है।
गंगा का जलस्तर कम होने के बाद तय होगी नई तारीख
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक जितेंद्र कुमार के मुताबिक गंगा का जलस्तर बढ़ने, संभावित बाढ़ और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य की तिथि आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर कम होने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू करने की नई तारीख तय की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक उफनती गंगा के बीच मरम्मत कार्य शुरू करने में तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। बीआरओ को भी इस फैसले की जानकारी दे दी गई है। वहीं, सेतु को दो हिस्सों में बांटकर अलग-अलग चरणों में पुनर्स्थापन कार्य कराने की बात से अधिकारियों ने इनकार किया है।
बेली ब्रिज हटाकर बनाया जाएगा ट्रस स्ट्रक्चर
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर फिलहाल बने अस्थायी बेली ब्रिज को हटाकर स्थायी ढांचे के तहत नए स्लैब लगाए जाएंगे। पुनर्स्थापन कार्य के दौरान कई हिस्सों में स्टील स्ट्रक्चर तैयार किया जाना है। क्षतिग्रस्त हिस्से में करीब 35 मीटर लंबा ट्रस ब्रिज बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा नवगछिया की ओर 12 मीटर तथा भागलपुर की ओर 24-24 मीटर के हिस्से में भी ट्रस स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इससे पहले संबंधित हिस्सों में स्टील गर्डर लगाए जाने हैं। इसके साथ ही पुल के बेयरिंग बदले जाएंगे और एक्सपेंशन ज्वाइंट का भी काम किया जाएगा।
मरम्मत के बाद दो लेन में चलेगा पुल
विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य में करीब तीन महीने लगने का अनुमान है। काम पूरा होने के बाद पुल को दो लेन में संचालित करने की योजना है। पुनर्स्थापन के बाद पुल पर 30 टन तक के वाहनों के परिचालन की योजना बनाई गई है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती गंगा के जलस्तर और मौसम की स्थिति है। इसी कारण सरकार ने मरम्मत शुरू करने के बजाय कुछ समय इंतजार करने का फैसला लिया है।अब सितंबर में गंगा के जलस्तर की स्थिति पर नजर रहेगी। इसके बाद अधिकारियों के आकलन के आधार पर विक्रमशिला सेतु को बंद कर पुनर्स्थापन कार्य शुरू करने की नई तारीख तय की जाएगी।
फिलहाल 29 अगस्त से पुल बंद नहीं होगा और भागलपुर-नवगछिया के बीच सड़क संपर्क पहले की तरह जारी रहेगा। इससे बाढ़ की आशंका के बीच पूर्वी बिहार के लोगों को बड़ी राहत मिली है।
Anjala Kumar 



