यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 17 IAS अफसरों के तबादले, दो मंडलायुक्त बदले
उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 17 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के दायित्व बदले। अलीगढ़ और मुरादाबाद के मंडलायुक्त समेत कई प्रमुख विभागों में नई तैनाती हुई। आंजनेय कुमार सिंह को आठवां सेवा विस्तार नहीं मिला।
Highlights:
- अलीगढ़ और मुरादाबाद के मंडलायुक्त भी बदले गए।
- ग्राम्य विकास, आयुष, नगर विकास, नियोजन और सहकारिता विभाग में भी बदलाव।
- आंजनेय कुमार सिंह को यूपी में आठवां सेवा विस्तार नहीं मिला
लखनऊ (Threesocieties.com Desk): उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार देर रात प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 17 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया है। इस फेरबदल में अलीगढ़ और मुरादाबाद के मंडलायुक्तों समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। सरकार के इस फैसले से प्रशासनिक महकमे में एक बार फिर बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिला है।
सरकार के आदेश के मुताबिक अलीगढ़ की मंडलायुक्त संगीता सिंह को मुरादाबाद का मंडलायुक्त बनाया गया है। वहीं राजस्व परिषद, प्रयागराज में सदस्य (न्यायिक) ओम प्रकाश आर्य को अलीगढ़ मंडलायुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव के साथ दोनों महत्वपूर्ण मंडलों के प्रशासनिक नेतृत्व में परिवर्तन हुआ है।
ग्राम्य विकास और आयुष विभाग में भी बड़ा बदलाव
ग्राम्य विकास विभाग में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। आयुक्त ग्राम्य विकास एवं सचिव ग्राम्य विकास विभाग गौरी शंकर प्रियदर्शी को महानिदेशक आयुष एवं मिशन निदेशक, राष्ट्रीय आयुष मिशन उत्तर प्रदेश बनाया गया है। वहीं महानिदेशक आयुष एवं मिशन निदेशक, राष्ट्रीय आयुष मिशन चैत्रा वी. को राजस्व परिषद, लखनऊ में सदस्य (प्रशासनिक) की जिम्मेदारी दी गई है। समाज कल्याण विभाग के सचिव प्रमोद कुमार उपाध्याय को आयुक्त ग्राम्य विकास बनाया गया है।
जल निगम और नगर विकास में भी बदलाव
नगर विकास विभाग के सचिव एवं उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के प्रबंध निदेशक तथा अमृत के राज्य मिशन निदेशक रवीन्द्र कुमार को इन दोनों पदों से अवमुक्त कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मासूम अली सरवर को उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के प्रबंध निदेशक और राज्य मिशन निदेशक, अमृत का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उन्हें सचिव नियोजन विभाग तथा महानिदेशक अर्थ एवं संख्या के पद से भी अवमुक्त किया गया है।
नियोजन और सहकारिता विभाग में नई जिम्मेदारियां
डॉ. राजशेखर को सचिव नियोजन विभाग तथा महानिदेशक अर्थ एवं संख्या की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता योगेश कुमार को प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) बनाया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग के सचिव कुमार प्रशान्त को आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता बनाया गया है। सचिवालय प्रशासन विभाग के सचिव गुर्राला श्रीनिवासुलु को सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग की जिम्मेदारी दी गई है।
सहकारी चीनी मिल संघ में भी फेरबदल
सहकारी चीनी मिल संघ से जुड़े अधिकारियों के पदों में भी बदलाव किया गया है। प्रतीक्षारत आईएएस अधिकारी अमृत पाल कौर को संयुक्त प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड बनाया गया है। वहीं संयुक्त प्रबंध निदेशक नवनीत सेहरा को इस पद से अवमुक्त कर दिया गया है।
उच्च शिक्षा और अन्य विभागों में भी बदलाव
कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा के विशेष सचिव देवेंद्र कुमार पाण्डेय को विशेष सचिव, उपभोक्ता मामले विभाग बनाया गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव को विशेष सचिव, पशुधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अमृत त्रिपाठी को राजस्व परिषद, प्रयागराज में सदस्य (न्यायिक) बनाया गया है। वहीं राजस्व परिषद, प्रयागराज में सदस्य (न्यायिक) ओम प्रकाश राय को विशेष सचिव, उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आंजनेय कुमार सिंह को नहीं मिला आठवां सेवा विस्तार
इस प्रशासनिक फेरबदल के बीच सिक्किम कैडर के आईएएस अधिकारी और पूर्व मुरादाबाद मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश में आठवां सेवा विस्तार नहीं मिला है। बताया गया है कि 14 अगस्त 2026 को यूपी में उनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि पूरी हो गई थी, जिसके बाद से वह अवकाश पर हैं। आंजनेय कुमार सिंह वर्ष 2015 से उत्तर प्रदेश में तैनात थे और उन्हें अब तक सात बार सेवा विस्तार मिल चुका था। पूर्व मंत्री आजम खां के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी आंजनेय कुमार सिंह का कार्यकाल काफी चर्चा में रहा था।
प्रशासनिक स्तर पर लगातार बदलाव
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से किए गए इस व्यापक फेरबदल में कई अहम विभागों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। मंडल स्तर से लेकर ग्राम्य विकास, आयुष, नगर विकास, नियोजन, सहकारिता, उच्च शिक्षा और पशुधन जैसे विभागों में अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।इस फेरबदल को प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।




