Dhanbad : BCCL की मुनीडीह माइंस में 500 मीटर नीचे उतरे आद्रा DRM, जानें क्या देखा

आद्रा DRM मुकेश गुप्ता ने BCCL के मुनीडीह प्रोजेक्ट में 500 मीटर नीचे उतरकर कोयला उत्खनन, रोड हेडर मशीन और उत्पादन व्यवस्था का निरीक्षण किया। जानें पूरी खबर।

Dhanbad : BCCL की मुनीडीह माइंस में 500 मीटर नीचे उतरे आद्रा DRM, जानें क्या देखा
मुनीडीह माइंस में आद्रा DRM का दौरा, खनन से डिस्पैच तक की ली जानकारी।

Advertisement

     Highlights:

  • आद्रा डीआरएम मुकेश गुप्ता के नेतृत्व में रेलवे अधिकारियों ने मुनीडीह प्रोजेक्ट का दौरा किया
  •  केज के माध्यम से भूमिगत खदान में करीब 500 मीटर की गहराई तक उतरकर निरीक्षण किया
  • रोड हेडर मशीन से कोयला उत्खनन और उत्पादन की प्रक्रिया को करीब से देखा
  • प्रेजेंटेशन के जरिए कोयला उत्पादन और डिस्पैच व्यवस्था की जानकारी दी गयी

धनबाद (Threesocieties.com Desk): आद्रा रेल मंडल के डीआरएम मुकेश गुप्ता के नेतृत्व में रेलवे अधिकारियों की टीम ने शनिवार को भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के पश्चिमी झरिया क्षेत्र स्थित मुनीडीह प्रोजेक्ट का दौरा किया। इस दौरान डीआरएम समेत रेलवे अधिकारियों ने भूमिगत खदान में करीब 500 मीटर की गहराई तक उतरकर कोयला उत्खनन और उत्पादन प्रक्रिया का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने खदान के भीतर रोड हेडर मशीन से हो रहे कोयला उत्खनन को प्रत्यक्ष रूप से देखा और मुनीडीह माइंस की कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

इस दौरे में बीसीसीएल और रेलवे के अधिकारियों के बीच खदान में कोयला उत्पादन, डिस्पैच व्यवस्था और खनन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। हालांकि, निरीक्षण के बाद किसी नई रेलवे परियोजना, कोयला परिवहन समझौते या अन्य बड़े फैसले की आधिकारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आयी है।

500 मीटर नीचे उतरकर देखा कोयला उत्पादन

आद्रा मंडल के डीआरएम मुकेश गुप्ता के नेतृत्व में रेलवे अधिकारियों की टीम के मुनीडीह पहुंचने पर बीसीसीएल के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद अधिकारियों को मुनीडीह प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली और कोयला उत्पादन से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी गयी। प्रेजेंटेशन और अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद रेलवे की टीम केज के माध्यम से भूमिगत खदान में उतरी। टीम ने करीब 500 मीटर की गहराई में पहुंचकर खनन कार्यों का जायजा लिया।

अधिकारियों ने रोड हेडर मशीन से कोयला काटने और उत्खनन की प्रक्रिया को नजदीक से देखा। भूमिगत खदान में निरीक्षण के दौरान रेलवे अधिकारियों ने वहां चल रहे उत्पादन कार्यों और खदान की कार्यप्रणाली को समझा। इस दौरान बीसीसीएल के अधिकारियों ने उन्हें खनन से जुड़ी तकनीकी और परिचालन संबंधी जानकारी दी।

प्रेजेंटेशन के जरिए समझी मुनीडीह माइंस की कार्यप्रणाली

दौरे के दौरान बीसीसीएल की ओर से मुनीडीह प्रोजेक्ट की उत्पादन और डिस्पैच व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। रवि कुमार ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से माइंस की कार्यप्रणाली, कोयला उत्पादन और डिस्पैच से जुड़ी व्यवस्थाओं का विवरण प्रस्तुत किया। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने भूमिगत खदान का निरीक्षण किया। करीब 500 मीटर नीचे जाकर उन्होंने रोड हेडर मशीन से होने वाले उत्खनन और उत्पादन गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस तरह दौरे के दौरान अधिकारियों को मुनीडीह प्रोजेक्ट में कोयला उत्पादन की प्रक्रिया को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला।

BCCL के निदेशक तकनीकी ने किया स्वागत

मुनीडीह प्रोजेक्ट के दौरे के दौरान बीसीसीएल के निदेशक तकनीकी (ऑपरेशन) संजय कुमार सिंह ने आद्रा डीआरएम मुकेश गुप्ता का स्वागत किया। इसके बाद बीसीसीएल के अधिकारियों ने रेलवे की टीम को खदान के उत्पादन और डिस्पैच से संबंधित जानकारी दी।पश्चिमी झरिया क्षेत्र के महाप्रबंधक वी. विजय कुमार समेत बीसीसीएल के अन्य अधिकारियों ने भी दौरे में भाग लिया। खदान के भीतर निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भूमिगत खनन प्रक्रिया और उत्पादन व्यवस्था को करीब से देखा।

रेलवे और BCCL के कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस दौरे में आद्रा रेल मंडल की ओर से एडीआरएम अमित कंचन, सीनियर डिवीजनल इंजीनियर (कोऑर्डिनेशन) रमेश सिंह, सीनियर डीसीएम विकास कुमार, सीनियर डीओएम सचेंद्र कुमार वर्मा, डीईएन नॉर्थ राजेश कुमावत और डीएससी ओम प्रकाश मोहंती समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।

वहीं, बीसीसीएल की ओर से पश्चिमी झरिया क्षेत्र के महाप्रबंधक वी. विजय कुमार, एजीएम सुनील कुमार पांजा, एरिया सेफ्टी ऑफिसर विद्या शंकर वर्णवाल, एरिया पर्सनल मैनेजर संतोष दास रत्नाकर, पवन लकड़ा, प्रोजेक्ट ऑफिसर डॉ. सनी राव, भृगु नाथ तिवारी और रईस आलम समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

क्या रेलवे और BCCL के बीच किसी बड़े फैसले की तैयारी है?

आद्रा डीआरएम और रेलवे अधिकारियों का मुनीडीह प्रोजेक्ट का दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसमें रेलवे तथा बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने खदान की उत्पादन और डिस्पैच व्यवस्था को करीब से समझा। कोयला उत्पादन और उसके परिवहन से जुड़ी व्यवस्थाएं रेलवे तथा कोयला कंपनियों के परिचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण होती हैं। हालांकि, इस दौरे के दौरान किसी नयी रेल परियोजना, कोयला ढुलाई से जुड़े समझौते, अतिरिक्त परिवहन सुविधा या किसी अन्य बड़े निर्णय की आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी। इसलिए इस निरीक्षण को किसी नये समझौते या परियोजना की मंजूरी से जोड़ना फिलहाल उचित नहीं होगा।