धनबाद: रामकनाली में अवैध कोयला खनन के दौरान भू-धंसान, दो की मौत; महिला गंभीर घायल
धनबाद के रामकनाली में अवैध कोयला खनन के दौरान चाल धंसने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल है। हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई।
HighLights:
- धनबाद के रामकनाली में अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा
- चाल धंसने से एक महिला और एक पुरुष की मौत, एक घायल
- कोयला चुनने के दौरान अचानक धंसी जमीन,हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी
- बंद परियोजना क्षेत्र में जमीन पर बड़ी-बड़ी दरारें
धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड के धनबाद जिले के कतरास क्षेत्र में रविवार को अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। रामकनाली ओपी क्षेत्र के केशलपुर कुम्हार पट्टी और बंद परियोजना के बट्टू बाबू बंगला के समीप कोयला चुनने के दौरान अचानक चाल धंस गई। इस हादसे में एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह कुछ पुरुष और महिलाएं बंद परियोजना क्षेत्र में जलावन के लिए कोयला चुनने गए थे। इसी दौरान अचानक जमीन धंस गई और ऊपर से कोयले व मिट्टी का मलबा गिर पड़ा। देखते ही देखते वहां मौजूद लोग मलबे की चपेट में आ गए।हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों और सहयोगियों ने काफी मशक्कत के बाद मलबे से लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल कतरास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां सीमा देवी का इलाज किया जा रहा है। उनके बाएं पैर में गंभीर चोट आई है।
दो लोगों की मौत, एक महिला घायल
हादसे में मृतकों में राजबाड़ी केवट टोला निवासी मूंगिया देवी (40 वर्ष) की पहचान हुई है। वहीं दूसरे मृतक की पहचान पुरुष के रूप में बतायी गयी है। घटना के बाद मृतकों के परिजन और ग्रामीण शवों को लेकर अपने घर चले गए। घायल सीमा देवी ने बताया कि चार महिलाएं जलावन के लिए कोयला लेने गई थीं। इसी दौरान अचानक ऊपर से भू-धंसान हो गया। मलबा गिरने के कारण वहां अफरातफरी मच गई। लोगों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
जमीन में पड़ी बड़ी-बड़ी दरारें
हादसे के बाद बंद परियोजना क्षेत्र और आसपास की जमीन पर बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने लगी हैं। इससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहले भी भू-धंसान और जमीन धंसने की घटनाएं होती रही हैं। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि हादसे के समय घटनास्थल पर मौजूद कुछ अन्य लोग भी मलबे में दबे हो सकते हैं। हालांकि, कितने लोग घटनास्थल पर थे और कितने लोग प्रभावित हुए, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बट्टू बाबू बंगला क्षेत्र में पहले भी रहा है भू-धंसान का खतरा
रामकनाली का बट्टू बाबू बंगला और आसपास का क्षेत्र पुराने खनन क्षेत्रों के कारण संवेदनशील माना जाता है। भूमिगत खनन के बाद जमीन के नीचे खाली स्थान बनने से कई जगहों पर सतह की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में सामान्य दिखाई देने वाली जमीन भी अचानक धंस सकती है। रविवार की घटना ने एक बार फिर बंद और पुराने खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अवैध कोयला खनन के दौरान हादसे का खतरा
धनबाद के कोयला क्षेत्रों में कई जगहों पर लोग जलावन या अन्य जरूरतों के लिए असुरक्षित स्थानों से कोयला चुनते हैं। पुराने भूमिगत खनन क्षेत्रों, गोफ और कमजोर जमीन के ऊपर जाना बेहद जोखिमपूर्ण हो सकता है। जमीन के नीचे खाली जगह होने की स्थिति में ऊपर की सतह का भार अचानक बढ़ने पर भू-धंसान हो सकता है। इसके अलावा जमीन में दरार, गैस या धुआं निकलना और मिट्टी का लगातार खिसकना संभावित खतरे के संकेत हो सकते हैं।
जमीन में दरार दिखे तो तुरंत रहें दूर
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र में अचानक जमीन में दरार दिखाई दे, जमीन धंसती नजर आए, किसी स्थान से धुआं या गैस निकलती दिखे अथवा पानी तेजी से जमीन के अंदर जाने लगे, तो ऐसे स्थान पर जाने से बचना चाहिए। ग्रामीणों को बच्चों और मवेशियों को भी ऐसे इलाकों से दूर रखना चाहिए। खतरे की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और खनन प्रबंधन को सूचना देकर स्थल की घेराबंदी तथा तकनीकी जांच कराना जरूरी है।
सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी जांच की जरूरत
रामकनाली की घटना ने बंद परियोजना और पुराने खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था तथा निगरानी की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। हादसे के बाद प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी सर्वे, जमीन की स्थिरता की जांच और जोखिम वाले स्थानों की पहचान जरूरी है। साथ ही, लोगों को अवैध खनन या असुरक्षित स्थानों से कोयला चुनने से रोकने के लिए प्रशासन और खनन प्रबंधन को प्रभावी कदम उठाने होंगे। फिलहाल हादसे में मृतकों और घायलों की संख्या तथा घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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