बॉडी से ऑपरेशन कर पांच गोलियां निकलीं, एक गोली सीना व एक हाथ अभी भी है फंसी
बैंक मोड़ में गोलीबारी में 22 मार्च को जख्मी मटकुरिया रेलवे कॉलोनी निवासी रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह मिशन हॉस्पिटल व एम्स दिल्ली में इलाज करा कर 44 दिन बाद शनिवार को अपने घर लौट अाया. अब वह चलता-फिरता है और बोलता है. डॉक्टरों ने उपेंद्र को आराम करने की सलाह दी है. उपेंद्र के सीने व बायें हाथ में एक-एक गोली अभी फंसी हुई है. उसके बॉडी से पांच गोली ऑपरेन कर निकाली जा चुकी है. कार सवार उपेंद्र को सरेशाम बैंक मोड़ में सात गोलियां मारी गयी थी. ‘हमें तो अपनों ने मारा, गैरों में कहां दम था’ घर को आग लगी घर के चिराग से उपेंद्र ने गोलीबारी की घटना के बारे में बताया कि घर को आग लग गयी घर के चिराग से. सगा ही उसके खून का प्यासा निकला. जिस चचेेरे भाई पिंटू सिंह के लिए क्या-किया न किया, अाज वही पिंटू मेरी जान का दुश्मन हो गया है. हमें तो अपनों ने मारा गैरों में कहां दम था-मेरी कश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था. भगवान का शुक्र व लोगों की दुआ से मैं मौत के मुंह से निकला हूं. घटना में मेरे अपने चचेरे भाई पिंटू सिंह व सिंटू सिंह के साथ-साथ राजेश चौहान, प्रिंस खान व ऋतिक खान का हाथ है. प्रोफेशनल शूटरों ने गोली मारी थी. एक साथ सात गोलियां फायर कर पूरी मैगजीन खाली कर दी गयी. शूटर उसे मरा समझ कर छोड़ कर गये थे. वह कार की अगली सीट पर बैठा था. अगर उसके साथ कोई लड़का होता तो वह शूटरों को दबोच लेता. मौके से कुछ दूरी पर मौजूद उसके एक साथी ने शूटरों पर ईंट चलाया था. पुलिस व कानून पर भरोसा उपेंद्र ने कहा कि बैंक मोड़ थाना में केस दर्ज है. पुलिस व कानून पर भरोसा है कि उसे न्याय मिलेगा. उपेंद्र ने कहा कि उसके सगे तीन भाई की मौत हो चुकी है. उसने चचेरे भाई पिंटू व सिंटू को रोजगार दिया. ट्रू व्हीलर रिकवरी का काम दिया. वह क्रिमिनल राजेश चौहान को घर पर बैठाता है. उसने पिंटू से कहा कि राजेश को घर पर लाकर मत बैठाओ. नाराजगी का यही कारण है. वह तो दूसरों का भला करता है.




