Jamshedpur: 15 लाख की सुपारी, 11 गोलियां और दुमका जेल कनेक्शन... निखार सबलोक हत्याकांड में 6 गिरफ्तार
जमशेदपुर के होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया। दुमका जेल में साजिश, 15 लाख की सुपारी और UP के शूटर द्वारा 11 गोलियां चलाने का खुलासा हुआ। मामले में छह गिरफ्तारियां हुई हैं।
HighLights:
- UP के शूटर अंकित सिंह ने निखार पर दागीं 11 गोलियां, हत्या के बाद रांची भागा
- चांडिल की 3.5 एकड़ जमीन बनी विवाद की मुख्य वजह, छह आरोपी गिरफ्तार
- सोनारी में छिपे थे शूटर, हत्या के बाद I-10 कार से भागकर रांची पहुंचे
- अखिलेश सिंह-गणेश सिंह गिरोहों की अदावत का एंगल भी पुलिस जांच में सामने आया
जमशेदपुर (Threesocieties.com Desk): चर्चित होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। 24 अगस्त को हुई इस सनसनीखेज हत्या की साजिश दुमका जेल में रची गई थी। पुलिस के अनुसार, निखार सबलोक को रास्ते से हटाने के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी और उत्तर प्रदेश से बुलाए गए शूटर ने ताबड़तोड़ 11 गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी।
हत्याकांड की जांच में चांडिल के 3.5 एकड़ जमीन विवाद, आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई और अंतरराज्यीय शूटर नेटवर्क का कनेक्शन सामने आया है। जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दो पिस्तौल, एक कार और छह मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब और सरायकेला एसपी मनोज सुवर्गीयारी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा किया।
दुमका जेल में बनी थी हत्या की योजना
पुलिस की जांच के मुताबिक निखार सबलोक की हत्या की साजिश दुमका जेल में तैयार हुई थी। इसके बाद बाहर मौजूद आरोपियों ने शूटरों से संपर्क किया और उन्हें जमशेदपुर बुलाया गया। जांच में सामने आया है कि उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से शूटर अंकित सिंह को बुलाया गया था। शूटरों के जमशेदपुर पहुंचने के बाद उनके रहने और खाने की व्यवस्था सोनारी इलाके में की गई। सरायकेला एसपी के अनुसार, सुशील केराई ने शूटरों को सोनारी में ठहराने की व्यवस्था की थी। उसी ने शूटरों को निखार सबलोक की पहचान कराई और वारदात के लिए जरूरी स्थानीय मदद उपलब्ध कराई।
यूपी के शूटर अंकित ने मारीं 11 गोलियां
पुलिस के अनुसार वारदात वाले दिन निखार सबलोक टाटा-रांची हाईवे स्थित होटल टेंथ माइल स्टोन के पास मौजूद थे। सोनारी निवासी रितेश सिंह ने शूटरों को निखार की मौजूदगी की जानकारी दी, जबकि सुनील रजक गाड़ी चला रहा था। इसके बाद उत्तर प्रदेश से आए शूटर अंकित सिंह ने निखार पर 11 गोलियां चलाईं। गोलीबारी के बाद वह अपने साथियों के साथ आई-10 कार से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी रांची की ओर भागे और टोल प्लाजा से निकलने के बाद कार को रांची में लावारिस हालत में छोड़ दिया। इसके बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। होटल टेंथ माइल स्टोन के सीसीटीवी फुटेज में अंकित सिंह की तस्वीर भी पुलिस को मिली है।
15 लाख रुपये की दी गई थी सुपारी
एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब के अनुसार, निखार सबलोक की हत्या के लिए अशोक सिंह राघव ने 15 लाख रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस जांच में हत्या की मुख्य वजह चांडिल इलाके में जमीन को लेकर चल रहा विवाद सामने आया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अशोक सिंह राघव को पुलिस इस मामले का प्रमुख आरोपी मान रही है। हिरासत के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चांडिल की 3.5 एकड़ जमीन बनी विवाद की जड़
पुलिस जांच में चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा-आसनबनी मार्ग पर स्थित करीब 3.5 एकड़ जमीन का विवाद सामने आया है। बताया गया है कि निखार सबलोक पिंजरा पहाड़िया इलाके में एनएच-33 के किनारे होटल प्रोजेक्ट की तैयारी कर रहे थे। इसी जमीन को लेकर अलग-अलग पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि जमीन विवाद में किन-किन लोगों की भूमिका थी और हत्या की सुपारी के लिए 15 लाख रुपये की व्यवस्था किसने की थी।
अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोह से भी जुड़ा कनेक्शन
पुलिस जांच में हत्याकांड के तार जमशेदपुर के चर्चित अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोहों के बीच चली आ रही आपसी अदावत से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस पूरे मामले को जमीन विवाद के साथ-साथ आपराधिक वर्चस्व की लड़ाई के एंगल से भी जांच रही है। हालांकि, इस पहलू से जुड़े अन्य आरोपों और संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
सोनारी में छिपे थे शूटर
सरायकेला एसपी मनोज सुवर्गीयारी के अनुसार, वारदात से पहले शूटर सोनारी इलाके में छिपे हुए थे। सुशील केराई ने उनके ठहरने की व्यवस्था की थी। उसने शूटरों को निखार की पहचान कराने के साथ-साथ रहने और खाने की व्यवस्था भी की। 24 अगस्त को हत्या के बाद शूटर आई-10 कार से मौके से निकले। पुलिस के अनुसार वे टोल प्लाजा से भी बचकर निकल गए और रांची पहुंचकर कार को लावारिस छोड़ दिया। पुलिस अब फरार शूटर और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
छह आरोपी गिरफ्तार, कई पर पहले से केस
पुलिस ने इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अशोक सिंह राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई, उत्तर प्रदेश के राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस और अंकित सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार अंकित सिंह पर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के कोतवाली देहात थाना में कई मामले दर्ज हैं। वहीं सुशील केराई, सुनील रजक और रितेश सिंह के खिलाफ भी अलग-अलग थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर हत्या में शामिल अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के निशाने पर फरार आरोपी और कथित सफेदपोश
निखार सबलोक हत्याकांड की जांच अब केवल शूटरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। एसआईटी उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर हत्या की साजिश, शूटरों की व्यवस्था और सुपारी की रकम के इंतजाम में भूमिका निभाई। जांच में कुछ अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि 15 लाख रुपये की सुपारी की रकम किस माध्यम से पहुंचाई गई और इस पूरी साजिश में कितने लोग शामिल थे।
चार राज्यों में SIT की छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी के निर्देश पर जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस की संयुक्त एसआईटी गठित की गई थी। एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब के नेतृत्व में गठित टीमों ने झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी छापेमारी की। पुलिस की कार्रवाई के बाद छह आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हुई। अब जांच का अगला फोकस फरार शूटर, साजिश में शामिल अन्य लोगों और जमीन विवाद की पूरी कड़ी को जोड़ने पर है।
पुलिस के सामने अब ये बड़े सवाल
निखार सबलोक हत्याकांड में छह गिरफ्तारियों के बाद भी कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं—
- 15 लाख रुपये की सुपारी के पीछे अंतिम तौर पर कौन था?
- दुमका जेल में साजिश की शुरुआत किसने की?
- 3.5 एकड़ जमीन विवाद में कौन-कौन लोग शामिल थे?
- यूपी के शूटरों को जमशेदपुर तक किसने पहुंचाया?
- हत्या के बाद रांची में कार छोड़ने की योजना किसने बनाई?
- फरार शूटर और अन्य आरोपियों की भूमिका क्या थी?
- क्या इस मामले में अन्य प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आएगी?
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड की पूरी तस्वीर और साफ हो सकती है।
Threesocieties News Desk 



