झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने DGP से की मांग, पुलिसकर्मियों को 5 दिन की छुट्टी, भादो मेला से भी मिले छूट
Jharkhand Police Association ने DGP से श्रावणी मेला 2026 में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को 5 दिन का अवकाश, सुसेवांक पुरस्कार और भादो-अढैया मेला ड्यूटी से छूट देने की मांग की है।
HighLights:
- झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने श्रावणी मेला में उत्कृष्ट सेवा देने वालों को ‘सुसेवांक’ पुरस्कार देने की मांग
- पुलिसकर्मियों के लिए 5 दिनों का अनुमति अवकाश मांगा
- श्रावणी मेला ड्यूटी करने वालों को भादो और अढैया मेला 2026 की ड्यूटी से छूट देने की मांग
- देवघर, दुमका और रेल धनबाद में तैनात पुलिसकर्मियों के कल्याण पर जोर
रांची (Threesocieties.com Desk): राजकीय श्रावणी मेला 2026 में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लंबे समय तक ड्यूटी में तैनात रहे झारखंड पुलिस के जवानों और पदाधिकारियों के लिए राहत की मांग उठी है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने पुलिस महानिदेशक (DGP), झारखंड को पत्र सौंपकर मेला ड्यूटी में शामिल पुलिसकर्मियों के कल्याण और मनोबल को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं।
एसोसिएशन के महामंत्री संजीव कुमार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि श्रावणी मेला की ड्यूटी अत्यंत महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण होती है। इस दौरान पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को लगातार भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। एसोसिएशन ने मेला ड्यूटी पूरी करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मान और राहत देने के लिए तीन प्रमुख मांगें DGP के समक्ष रखी हैं।
उत्कृष्ट सेवा देने वालों को ‘सुसेवांक’ पुरस्कार की मांग
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने देवघर, दुमका और रेल धनबाद जिला में श्रावणी मेला ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट, निष्ठापूर्वक और समर्पित सेवा देने वाले पुलिस पदाधिकारियों को ‘सुसेवांक’ पुरस्कार प्रदान करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि कठिन परिस्थितियों में बेहतर कार्य करने वाले जवानों और अधिकारियों को सम्मानित करने से उनका मनोबल बढ़ेगा और भविष्य में भी वे और अधिक उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
लगातार ड्यूटी के बाद 5 दिन का अनुमति अवकाश
एसोसिएशन ने श्रावणी मेला ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए 5 दिनों के अनुमति अवकाश की भी मांग की है। पत्र में कहा गया है कि मेला ड्यूटी के दौरान जवानों और अधिकारियों को लगातार लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। इससे उन पर मानसिक और शारीरिक दबाव भी पड़ता है। ऐसे में मेला समाप्त होने के बाद उन्हें आराम और परिवार के साथ समय बिताने के लिए पांच दिनों का अवकाश दिया जाना उचित होगा।
भादो और अढैया मेला ड्यूटी से छूट की मांग
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने एक और अहम मांग रखते हुए कहा है कि जो पुलिसकर्मी श्रावणी मेला 2026 में ड्यूटी कर चुके हैं, उन्हें आगामी भादो एवं अढैया मेला 2026 की ड्यूटी से मुक्त रखा जाए। एसोसिएशन ने सुझाव दिया है कि भादो और अढैया मेला में इन पुलिसकर्मियों के स्थान पर नए पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाए। इससे श्रावणी मेला में लगातार ड्यूटी करने वाले जवानों को पर्याप्त आराम मिल सकेगा और ड्यूटी का दबाव भी कम होगा।
अपने जिला और इकाई में लौटेंगे पुलिसकर्मी
एसोसिएशन ने पत्र में कहा है कि श्रावणी मेला समाप्त होने के बाद प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने पैतृक जिला, वाहिनी और इकाई में वापस लौटेंगे। ऐसे में उनके कल्याण को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को समय रहते आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया जाना जरूरी है। एसोसिएशन ने DGP से अनुरोध किया है कि संबंधित एसपी, एसएसपी और समादेष्टा को इस संबंध में जल्द उचित निर्देश जारी किए जाएं, ताकि मेला ड्यूटी से लौटने वाले पुलिसकर्मियों को नियमानुसार राहत और सुविधा मिल सके।
पुलिसकर्मियों के मनोबल पर जोर
एसोसिएशन का कहना है कि पुलिसकर्मी त्योहारों और बड़े आयोजनों के दौरान अपनी व्यक्तिगत सुविधाओं की परवाह किए बिना ड्यूटी निभाते हैं। श्रावणी मेला जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी पुलिस बल पर रहती है।ऐसे में उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मान, लगातार ड्यूटी के बाद आराम और अगली मेला ड्यूटी से अस्थायी राहत पुलिसकर्मियों के मनोबल के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब देखना होगा कि झारखंड पुलिस मुख्यालय एसोसिएशन की इन मांगों पर क्या निर्णय लेता है और श्रावणी मेला ड्यूटी से लौटने वाले पुलिसकर्मियों को 5 दिन का अनुमति अवकाश तथा भादो-अढैया मेला ड्यूटी से छूट देने के संबंध में क्या निर्देश जारी किए जाते हैं।
Anjala Kumar 



