JPSC-JSSC मेधा घोटाला: अभय तिवारी की पत्नी और भाई गिरफ्तार, CID के शिकंजे में पूरा भर्ती सिंडिकेट
JPSC-JSSC मेधा घोटाले में CID का बड़ा एक्शन। अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी गिरफ्तार। जांच में कथित परीक्षा सिंडिकेट और सरकारी नौकरी तक पहुंची धांधली की कड़ियां सामने आईं।
HighLights:
- अक्षय तिवारी JSSC-CGL पास करने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग में था कार्यरत
- अभय की पत्नी सुषमा कुमारी भी JSSC-CGL पास कर वित्त विभाग में नौकरी कर रही थी
- पूछताछ में अभय तिवारी ने परीक्षा धांधली के कथित बड़े सिंडिकेट का किया खुलासा
- CID अब तक 24 आरोपितों को कर चुकी है गिरफ्तार
रांची (Threesocieties.com Desk):झारखंड में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच कर रही CID ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी TDPL के मार्केटिंग मैनेजर और मामले के प्रमुख आरोपित अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर कथित तौर पर अनुचित तरीके से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने के आरोप हैं।
CID की जांच मूल रूप से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही थी। इसी जांच के दौरान परीक्षा संचालन कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) से जुड़े अभय तिवारी की भूमिका सामने आई।
जांच एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी ने अपनी पहुंच और कथित सेटिंग का इस्तेमाल कर खुद कई प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर रैंक हासिल की। इसके अलावा उस पर अपने रिश्तेदारों और अन्य अभ्यर्थियों को भी कथित तौर पर अनुचित तरीके से परीक्षा में सफलता दिलाने का आरोप है।
पत्नी और भाई दोनों सरकारी नौकरी में थे
CID के अनुसार गिरफ्तार अक्षय कुमार तिवारी, अभय तिवारी का भाई है। उसने JSSC-CGL परीक्षा पास की थी और वर्तमान में झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत था। उसने 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा भी पास की थी। वहीं अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी ने भी JSSC-CGL परीक्षा उत्तीर्ण की थी और वह वित्त विभाग में नौकरी कर रही थी।
CID ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और कथित साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया है। टीम मंगलवार को दोनों के घर पहुंची, पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया और फिर CID मुख्यालय लाया गया। दोनों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद कोर्ट के आदेश के अनुसार न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया होगी।
पूछताछ में अभय तिवारी ने खोला कथित परीक्षा सिंडिकेट का राज
CID की पूछताछ में अभय तिवारी ने कथित तौर पर JPSC और JSSC की परीक्षाओं में सक्रिय एक बड़े सिंडिकेट के बारे में जानकारी दी। जांच के अनुसार, इस नेटवर्क में पैसे लेकर अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि पेपर लीक से लेकर कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में रिमोट एक्सेस और OMR शीट में कथित हेराफेरी तक के तरीके अपनाए गए। जांच एजेंसी अब इन सभी आरोपों की कड़ियों को जोड़ रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।
आधा दर्जन से अधिक रिश्तेदारों पर भी जांच
जांच के दौरान अभय तिवारी के कई रिश्तेदारों के प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने की जानकारी सामने आई है। छात्र आंदोलन के दौरान लगाए गए एक पोस्टर में भी अभय तिवारी और उसके कथित रूप से सफल रिश्तेदारों के नाम सामने आए थे। CID इन सभी दावों का सत्यापन कर रही है। जांच में यदि किसी अभ्यर्थी की सफलता में अनियमितता या परीक्षा प्रक्रिया के दुरुपयोग के प्रमाण मिलते हैं तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
CID की गिरफ्तारी का आंकड़ा 24 पहुंचा
JPSC मेधा घोटाले की जांच में CID की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। मंगलवार को अक्षय तिवारी और सुषमा कुमारी की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपितों की संख्या 24 हो गई है। इससे पहले JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते, उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, TDPL के निदेशक रामवीर सिंह, अभय तिवारी समेत परीक्षा संचालन से जुड़े कई कर्मचारियों, तकनीकी कर्मियों, दलालों और कथित लाभार्थियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच का दायरा और बढ़ने के संकेत
CID की कार्रवाई से साफ है कि जांच अब सिर्फ परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों तक सीमित नहीं है। एजेंसी कथित तौर पर यह भी जांच रही है कि परीक्षा में अनुचित लाभ हासिल करने वाले अभ्यर्थियों और सरकारी नौकरी पाने वाले लोगों की भूमिका क्या रही। अभय तिवारी के रिश्तेदारों और उनसे जुड़े अन्य अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड का सत्यापन भी किया जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा नए खुलासे होने की संभावना है।
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