वेदांत ग्रुप का कमान संभालेगी प्रिया अग्रवाल हेब्बर,अनिल अग्रवाल ने दिए संकेत
अनिल अग्रवाल ने बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बर की वेदांता में भविष्य की बड़ी भूमिका के संकेत दिए। जानिए प्रिया की जिम्मेदारियां, बिहार के नंद घर प्रोजेक्ट और वेदांता की नई पीढ़ी की नेतृत्व योजना।
HighLights:
- अनिल अग्रवाल ने बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बर की भविष्य की बड़ी भूमिका के संकेत दिए
- प्रिया वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर व हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन भी हैं
- अनिल अग्रवाल ने वेदांता को अगले 200 वर्षों तक देश की प्रगति में योगदान देने की बात कही
- बिहार में वेदांता के नंद घर कार्यक्रम के तहत 1,000 आंगनवाड़ियों को आधुनिक बनाने की पहल हुई है
भुवनेश्वर (Threesocieties.com Desk): वेदांता समूह में नेतृत्व की अगली पीढ़ी को लेकर चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बड़ा संकेत दिया है। भुवनेश्वर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वेदांता समूह को जल्द ही युवा नेतृत्व मिलने वाला है और उनकी एकमात्र बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बर आने वाले समय में समूह में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगी। उनके इस बयान को वेदांता में संभावित नेतृत्व हस्तांतरण की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि, अनिल अग्रवाल ने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रिया अग्रवाल हेब्बर को भविष्य में समूह में कौन-सी औपचारिक सर्वोच्च जिम्मेदारी दी जाएगी। इसलिए उन्हें अभी आधिकारिक तौर पर वेदांता समूह की प्रमुख घोषित उत्तराधिकारी कहना उचित नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रिया पहले से ही वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं।
अगले 200 वर्षों तक वेदांता को आगे बढ़ाने की तैयारी
अनिल अग्रवाल ने कहा कि वेदांता सिर्फ मौजूदा पीढ़ी के लिए काम करने वाला समूह नहीं है। उनका लक्ष्य ऐसी संस्था तैयार करना है जो आने वाले लंबे समय तक देश की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति में योगदान करती रहे। उन्होंने वेदांता के अगले 200 वर्षों तक देश की विकास यात्रा में योगदान देने की बात कही। उनके मुताबिक किसी बड़े कारोबारी समूह की मजबूती सिर्फ उसके कारोबार और संपत्ति में नहीं, बल्कि नेतृत्व की निरंतरता और आने वाली पीढ़ी को समय पर जिम्मेदारी देने में भी होती है। यही वजह है कि प्रिया अग्रवाल हेब्बर की भूमिका को लेकर अनिल अग्रवाल का बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कौन हैं प्रिया अग्रवाल हेब्बर?
प्रिया अग्रवाल हेब्बर पहले से वेदांता समूह के शीर्ष प्रबंधन का हिस्सा हैं। वे Vedanta Limited में Non-Executive Director हैं और Hindustan Zinc Limited की Chairperson हैं। वे अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की डायरेक्टर भी हैं। वेदांता के आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार प्रिया ने यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक से साइकोलॉजी और बिजनेस मैनेजमेंट में स्नातक की डिग्री हासिल की है। वे समूह में ESG, इन्वेस्टर रिलेशंस, कॉरपोरेट कम्युनिकेशन, ह्यूमन रिसोर्स, डिजिटल और सोशल इंपैक्ट जैसे क्षेत्रों से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालती रही हैं। वेदांता के मुताबिक प्रिया समूह की ESG रणनीति, डीकार्बोनाइजेशन, वाटर पॉजिटिविटी, वर्कप्लेस सेफ्टी और कम्युनिटी वेलफेयर से जुड़े कामों में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं।
हिंदुस्तान जिंक की भी चेयरपर्सन
प्रिया अग्रवाल हेब्बर की जिम्मेदारी केवल वेदांता तक सीमित नहीं है। वह हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। वेदांता के अनुसार हिंदुस्तान जिंक जस्ता और चांदी के क्षेत्र में दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। इस तरह वेदांता समूह में उनकी मौजूदा भूमिका पहले से ही काफी महत्वपूर्ण है। अनिल अग्रवाल के ताजा बयान के बाद उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर कारोबारी जगत की नजरें अब वेदांता समूह की अगली घोषणा पर रहेंगी।
सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय हैं प्रिया
प्रिया अग्रवाल हेब्बर का काम केवल कॉरपोरेट बोर्डरूम तक सीमित नहीं है। वे अनिल अग्रवाल फाउंडेशन से जुड़े सामाजिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय हैं। वेदांता के अनुसार उनके नेतृत्व में समूह के नंद घर कार्यक्रम के जरिए देश के कई हिस्सों में आंगनवाड़ियों को आधुनिक केंद्रों में बदला गया है। इन केंद्रों में बच्चों की शुरुआती शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और महिलाओं के कौशल विकास पर जोर दिया जाता है।प्रिया पशु कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों में भी सक्रिय रही हैं। वे YODA की संस्थापक हैं और अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के TACO कार्यक्रम से भी जुड़ी हैं।
बिहार में भी पहुंचा वेदांता का 'नंद घर' अभियान
प्रिया की सामाजिक गतिविधियों के बीच बिहार के लिए वेदांता समूह की एक बड़ी पहल भी सामने आई है। जुलाई 2026 में वेदांता के नंद घर कार्यक्रम ने बिहार में प्रवेश करते हुए 1,000 आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक 'नंद घर' में बदलने के लिए समझौता किया। यह कार्यक्रम बच्चों के शुरुआती विकास, पोषण, स्वास्थ्य और महिलाओं के सशक्तीकरण पर केंद्रित है। वेदांता से जुड़े विवरण के अनुसार इस पहल से बिहार में बड़ी संख्या में बच्चों, महिलाओं और समुदाय के लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। नंद घरों में स्मार्ट लर्निंग, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, पोषण-स्वास्थ्य सेवाओं और महिलाओं के लिए कौशल विकास जैसी सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है। यह पहल अनिल अग्रवाल के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि बिहार उनका गृह राज्य है। वेदांता ने बिहार में नंद घर विस्तार को इसी भावनात्मक जुड़ाव से भी जोड़ा है।
₹6 लाख करोड़ की संपत्ति का दावा कितना सही?
सोशल मीडिया और कई रिपोर्टों में अनिल अग्रवाल की संपत्ति को करीब 6.3 बिलियन डॉलर यानी लगभग ₹6 लाख करोड़ बताया जा रहा है। हालांकि, किसी कारोबारी की व्यक्तिगत नेटवर्थ और पूरे कारोबारी समूह के कुल कारोबार/मार्केट वैल्यू को एक ही चीज मानना सही नहीं है। इसी तरह यह कहना कि प्रिया अग्रवाल हेब्बर को औपचारिक रूप से अभी ही "₹6 लाख करोड़ का साम्राज्य" सौंप दिया गया है, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी से पुष्ट नहीं होता। फिलहाल अनिल अग्रवाल ने उनकी भविष्य की सक्रिय भूमिका और उत्तराधिकार की दिशा में संकेत दिया है, जबकि प्रिया पहले से समूह की प्रमुख बोर्ड और सामाजिक जिम्मेदारियों में हैं।
19 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे थे अनिल अग्रवाल
अनिल अग्रवाल ने अपने कारोबारी सफर के बारे में बताते हुए कहा कि वह कम उम्र में अपने सपनों को लेकर मुंबई पहुंचे थे। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका कारोबारी सफर आगे चलकर वैश्विक स्तर तक पहुंचा। समय के साथ उन्होंने कारोबार का विस्तार किया और वेदांता को प्राकृतिक संसाधन, धातु, खनन, ऊर्जा, तेल एवं गैस जैसे क्षेत्रों में सक्रिय बड़े कारोबारी समूह के रूप में विकसित किया। वेदांता की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक अनिल अग्रवाल समूह के संस्थापक हैं और चार दशक से अधिक का कारोबारी अनुभव रखते हैं।
ओडिशा से वेदांता का पुराना जुड़ाव
भुवनेश्वर में अनिल अग्रवाल ने ओडिशा के साथ वेदांता के लंबे जुड़ाव की भी चर्चा की। उन्होंने राज्य में औद्योगिक विकास की संभावनाओं और समूह के निवेश का उल्लेख किया। वेदांता के ओडिशा में खनन और धातु क्षेत्र से जुड़े बड़े कारोबार हैं। हाल में कंपनी ने राज्य में अपने निवेश और औद्योगिक विस्तार को लेकर भी कई घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा आज देश के औद्योगिक मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान बना रहा है और वेदांता राज्य की विकास यात्रा में भागीदार बना रहना चाहता है।
नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में बड़ा संकेत
अनिल अग्रवाल का ताजा बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वेदांता समूह में प्रिया अग्रवाल हेब्बर पहले से ही बोर्ड स्तर पर सक्रिय हैं। कंपनी की आधिकारिक नेतृत्व सूची में अनिल अग्रवाल नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, नवीन अग्रवाल एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन, अरुण मिश्रा CEO एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और प्रिया अग्रवाल हेब्बर नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में दर्ज हैं। अब अनिल अग्रवाल के उत्तराधिकार संबंधी संकेत से यह साफ है कि वेदांता में अगली पीढ़ी की भूमिका बढ़ाने की तैयारी चल रही है। हालांकि, नेतृत्व हस्तांतरण की अंतिम संरचना, समयसीमा और प्रिया को मिलने वाली औपचारिक जिम्मेदारी की घोषणा अभी बाकी है।




