धनबाद में असर्फी अस्पताल पर निगम का बड़ा एक्शन! 3.27 करोड़ का जुर्माना, अवैध निर्माण तोड़ने का आदेश
धनबाद नगर निगम ने असर्फी अस्पताल पर स्वीकृत भवन मानचित्र से अधिक निर्माण, पार्किंग उल्लंघन और भवन नियमों के उल्लंघन पर 3.27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। 1335.30 वर्गमीटर अवैध निर्माण हटाने, फायर सेफ्टी NOC लेने और पार्किंग बहाल करने का आदेश जारी किया गया।
HighLights:
- असर्फी अस्पताल में स्वीकृत भवन मानचित्र से अधिक निर्माण की जांच में पुष्टि
- 1335.30 वर्गमीटर अवैध निर्माण हटाने का आदेश
- पार्किंग व्यवस्था बहाल करने और फायर सेफ्टी NOC लेने का निर्देश
- अस्पताल प्रबंधन ने कहा- गणना में त्रुटि, आदेश के खिलाफ करेंगे अपील
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद नगर निगम ने शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों में शामिल असर्फी अस्पताल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 3,27,64,750 रुपये का जुर्माना लगाया है। नगर निगम ने यह कार्रवाई झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 एवं झारखंड भवन उपविधि-2016 के तहत की है। साथ ही अस्पताल परिसर में किए गए 1335.30 वर्गमीटर असमायोज्य अवैध निर्माण को हटाने का आदेश भी दिया गया है। इसे नगर निगम की अब तक की सबसे बड़ी भवन उल्लंघन कार्रवाई माना जा रहा है।
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जांच में सामने आए कई गंभीर उल्लंघन
नगर निगम की ओर से भवन वाद संख्या-05/2025 के तहत असर्फी अस्पताल की विस्तृत जांच, संयुक्त निरीक्षण, दोबारा मापी और सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के बाद अंतिम आदेश जारी किया गया। जांच में पाया गया कि अस्पताल ने स्वीकृत भवन मानचित्र से अधिक निर्माण किया है। अतिरिक्त मंजिल, निर्धारित क्षेत्रफल से ज्यादा निर्माण, स्वीकृत पार्किंग व्यवस्था का उल्लंघन तथा भवन उपविधियों के अन्य प्रावधानों का भी पालन नहीं किया गया। इन्हीं अनियमितताओं के आधार पर निगम ने भारी जुर्माना लगाने का निर्णय लिया।
अवैध निर्माण हटाने और पार्किंग बहाल करने का आदेश
नगर निगम ने अस्पताल प्रबंधन को निर्धारित समय के भीतर: 3.27 करोड़ रुपये का जुर्माना जमा करने, 1335.30 वर्गमीटर अवैध निर्माण हटाने, स्वीकृत पार्किंग व्यवस्था बहाल करने, भवन की ऊंचाई 15 मीटर से अधिक होने के कारण फायर सेफ्टी NOC प्राप्त करने व सभी अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर आदेश का पालन नहीं किया गया तो अस्पताल के खिलाफ ध्वस्तीकरण, सीलिंग, बकाया राशि की वसूली और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा- पुराने बायलॉज के अनुसार हुआ निर्माण
असर्फी अस्पताल लिमिटेड के सीईओ हरेंद्र सिंह ने निगम की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अस्पताल भवन का निर्माण पुराने भवन उपविधियों के अनुसार किया गया था, जबकि नगर निगम ने नए बायलॉज के आधार पर गणना की है। उन्होंने कहा कि गणना में त्रुटि सुधार के लिए अपील की जाएगी। अस्पताल की ओर से किए गए सभी निर्माण और कार्य नियमानुसार हैं।
नगर आयुक्त बोले- कार्रवाई नहीं, नियमों का पालन कराना उद्देश्य
नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने कहा कि चुनावी कार्यों में निगम के अधिकारी और कर्मचारी व्यस्त होने के कारण अभियान कुछ समय के लिए धीमा था। अब बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण, भवन योजना से विचलन, पार्किंग और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ फिर से विशेष अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य कार्रवाई करना नहीं बल्कि सभी भवन स्वामियों और संस्थानों से नियमों का पालन कराना है। यदि किसी को किसी प्रकार की तकनीकी समस्या या त्रुटि लगती है तो वह निगम के अधिकारियों से संपर्क कर समाधान प्राप्त कर सकता है।
पहले भी 172 होटलों और बैंक्वेट हॉल पर हुई थी कार्रवाई
इससे पहले भी धनबाद नगर निगम बिना लाइसेंस संचालित 172 होटल, लॉज, धर्मशाला, बैंक्वेट हॉल और विवाह भवनों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। कई प्रतिष्ठानों पर भारी जुर्माना लगाया गया और अनेक संचालकों ने कार्रवाई के डर से लाइसेंस लेने के लिए आवेदन तथा जुर्माना जमा कराया था।
नगर निगम ने एक बार फिर शहर के सभी अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और भवन स्वामियों को चेतावनी दी है कि भवन निर्माण, विस्तार और उपयोग के दौरान झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 एवं भवन उपविधि-2016 का पूर्ण पालन करें, अन्यथा कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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