सोनिया गांधी की ‘Belonging’ पर Penguin का बड़ा यू-टर्न! कहा- अब हम किताब पब्लिश नहीं कर रहे’
Sonia Gandhi Book Belonging: सोनिया गांधी की किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ को लेकर Penguin India ने बड़ा बयान दिया है। जानें क्यों प्रकाशक नहीं कर रहा भारत में किताब प्रकाशित और HarperCollins क्यों रेस में आगे है।
Highlights:
- Penguin India ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल किताब का भारत में प्रकाशन नहीं कर रहा है
- Penguin ने माना कि वह सोनिया गांधी की किताब प्रकाशित करने के लिए बेहद उत्सुक था
- किताब के भारतीय प्रकाशन अधिकार हासिल करने की दौड़ में HarperCollins आगे बताया जा रहा है
- ‘Belonging’ 10 नवंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज होने वाली है
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित संस्मरण ‘Belonging: A Journey of Love’ रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई है। किताब के भारतीय प्रकाशन को लेकर चल रही अटकलों के बीच Penguin Random House India ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। प्रकाशक ने कहा है कि वह सोनिया गांधी की इस किताब को भारत में प्रकाशित नहीं कर रहा है, हालांकि वह इसे प्रकाशित करने के लिए बेहद इच्छुक था।
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— Penguin India (@PenguinIndia) August 28, 2026
Penguin India का यह बयान उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि सोनिया गांधी की ओर से मैन्युस्क्रिप्ट में कुछ संपादकीय बदलाव और हिस्सों को हटाने की मांग की गई थी। रिपोर्ट्स में कहा गया था कि इन बदलावों को लेकर सहमति नहीं बनने के बाद Penguin कथित तौर पर सौदे से पीछे हट गया। हालांकि, Penguin India ने इन दावों को सही तस्वीर नहीं बताया है। प्रकाशक के अनुसार, लेखक द्वारा संपादकीय सुझावों को स्वीकार नहीं करने के कारण किताब प्रकाशित नहीं करने की बात परिस्थितियों का पूरा और सही विवरण नहीं है।
‘हम किताब प्रकाशित करने के लिए बेहद उत्सुक थे’
Penguin India ने अपने बयान में यह जरूर स्वीकार किया कि वह सोनिया गांधी की संस्मरण को प्रकाशित करने के लिए काफी उत्सुक था। कंपनी ने यह भी संकेत दिया कि लेखक के साथ प्रकाशन को लेकर बातचीत हुई थी। प्रकाशक के मुताबिक, किसी भी किताब के प्रकाशन की प्रक्रिया में तथ्यों की जांच करना और लेखक को उसकी किताब के हित में संपादकीय सुझाव देना प्रकाशक का अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है। Penguin ने यह भी स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी और प्रकाशक के बीच हुई बातचीत की गोपनीय जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। यानी किताब के संपादन और प्रकाशन को लेकर वास्तविक बातचीत में क्या हुआ, इसका पूरा विवरण फिलहाल सामने नहीं आएगा।
HarperCollins के हाथ लग सकता है भारतीय प्रकाशन अधिकार
Penguin के इस फैसले के बाद सोनिया गांधी की किताब के भारतीय प्रकाशन अधिकार को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, HarperCollins India इस किताब के प्रकाशन और वितरण अधिकार हासिल करने के काफी करीब पहुंच गया है।अगर यह सौदा अंतिम रूप लेता है, तो भारत में सोनिया गांधी की संस्मरण को प्रकाशित करने की जिम्मेदारी HarperCollins के पास जा सकती है। हालांकि, भारतीय प्रकाशन अधिकारों को लेकर अंतिम आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
10 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज होगी किताब
सोनिया गांधी की ‘Belonging: A Journey of Love’ को Penguin Random House के अमेरिकी प्रतिष्ठित इम्प्रिंट Alfred A. Knopf की ओर से प्रकाशित किया जा रहा है। किताब की अंतरराष्ट्रीय रिलीज 10 नवंबर 2026 को निर्धारित है। किताब को लेकर सोनिया गांधी ने कहा है कि उनके परिवार के बारे में काफी कुछ लिखा गया है, लेकिन उनके मुताबिक उनकी प्रेरणाओं, फैसलों, काम और मानवीय कमजोरियों की वास्तविकता तक बहुत कम विवरण पहुंच पाए हैं। उनका मानना है कि यह संस्मरण पाठकों को पिछले करीब छह दशकों में भारत में आए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को देखने का एक अलग दृष्टिकोण देगा।
इटली के बचपन से नेहरू-गांधी परिवार तक का सफर
‘Belonging’ में सोनिया गांधी ने अपने जीवन के कई महत्वपूर्ण पड़ावों को सामने रखा है। संस्मरण की शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के इटली में उनके बचपन और वहां के जीवन से होती है। इसके बाद किताब में उनके भारत आने, राजीव गांधी के साथ उनके रिश्ते और विवाह तथा नेहरू-गांधी परिवार में उनके जीवन के अनुभवों का जिक्र है। यानी यह किताब सिर्फ एक राजनीतिक संस्मरण नहीं, बल्कि सोनिया गांधी की व्यक्तिगत यात्रा, पहचान, परिवार और भारत से उनके जुड़ाव की कहानी भी पेश करती है।
इंदिरा और राजीव गांधी की हत्या ने बदली जिंदगी
सोनिया गांधी के जीवन की दो सबसे बड़ी त्रासदियों का भी किताब में प्रमुखता से उल्लेख है। 1984 में उनकी सास और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या तथा इसके करीब सात साल बाद 1991 में उनके पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या ने सोनिया गांधी के जीवन की दिशा बदल दी। संस्मरण में इन घटनाओं के व्यक्तिगत प्रभाव और उसके बाद उनके जीवन में आए बदलावों को जगह दी गई है।
राजनीति में प्रवेश और 2004 का फैसला भी चर्चा में
सोनिया गांधी ने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखने के बाद राजनीतिक भूमिका स्वीकार की। किताब में उनके राजनीति में प्रवेश, कांग्रेस के नेतृत्व और राजनीतिक जीवन के अनुभवों का भी उल्लेख है। इसके अलावा 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने के उनके फैसले को भी संस्मरण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। यह फैसला भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित राजनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रहा है।
‘Belonging’ सिर्फ राजनीति नहीं, पहचान और रिश्तों की कहानी
सोनिया गांधी के अनुसार, अपने जीवन के बारे में लिखना उनके लिए आसान अनुभव नहीं था। उनका कहना है कि आत्मकथा लिखने का मतलब खुद को पूरी तरह खोलना और उन निजी पलों को सामने लाना था, जिन्हें उन्होंने लंबे समय तक अपने भीतर रखा। किताब में प्यार, पहचान, कर्तव्य, परिवार और भारत के सामाजिक-राजनीतिक बदलाव जैसे विषयों पर उनके विचार सामने आने की उम्मीद है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत में सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित किताब को आखिर कौन सा प्रकाशक पाठकों तक पहुंचाएगा। Penguin के स्पष्ट बयान के बाद HarperCollins के साथ संभावित भारतीय प्रकाशन सौदे पर सबकी नजर टिक गई है।फिलहाल अंतरराष्ट्रीय पाठकों के लिए किताब की रिलीज 10 नवंबर 2026 को तय है, जबकि भारत में इसके प्रकाशन को लेकर आधिकारिक तस्वीर जल्द साफ होने की उम्मीद है।
Anjala Kumar 



