पटना को जाम से बड़ी राहत: मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर और मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ शुरू

Patna News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 480 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर और मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इससे पटना जंक्शन, करबिगहिया और मीठापुर के जाम से राहत के साथ गया समेत दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पटना को जाम से बड़ी राहत: मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर और मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ शुरू
बिहार CM सम्राट चौधरी ने दी 480 करोड़ की सौगात।

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      HighLights:

  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर और मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ का लोकार्पण किया
  • 249 करोड़ की लागत से 1150 मीटर लंबा चार लेन मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर
  • 231.23 करोड़ रुपये की लागत से मीठापुर-सिपारा के बीच 2.1 किमी एलिवेटेड पथ
  • पटना जंक्शन, करबिगहिया और मीठापुर में ट्रैफिक दबाव घटने की उम्मीद

पटना (Threesocieties.com Desk):  राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या से लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें 249 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर, पहुंच पथ एवं सर्विस पथ तथा 231.23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ शामिल हैं।

इन दोनों परियोजनाओं के शुरू होने से मीठापुर, करबिगहिया, पटना जंक्शन, कंकड़बाग, न्यू बाईपास और महुली की ओर आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर पटना जंक्शन और करबिगहिया क्षेत्र में लंबे समय से लगने वाले जाम का दबाव कम करने में इन परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

480 करोड़ रुपये से अधिक की दो बड़ी परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री ने जिन दोनों परियोजनाओं का उद्घाटन किया, उनकी कुल लागत करीब 480.23 करोड़ रुपये है। पहली परियोजना मीठापुर बस स्टैंड से मीठापुर गोलंबर होते हुए नवनिर्मित करबिगहिया गोलंबर, फेज-एक तक फ्लाईओवर, पहुंच पथ एवं सर्विस पथ की है। इस पर करीब 249 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। वहीं दूसरी परियोजना मीठापुर-महुली-पुनपुन सड़क परियोजना के तहत मीठापुर से सिपारा के बीच निर्मित 2.1 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड पथ की है। इसकी लागत 231.23 करोड़ रुपये है। दोनों परियोजनाओं के चालू होने से पटना के इस अत्यधिक व्यस्त हिस्से में ट्रैफिक का संचालन पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर की खासियत

मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर को राजधानी के महत्वपूर्ण ट्रैफिक कॉरिडोर में शामिल किया जा रहा है। फेज-एक के तहत करीब 1150 मीटर लंबा चार लेन का फ्लाईओवर बनाया गया है। इसका कैरिजवे करीब 7.50 मीटर चौड़ा है। फ्लाईओवर के साथ पहुंच पथ और सर्विस रोड भी तैयार की गई है, जिससे मुख्य फ्लाईओवर के साथ-साथ स्थानीय आवागमन को भी बेहतर सुविधा मिल सके।इसका निर्माण पथ निर्माण विभाग की देखरेख में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने कराया है।

पटना जंक्शन और करबिगहिया का जाम होगा कम

मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर शुरू होने का सबसे बड़ा असर पटना जंक्शन और करबिगहिया इलाके के ट्रैफिक पर पड़ने की उम्मीद है। कंकड़बाग, मीठापुर और न्यू बाईपास की तरफ से आने वाले वाहनों को जीपीओ, आर-ब्लॉक और सचिवालय की ओर जाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं दूसरी दिशा से आने वाले वाहनों को भी न्यू बाईपास और महुली एलिवेटेड रोड की ओर जाने में सुविधा होगी। इससे पटना जंक्शन और करबिगहिया गोलंबर के आसपास वाहनों के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

रेल यात्रियों को भी मिलेगी बड़ी राहत

फ्लाईओवर परियोजना का सीधा फायदा पटना जंक्शन आने-जाने वाले रेल यात्रियों को भी मिलेगा। पटना जंक्शन के करबिगहिया छोर की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए सर्विस रोड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे स्टेशन के आसपास वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को भीड़भाड़ वाले मार्गों में फंसने का जोखिम पहले की तुलना में कम होने की उम्मीद है।

कृषि भवन, CNLU और NIFT पहुंचना होगा आसान

मीठापुर गोलंबर से पुराने बस स्टैंड क्षेत्र की ओर जाने वाले लोगों को भी इस परियोजना का लाभ मिलेगा। इस क्षेत्र में कृषि भवन, चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU) और NIFT जैसे महत्वपूर्ण संस्थान हैं। इन संस्थानों में रोजाना बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक, कर्मचारी और अन्य लोग आते-जाते हैं। फ्लाईओवर और पहुंच पथ शुरू होने से इस इलाके में आवागमन आसान होने की उम्मीद है।

मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ से दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत

दूसरी बड़ी परियोजना मीठापुर से सिपारा के बीच 2.1 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड पथ की है। यह मार्ग मीठापुर-महुली-पुनपुन परियोजना का हिस्सा है। इसका पहला चरण सिपारा से महुली-पुनपुन के बीच जून 2025 में शुरू हो चुका था। अब मीठापुर से सिपारा वाले हिस्से के शुरू होने के बाद दोनों हिस्सों की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इससे मीठापुर से महुली की ओर जाने वाले लोगों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से गुजरने में कम समय लगने की उम्मीद है।

मीठापुर से महुली तक सफर होगा आसान

मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ के शुरू होने से मीठापुर से महुली की ओर जाने वाले यात्रियों को बेहतर और अपेक्षाकृत निर्बाध मार्ग मिलेगा। इस कॉरिडोर के पूरा होने से मीठापुर से महुली तक करीब 9 किलोमीटर की दूरी को लगभग 7 से 8 मिनट में तय करने की बात कही जा रही है। इससे दक्षिण पटना के साथ-साथ पुनपुन और आगे के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

गया, जहानाबाद, औरंगाबाद और राजगीर जाने वालों को फायदा

इन परियोजनाओं का लाभ केवल पटना शहर तक सीमित नहीं रहेगा। मीठापुर-सिपारा-महुली एलिवेटेड कॉरिडोर के जरिए दक्षिण बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, अरवल और बिहारशरीफ-राजगीर की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए शहर के भीतर ट्रैफिक में फंसने का समय कम हो सकता है। विशेष रूप से गया की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए मीठापुर से महुली होते हुए आगे जाने वाला मार्ग महत्वपूर्ण होगा। गया धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है और यहां वर्षभर बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं।

डोभी IMC तक भी बेहतर कनेक्टिविटी

पटना से गया की ओर जाने वाले मार्ग के साथ-साथ डोभी में विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) की कनेक्टिविटी के लिहाज से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पटना शहर और एयरपोर्ट क्षेत्र से दक्षिण बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को इस नए कनेक्टिविटी कॉरिडोर से लाभ मिलने की उम्मीद है।

बाईपास से पटना शहर में प्रवेश होगा आसान

मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर के शुरू होने से न्यू बाईपास और मीठापुर के बीच आवागमन के लिए एक बेहतर विकल्प उपलब्ध हुआ है। बाईपास से पटना शहर की ओर आने वाले वाहनों को भीड़भाड़ वाले पुराने मार्गों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। वहीं शहर से बाईपास की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इससे मीठापुर, करबिगहिया और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने पैदल और वाहन से लिया जायजा

लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवनिर्मित फ्लाईओवर और आसपास की यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने पैदल चलकर तथा वाहन से परियोजना का निरीक्षण किया और यातायात संचालन एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि करबिगहिया-मीठापुर फ्लाईओवर के शुरू होने से पटना जंक्शन आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। मीठापुर बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों से संपर्कता बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि मीठापुर से महुली होते हुए पुनपुन की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी आवागमन आसान होगा। एलिवेटेड पथ से प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

पटना की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम

राजधानी पटना में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच फ्लाईओवर और एलिवेटेड रोड जैसी परियोजनाएं ट्रैफिक प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर के जरिए स्टेशन, मीठापुर, करबिगहिया, कंकड़बाग और बाईपास की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जबकि मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ दक्षिण पटना और दक्षिण बिहार की ओर जाने वाले मार्ग को सुगम बनाने में मदद करेगा।

परियोजनाओं से क्या-क्या फायदा होगा?

मीठापुर-करबिगहिया के बीच आवागमन सुगम होगा।
पटना जंक्शन और करबिगहिया क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद।
रेल यात्रियों को स्टेशन आने-जाने में सुविधा।
मीठापुर से न्यू बाईपास तक बेहतर कनेक्टिविटी।
कंकड़बाग और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को राहत।
पुराने बस स्टैंड, कृषि भवन, CNLU और NIFT तक पहुंच आसान।
मीठापुर-सिपारा-महुली कॉरिडोर की कनेक्टिविटी मजबूत।
दक्षिण बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों का समय बच सकता है।
गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, अरवल और राजगीर की ओर आवागमन आसान होगा।
पटना से गया और डोभी IMC की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद।

ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

लोकार्पण कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, विधायक श्याम रजक, विधायक अरुण मांझी, विधान पार्षद नवल किशोर यादव, विधान पार्षद रवीन्द्र प्रसाद सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, पुलिस महानिरीक्षक जीतेन्द्र राणा, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार, बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।